# जोधपुर के बासनी में बंद हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड, केमिकल ड्रम फटने से 14 दमकलकर्मी झुलसे

> जोधपुर के बासनी इलाके की एक बंद हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में बुधवार शाम केमिकल ड्रम फटने से आग बुझा रहे 14 दमकलकर्मी झुलस गए, जिनमें से 12 का अस्पताल में इलाज जारी है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/jodhpur-ke-basni-men-bnda-haindikraphta-phaiktri-men-bhishana-agnikanda-kemikala-drama-phatane-se-14-damakalakarmi-jhulase-37360 · **Language:** Hindi
**Tags:** जोधपुर, बासनी, अग्निकांड, दमकलकर्मी, केमिकल फैक्ट्री, महात्मा गांधी अस्पताल, एम्स जोधपुर

राजस्थान के जोधपुर शहर में बुधवार की शाम एक भयावह औद्योगिक दुर्घटना घटी, जब बासनी इलाके में स्थित एक हैंडीक्राफ्ट और केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण लपटें उठने लगीं। घटना बासनी क्षेत्र की गणेश कॉलोनी की है, जहाँ शाम करीब 5:30 बजे बंद पड़ी फैक्ट्री के भीतर से धुएं का गुबार और आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। रिहायशी आबादी के पास स्थित इस कारखाने में देखते ही देखते स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग पर काबू पाने की जद्दोजहद के दौरान हुए एक रासायनिक धमाके ने राहत कार्य में जुटे कर्मचारियों को अपनी चपेट में ले लिया।

## बंद पड़ी इमारत में रखे रसायनों ने पकड़ी आग
हादसे के समय फैक्ट्री पूरी तरह बंद थी और उसके मुख्य द्वार पर ताला जड़ा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, हैंडीक्राफ्ट निर्माण से जुड़ी इस इकाई के भीतर भारी मात्रा में अत्यधिक ज्वलनशील केमिकल और थिनर का स्टॉक जमा करके रखा गया था। आग की चिंगारी जैसे ही इन रसायनों तक पहुंची, लपटों ने पलक झपकते ही विकराल रूप धारण कर लिया। बंद कमरे के अंदर रासायनिक पदार्थों से भरे ड्रम अत्यधिक ताप के कारण एक के बाद एक तेज धमाकों के साथ फटने लगे, जिससे आसपास के भवनों में कंपन महसूस हुआ और स्थानीय नागरिकों में भारी दहशत फैल गई।

## बिल्डिंग से पत्थर गिरने के बाद हुआ जोरदार विस्फोट
अग्निकांड की खबर मिलते ही अग्निशमन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की और 10 दमकल वाहनों के साथ लगभग 35 कर्मियों का तकनीकी दल मौके पर रवाना किया गया। दमकल दल इमारत के विभिन्न हिस्सों से पानी और फोम की बौछारें डालकर लपटों को सीमित करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान बिल्डिंग की छत का एक भारी पत्थर टूटकर सीधे नीचे रखे केमिकल ड्रम पर आ गिरा। भारी आघात होते ही ड्रम में भीषण रासायनिक विस्फोट हो गया और खौलता हुआ ज्वलनशील तरल तथा आग का गोला चारों ओर बिखर गया। इस अचानक हुए धमाके की सीधी जद में आने से मौके पर मौजूद 14 दमकलकर्मी गंभीर रूप से झुलस गए।

## एम्स में बर्न यूनिट न होने से महात्मा गांधी अस्पताल किया गया रेफर
धमाके के तुरंत बाद झुलसे हुए सभी 14 दमकलकर्मियों को आपातकालीन वाहनों से एम्स जोधपुर पहुंचाया गया। एम्स के चिकित्सकों ने सभी घायलों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई, जिसके बाद मामूली रूप से प्रभावित 2 कर्मचारियों को छुट्टी दे दी गई। अस्पताल में अलग से बर्न यूनिट की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण शेष 12 कर्मियों को बेहतर उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल स्थानांतरित किया गया। महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती 12 दमकलकर्मियों में से 4 की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई गई है। इन गंभीर मरीजों की गहन निगरानी के लिए चिकित्सकों के एक विशेष दल ने एक अलग आईसीयू वार्ड तैयार कर उपचार शुरू किया है।

## प्रशासनिक अमला सक्रिय, अवैध केमिकल भंडारण की जांच तेज
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर के जिला कलेक्टर आलोक रंजन तथा पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया घायलों की स्थिति जानने तुरंत अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को सर्वोत्तम चिकित्सा प्रबंधन के निर्देश दिए। नगर निगम के चीफ फायर ऑफिसर जलज घसिया और बासनी थाने के थाना अधिकारी नितिन दवे ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया ने स्पष्ट किया कि हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री के परिसर में ज्वलनशील केमिकल और थिनर को बिना उचित अनुमति एवं अवैध तरीके से भंडारित किया जा रहा था। प्रशासनिक टीमें अब इस बात की विस्तृत छानबीन कर रही हैं कि यह फैक्ट्री किसकी मिल्कियत है और वहां यह रासायनिक सामग्री किस स्तर की स्वीकृति के आधार पर रखी गई थी।

