# जोधपुर नगर निगम में भाजपा का परचम, कड़े मुकाबले में 6 मतों से जीते प्रसन्नचंद मेहता

> जोधपुर नगर निगम चुनाव में 53 पार्षदों के समर्थन से भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता नए महापौर चुने गए हैं, जिन्होंने कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी को 6 मतों के करीबी अंतर से मात दी।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/jodhapura-nagara-nigama-men-bjp-ka-parachama-kare-mukabale-men-6-maton-se-jite-prasannachand-mehta-38426 · **Language:** Hindi
**Tags:** जोधपुर, जोधपुर नगर निगम, प्रसन्नचंद मेहता, भाजपा, कांग्रेस, मेयर चुनाव, राजस्थान राजनीति, भजनलाल शर्मा

जोधपुर नगर निगम के महापौर पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बेहद कड़े मुकाबले के बीच विजय हासिल कर ली है। भाजपा उम्मीदवार प्रसन्नचंद मेहता शहर के नए महापौर निर्वाचित हुए हैं। चुनाव परिणाम घोषित होते ही पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने ढोल-नगाड़ों के साथ विजय का जश्न मनाना शुरू कर दिया। 100 वार्डों वाले इस नगर निगम में मतदान का गणित अंत तक बेहद रोमांचक बना रहा, जहां हर एक मत के लिए दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में खींचतान देखी गई।

## मतदान का गणित और करीबी मुकाबला
जोधपुर नगर निगम में कुल 100 पार्षदों ने महापौर चुनने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतगणना पूरी होने पर भाजपा उम्मीदवार प्रसन्नचंद मेहता के पक्ष में 53 पार्षदों ने मतदान किया। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी को 47 पार्षदों का समर्थन हासिल हुआ। इस तरह महज 6 मतों के मामूली अंतर से भाजपा प्रत्याशी ने विजयश्री हासिल की। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, 100 सदस्यों वाले सदन में 6 मतों की यह बढ़त बेहद नजदीकी और कड़ा मुकाबला दर्शाती है।

## शीर्ष नेतृत्व का आभार और विकास का संकल्प
महापौर पद पर निर्वाचित होने के बाद प्रसन्नचंद मेहता ने अपनी जीत को पार्टी कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेतृत्व के भरोसे की जीत बताया। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल, संगठन महामंत्री अजय कुमार ने मुझ पर भरोसा करके जोधपुर की जनता की सेवा के लिए मुझे महापौर पद के लिए चुना। उनकी अपेक्षाओं और आशाओं पर खरा उतरा हूं। आज हमने 53 मत लेकर विजयश्री को प्राप्त किया है।"

इसके साथ ही उन्होंने सदन के सभी सदस्यों को साथ लेकर काम करने का भरोसा दिलाया। नए महापौर ने स्पष्ट किया कि जीत 53 मतों से मिली हो, लेकिन वे पूरे 100 पार्षदों को अपना परिवार मानते हैं। शहर के बुनियादी विकास के लिए सभी को एकजुट करके प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। उपमहापौर के पद को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जिस भी नाम पर मुहर लगाएगा, उसे उपमहापौर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

## दीपावली स्वच्छता और रोशनी पहली प्राथमिकता
नवनिर्वाचित महापौर ने अपनी प्राथमिकताओं का खाका रखते हुए कहा कि त्योहार का समय नजदीक है। आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए समूचे जोधपुर शहर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। प्रमुख सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। इसके अलावा शहरभर में रोशनी की पुख्ता और उत्तम व्यवस्था करना उनकी तात्कालिक कार्ययोजना में शामिल है, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

## निर्दलीय पार्षदों की निर्णायक भूमिका
इस नगर निगम चुनाव को कांटे की टक्कर में बदलने का मुख्य कारण निर्दलीय पार्षदों की मौजूदगी रही। निगम चुनाव में कुल 10 निर्दलीय उम्मीदवारों ने विजय प्राप्त की थी। मतदान से पहले दोनों ही खेमों में इन निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में लाने की होड़ मची हुई थी। कांग्रेस खेमे की ओर से यह दावा किया जा रहा था कि 10 में से 6 निर्दलीय पार्षद उनके बागी हैं। दूसरी ओर भाजपा के भी कुछ बागी उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में चुनाव जीतकर आए थे। अंतिम परिणाम में भाजपा को मिले 53 मतों से यह स्पष्ट हो गया कि निर्दलीय पार्षदों का एक बड़ा धड़ा भाजपा के समर्थन में आया, जिसके चलते 6 मतों के फासले से परिणाम तय हुआ।

