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  "title": "जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के उद्घाटन पर पीएम मोदी बोले, अफवाह फैलाने वालों के इरादे नहीं हुए कामयाब",
  "summary": "जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि कैसे भारत ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर काबू पाया और सरकार ने 75 हजार करोड़ रुपये के घाटे की जिम्मेदारी खुद उठाई।",
  "content": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया और इसी मौके पर राज्य को कई नई परियोजनाओं की सौगात भी दी। इस कार्यक्रम में उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे भारत ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना किया और उससे सफलतापूर्वक बाहर निकला।\n\nनए टर्मिनल से पर्यटन और व्यापार को मिलेगी रफ्तार\nपीएम मोदी ने कहा कि नया टर्मिनल भवन यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देगा। साथ ही इससे पूरे राजस्थान में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक मौकों को भी बढ़ावा मिलेगा।\n\n \n\nपश्चिम एशिया की जंग ने खड़ा किया संकट, भारत की इच्छाशक्ति ने दिलाई राह\nपीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग ने 21वीं सदी का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट पैदा कर दिया था। लेकिन नए भारत की मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार कोशिशों ने इस संकट पर काबू पा लिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने हर स्तर पर सही समय पर सही फैसले लिए, संकट की गंभीरता को वक्त रहते भांप लिया और उससे निपटने के लिए एक असरदार रणनीति बनाई। संसाधनों के संतुलित इस्तेमाल और कूटनीतिक ताकत के सकारात्मक इस्तेमाल की बदौलत ही भारत इस मुश्किल दौर से बाहर निकल आया।\n\nअफवाह फैलाने वालों पर सीधा निशाना\nप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस वक्त कुछ ताकतें सार्वजनिक रूप से डर और अफवाहें फैलाने में जुटी थीं, ठीक उसी दौर में सरकार कड़ी मेहनत, धैर्य और नीतिगत व कूटनीतिक स्तर पर बेहद संवेदनशील फैसले ले रही थी। उन्होंने कहा कि यह पूरा दौर अभूतपूर्व था और यह अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है।\n\n75 हजार करोड़ रुपये का घाटा सरकार ने खुद उठाया\nपीएम मोदी ने बताया कि संकट के दौरान खूब अफवाहें फैलाई गईं, लोगों को डराने और भड़काने की कोशिशें हुईं और इस पर जमकर राजनीति भी हुई, लेकिन गलत मंशा रखने वाले लोग कामयाब नहीं हो पाए। दूर-दराज के इलाकों में भी छोटी-मोटी दिक्कतों को छोड़कर ईंधन की सप्लाई में कोई बड़ी रुकावट नहीं आई। सिर्फ अप्रैल से जून के बीच ही डीजल-पेट्रोल कंपनियों को 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा, और सरकार ने इस घाटे की भरपाई की पूरी जिम्मेदारी अपने खजाने से उठाई। साथ ही सरकार ने प्रति लीटर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी भी घटाई, ताकि आम जनता पर ज्यादा बोझ न पड़े।\n\n25 से बढ़कर 40 से ज्यादा देशों से ईंधन आयात\nपीएम मोदी ने कहा कि जंग के इस दौर में भारत की दूसरे देशों के साथ बनी दोस्ती बहुत काम आई। संकट शुरू होने से पहले भारत करीब 25 से 26 देशों से ईंधन का आयात करता था, लेकिन संकट के समय भारत की कूटनीति का असली दमखम सामने आया। अच्छे अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बदौलत भारत ने युद्ध के दौरान ही 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह भारत ने दुनिया को साफ संदेश दिया कि राष्ट्रहित और नागरिकों का हित सबसे ऊपर है, और नागरिक देवो भवः ही सरकार का मंत्र है।\n\nइसका आप पर असर\nपीएम मोदी की इस घोषणा और भाषण का असर आम लोगों की जेब और यात्रा दोनों पर पड़ता है।\n\n• भारत में: प्रति लीटर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी कटौती और सरकार द्वारा 75 हजार करोड़ रुपये के घाटे की भरपाई का मतलब है कि ऊर्जा संकट के दौरान डीजल-पेट्रोल की कीमतों का सीधा बोझ आम जनता पर नहीं डाला गया।\n• जोधपुर और राजस्थान में: नए एयरपोर्ट टर्मिनल से जोधपुर आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और इससे पूरे राजस्थान में पर्यटन व व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पीएम मोदी ने जोधपुर में क्या उद्घाटन किया?\nउन्होंने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया और राजस्थान को कई नई परियोजनाओं की सौगात भी दी।\n\n2. पीएम मोदी ने किस ऊर्जा संकट का जिक्र किया?\nउन्होंने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का जिक्र किया, जो पश्चिम एशिया की जंग से पैदा हुआ था।\n\n3. इस संकट में डीजल-पेट्रोल कंपनियों को कितना नुकसान हुआ?\nअप्रैल से जून के बीच ही कंपनियों को 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा झेलना पड़ा।\n\n4. इस घाटे की भरपाई किसने की?\nसरकार ने इस घाटे की भरपाई की पूरी जिम्मेदारी अपने खजाने से उठाई।\n\n5. जनता पर बोझ कम करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाया?\nसरकार ने प्रति लीटर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाई।\n\n6. संकट से पहले भारत कितने देशों से ईंधन आयात करता था?\nसंकट से पहले भारत करीब 25 से 26 देशों से ईंधन का आयात करता था।\n\n7. संकट के दौरान भारत ने कितने देशों से ईंधन मंगाया?\nसंकट के दौरान भारत ने 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाना शुरू कर दिया।\n\n8. पीएम मोदी ने अफवाह फैलाने वालों को लेकर क्या कहा?\nउन्होंने कहा कि कुछ ताकतें डर और अफवाहें फैलाने में जुटी थीं, लेकिन गलत मंशा रखने वालों की कोशिशें कामयाब नहीं हो पाईं।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-07-04",
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    "ऊर्जा संकट भारत",
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