## इसका आप पर असर
इस भीषण हादसे ने घनी आबादी के बीच बिना अनुमति के संचालित होने वाले केमिकल गोदामों के खतरों को उजागर किया है।

- **जोधपुर में:** बासनी और गणेश कॉलोनी के आसपास रहने वाले लोगों को फैक्ट्रियों में अनधिकृत रूप से रखे ज्वलनशील पदार्थों की सख्त जांच की मांग करनी चाहिए। नगर निगम और पुलिस प्रशासन अब रिहायशी और औद्योगिक मिश्रित इलाकों में गोदामों के निरीक्षण अभियान को तेज करेगा।
- **भारत में:** यह घटना देश भर में कार्यरत दमकलकर्मियों के लिए खतरनाक रसायनों से निपटने हेतु बेहतर सुरक्षात्मक उपकरणों की जरूरत को रेखांकित करती है। स्थानीय निकायों को रासायनिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा मानकों और बर्न केयर सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
- **सुरक्षा सावधानियां:** फैक्ट्रियों के पास रहने वाले निवासियों को किसी भी अनधिकृत रासायनिक भंडारण या तेज गंध की सूचना तुरंत प्रशासन को देनी चाहिए। आग लगने की स्थिति में विस्फोट के खतरे को देखते हुए घटनास्थल से कम से कम 200 मीटर की सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।
- **चिकित्सा ढांचा:** बड़े तृतीयक चिकित्सा संस्थानों में विशेष बर्न यूनिट का होना आपातकालीन समय में जीवन बचाने के लिए अनिवार्य साबित होता है। मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर करने में लगने वाले समय को कम करना अत्यंत आवश्यक है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह हादसा एक बंद परिसर में अत्यधिक ज्वलनशील रासायनिक सॉल्वैंट्स के गैर-कानूनी जमावड़े और संरचनात्मक विफलता के कारण हुआ। बंद इमारत में आग सुलगने के बाद छत का हिस्सा टूटकर नीचे रखे ड्रमों पर गिरा, जिससे रासायनिक विस्फोट हुआ।

- **अवैध रासायनिक भंडारण:** हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री के भीतर लकड़ी के काम में इस्तेमाल होने वाला थिनर और अन्य ज्वलनशील रसायन बिना वैध अनुमति के बड़ी मात्रा में जमा किया गया था। इस वजह से शुरुआती आग ने कुछ ही क्षणों में विकराल रूप ले लिया।
- **छत का पत्थर गिरना:** बचाव अभियान के दौरान इमारत की छत से एक भारी पत्थर सीधे नीचे रखे केमिकल ड्रम पर गिरा। इस यांत्रिक आघात ने अत्यधिक गर्म हो चुके कंटेनर में तत्काल ब्लास्ट पैदा कर दिया।
- **बंद परिसर में गैस का दबाव:** फैक्ट्री पर ताला लगा होने के कारण अंदर रासायनिक वाष्प और तापमान खतरनाक स्तर तक जमा हो गया था। वेंटिलेशन न होने के कारण ड्रमों में सिलसिलेवार विस्फोट होते चले गए।
- **प्रशासनिक लापरवाही:** रिहायशी इलाके से सटी कॉलोनी में इतने बड़े पैमाने पर खतरनाक केमिकल रखे जाने के बावजूद सुरक्षा मानकों की पूर्व जांच नहीं की गई थी। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन की गहन जांच की जा रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. जोधपुर में आग लगने की यह घटना कहाँ हुई?
यह घटना जोधपुर के बासनी क्षेत्र स्थित गणेश कॉलोनी में एक हैंडीक्राफ्ट और केमिकल फैक्ट्री में हुई।

### 2. इस अग्निकांड में कितने कर्मचारी झुलसे हैं?
आग बुझाने और राहत कार्य में जुटे दमकल विभाग के 14 कर्मचारी केमिकल ड्रम फटने से झुलस गए हैं।

### 3. दमकलकर्मियों पर केमिकल ड्रम में विस्फोट कैसे हुआ?
बचाव कार्य के दौरान फैक्ट्री की छत से एक भारी पत्थर सीधे नीचे रखे केमिकल ड्रम पर आ गिरा, जिससे भीषण धमाका हुआ।

### 4. घायल कर्मियों को एम्स से महात्मा गांधी अस्पताल क्यों रेफर किया गया?
एम्स जोधपुर में बर्न यूनिट उपलब्ध न होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद 12 कर्मियों को महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया।

### 5. अस्पताल में भर्ती कितने कर्मियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है?
महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती 12 झुलसे कर्मियों में से 4 की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है।

### 6. प्रशासन ने फैक्ट्री के बारे में क्या जानकारी दी है?
पुलिस कमिश्नर के अनुसार फैक्ट्री में अवैध रूप से ज्वलनशील केमिकल और थिनर रखा गया था, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

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