## इसका आप पर असर
जोधपुर नगर निगम में नए महापौर के निर्वाचन से शहर के स्थानीय प्रशासनिक कामकाज और आगामी त्योहारी तैयारियों पर सीधा असर पड़ेगा।

- **जोधपुर में:** नगर निगम को नया नेतृत्व मिलने से शहर में सफाई और सड़क मरम्मत से जुड़े रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी। नवनिर्वाचित महापौर ने आगामी दीपावली पर्व से पहले विशेष सफाई अभियान और स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने को शीर्ष प्राथमिकता घोषित किया है।
- **भारत में:** राजस्थान के प्रमुख शहरों में स्थानीय निकायों पर भाजपा की पकड़ मजबूत होने का असर राज्य के शहरी विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर दिखेगा। शहरी शासन में राजनीतिक स्थिरता रहने से स्थानीय विकास योजनाओं के बजट आवंटन और निगरानी में तालमेल बेहतर होता है।
- **वार्ड विकास कार्यों पर:** नवनिर्वाचित महापौर ने सभी 100 पार्षदों को साथ लेकर चलने का संकल्प दोहराया है। इससे विभिन्न वार्डों में विकास निधि के समान आवंटन और स्थानीय नागरिक समस्याओं के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है।
- **उपमहापौर चयन पर:** पार्टी संगठन द्वारा जल्द ही उपमहापौर के नाम पर फैसला लिया जाएगा। इस निर्णय के बाद निगम की स्थायी समितियों के गठन और नीतिगत फैसलों की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
जोधपुर नगर निगम में महापौर पद का मुकाबला निर्दलीय पार्षदों की मौजूदगी और दोनों प्रमुख दलों के बीच कड़े शक्ति संतुलन के कारण बेहद नजदीकी बन गया था।

- **सदन में संख्या बल का गणित:** नगर निगम के 100 वार्डों में मतदान के दौरान मुकाबला बेहद कड़ा था, जिसमें भाजपा को 53 और कांग्रेस को 47 पार्षदों का समर्थन मिला। किसी भी दल के पास एकतरफा पूर्ण बहुमत न होने के कारण अंतिम फैसला कुछ ही मतों के अंतर पर टिका था।
- **निर्दलीय पार्षदों की निर्णायक संख्या:** निगम चुनाव में 10 निर्दलीय पार्षद जीतकर सदन में पहुंचे थे, जिन्होंने मुकाबले को अप्रत्याशित बना दिया। दोनों ही दलों में अपनी-अपनी पार्टियों के बागी उम्मीदवारों के जीतने के कारण क्रॉस-वोटिंग और निर्दलीयों के पाला बदलने की संभावना बनी हुई थी।
- **कांग्रेस और भाजपा के बागी प्रत्याशी:** चुनाव से पूर्व कांग्रेस ने 6 बागी निर्दलीय पार्षदों के अपने संपर्क में होने का दावा किया था, जबकि भाजपा के बागी भी मैदान में जीतकर आए थे। अंततः भाजपा निर्दलीय पार्षदों के बड़े हिस्से को अपने पक्ष में लामबंद करने में सफल रही, जिससे 6 मतों का निर्णायक अंतर बना।

## सवाल-जवाब

### 1. जोधपुर नगर निगम के नए महापौर कौन चुने गए हैं?
भारतीय जनता पार्टी के प्रसन्नचंद मेहता जोधपुर नगर निगम के नए महापौर चुने गए हैं।

### 2. महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को कितने मत मिले?
100 पार्षदों वाले सदन में भाजपा प्रत्याशी प्रसन्नचंद मेहता को 53 मत प्राप्त हुए।

### 3. कांग्रेस प्रत्याशी को कितने वोट मिले और हार-जीत का अंतर क्या रहा?
कांग्रेस उम्मीदवार को 47 मत मिले और भाजपा प्रत्याशी ने 6 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

### 4. जोधपुर नगर निगम में कुल कितने पार्षद हैं?
जोधपुर नगर निगम में कुल 100 पार्षद हैं।

### 5. इस चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की क्या भूमिका रही?
सदन में 10 निर्दलीय पार्षद जीतकर आए थे, जिनके समर्थन ने 6 मतों के करीबी मुकाबले में भाजपा की जीत तय करने में अहम भूमिका निभाई।

### 6. नवनिर्वाचित महापौर ने अपनी पहली प्राथमिकता क्या बताई है?
उन्होंने दीपावली के मद्देनजर पूरे जोधपुर शहर की साफ-सफाई और उत्कृष्ट रोशनी व्यवस्था को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

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