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  "title": "जोधपुर में पहली बार सजा बाबा श्याम का भव्य हिंडोला उत्सव, उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़",
  "summary": "राजस्थान के जोधपुर में बाबा श्याम के चल शीश के तीसरे वार्षिक उत्सव और पहली बार आयोजित हिंडोला उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विदेशी फूलों से हुए भव्य श्रृंगार और भजनों की प्रस्तुतियों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।",
  "content": "राजस्थान के सांस्कृतिक केंद्र जोधपुर में इन दिनों आस्था और भक्ति की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिल रही है, जहाँ देर रात तक श्रद्धालु भजनों की धुनों पर झूमते नजर आए। यह पूरा माहौल बाबा श्याम के चल शीश के तीसरे वार्षिक उत्सव और शहर में पहली बार आयोजित किए गए भव्य हिंडोला उत्सव के दौरान बना। सिंधु महल में रखे गए इस बड़े धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्याम भक्तों ने शिरकत की और देवता के अलौकिक व दिव्य रूप के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस किया।\n\nहिंडोला उत्सव और विदेशी फूलों से सजावट\nइस पूरे आयोजन का सबसे प्रमुख आकर्षण बाबा श्याम का हिंडोला उत्सव रहा। दुनिया भर को अपनी कृपा से झूला झुलाने वाले प्रभु को भक्तों ने पूरी श्रद्धा और भावुकता के साथ हिंडोला समर्पित किया। इस खास मौके पर बाबा का बेहद खास और अद्भुत श्रृंगार किया गया था। इस श्रृंगार को और अधिक भव्य बनाने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी खास फूल और मालाएं मंगवाई गई थीं। इन सजावटों में शामिल गुलाबी रंग की आकर्षक मालाएं वहां मौजूद सभी लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रहीं और हर किसी की नजरें उन पर टिक गईं।\n\nचल शीश की स्थापना के पूरे हुए तीन साल\nआयोजन से जुड़ी डिंपल कौर बेदी ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि बाबा श्याम के चल शीश को जोधपुर लाए जाने के तीन साल पूरे हो चुके हैं, और इसी खुशी में यह तीसरा वार्षिक उत्सव मनाया जा रहा है। बाबा का यह चल शीश शहर में होने वाले बड़े कीर्तन आयोजनों में विशेष रूप से स्थापित किया जाता है। इसकी पूरी सेवा माँ झंडेवाली दरबार जोधपुर द्वारा संभाली जाती है। इसके अतिरिक्त, जोधपुर के चौदह सेक्टर स्थित श्री मंछापूर्ण महादेव श्री श्याम मंदिर में भी बाबा श्याम की पावन प्रतिमा स्थापित है, जहाँ स्थानीय भक्तों की गहरी और अटूट आस्था जुड़ी हुई है।\n\nभजन गायकों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां\nइस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान जयपुर के जाने-माने भजन गायक आयुष सोमानी और जोधपुर के लोकप्रिय गायक सोनू वाधवानी ने मंच संभाला। दोनों कलाकारों ने बाबा श्याम और माँ झंडेवाली के एक से बढ़कर एक मनमोहक भजन गाए, जिससे पूरा पंडाल पूरी तरह भक्ति रस में डूब गया। भजनों की लय और ताल पर श्रद्धालु अपने हाथ उठाकर नाचने और झूमने लगे। स्थिति यह हो गई कि पूरा आयोजन स्थल श्याम प्रेमियों से खचाखच भर गया और हर तरफ केवल जय श्री श्याम के जयकारे गूंजते रहे।\n\nइसका आप पर असर\nयह आयोजन मुख्य रूप से एक धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है, जिसका सीधा असर स्थानीय धार्मिक आयोजनों और शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों पर पड़ता है।\n\n• भारत में: देश भर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ऐसे आयोजनों से स्थानीय स्तर पर उत्सव संस्कृति को बढ़ावा मिलता है और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलता है।\n• जोधपुर में: स्थानीय निवासियों और श्याम प्रेमियों के लिए ऐसे बड़े आयोजनों से शहर में धार्मिक पर्यटन और मेल-मिलाप के अवसरों में वृद्धि होती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जोधपुर में यह उत्सव कहाँ आयोजित किया गया था?\nयह भव्य धार्मिक आयोजन जोधपुर के सिंधु महल में संपन्न हुआ।\n\n2. इस आयोजन का मुख्य आकर्षण क्या था?\nइस आयोजन का मुख्य आकर्षण बाबा श्याम का हिंडोला उत्सव और विदेशों से मंगवाए गए फूलों से हुआ विशेष श्रृंगार था।\n\n3. बाबा श्याम का चल शीश जोधपुर में कितने वर्षों से है?\nबाबा श्याम का चल शीश जोधपुर में लाए जाने के तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं।\n\n4. इस धार्मिक कार्यक्रम में किन भजन गायकों ने प्रस्तुतियां दीं?\nकार्यक्रम में जयपुर के आयुष सोमानी और जोधपुर के सोनू वाधवानी ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/jodhapura-men-pahali-bara-saja-baba-shyam-ka-bhavya-hindola-utsava-27424",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-04",
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    "जोधपुर",
    "बाबा श्याम",
    "हिंडोला उत्सव",
    "भजन कीर्तन",
    "राजस्थान"
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  "site": "TrendKia"
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