# जोधपुर के सिनेमाघर में 'हनुमान अंश' फिल्म के बाद गूंजे भक्ति के सुर, दर्शकों को बांटी गई हनुमान चालीसा और प्रसाद

> जोधपुर के एक मल्टीप्लेक्स में 'हनुमान अंश' फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद, एक दर्शक ने भगवान हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना की और वहां मौजूद सभी लोगों को प्रसाद एवं हनुमान चालीसा भेंट की।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/jodhpur-ke-sinemaghara-men-hanuman-ansh-philma-ke-bada-gunje-bhakti-ke-sura-darshakon-ko-banti-gai-hanuman-chalisa-aura-prasada-32485 · **Language:** Hindi
**Tags:** हनुमान अंश फिल्म, जोधपुर सिनेमाघर, नीम करौली बाबा, हनुमान चालीसा, पीवीआर आईनॉक्स जोधपुर, आध्यात्मिक फिल्म कार्यक्रम

जोधपुर के एक सिनेमाघर में 'हनुमान अंश' फिल्म देखने पहुंचे दर्शकों के लिए फिल्म का समापन बेहद अनोखा और यादगार बन गया। फिल्म खत्म होते ही पूरा सिनेमा हॉल भक्ति के रंग में सराबोर हो गया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ दिया।

## सिनेमाघर के भीतर गूंजे भक्ति के स्वर
यह अनोखा नजारा जोधपुर के झालामंड इलाके में स्थित पेन इंडिया मॉल के पीवीआर आईनॉक्स मल्टीप्लेक्स में देखने को मिला। 'हनुमान अंश' फिल्म का शो खत्म होने के बाद, थिएटर के भीतर ही भगवान हनुमान जी की विशेष पूजा-आराधना का आयोजन किया गया। इस दौरान वहां का पूरा माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और फिल्म देखने आए दर्शकों ने भी पूरी श्रद्धा और आदर के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।

## दर्शकों को बांटा गया प्रसाद और हनुमान चालीसा
पूजा और आरती संपन्न होने के बाद, वहां मौजूद श्रद्धालु ओमप्रकाश लोहिया ने थिएटर में उपस्थित सभी दर्शकों को प्रसाद के रूप में पेड़े बांटे। इसके साथ ही, वहां आए प्रत्येक दर्शक को उपहार स्वरूप हनुमान चालीसा की एक-एक पुस्तिका भी भेंट की गई। फिल्म देखने के बाद अचानक हुए इस आयोजन और उपहार ने दर्शकों के इस अनुभव को हमेशा के लिए यादगार बना दिया।

## आयोजन के पीछे की खास वजह
दरअसल, फिल्म देखने पहुंचे दर्शक ओमप्रकाश लोहिया अपने साथ भगवान हनुमान जी की एक सुंदर तस्वीर लेकर आए थे। इस आयोजन को अमली जामा पहनाने के लिए उन्होंने सिनेमाघर के प्रबंधन से पहले ही बातचीत कर ली थी और उनसे जरूरी अनुमति ले ली थी। जैसे ही फिल्म का प्रदर्शन समाप्त हुआ, उन्होंने नियमों के अनुसार भगवान हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा की। अपनी इस पहल पर बात करते हुए ओमप्रकाश लोहिया ने बताया कि हनुमान जी के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा है। फिल्म देखने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इस मौके को सिर्फ मनोरंजन तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसके जरिए लोगों को प्रभु की भक्ति से भी जोड़ा जाना चाहिए। इसी पवित्र भाव के साथ उन्होंने दर्शकों को प्रसाद और धार्मिक पुस्तकें भेंट कीं।

## नीम करौली बाबा के जीवन मूल्यों पर आधारित है फिल्म
गौरतलब है कि 'हनुमान अंश' फिल्म की कहानी मुख्य रूप से नीम करौली बाबा के प्रति लोगों की आस्था, उनके जीवन मूल्यों और भक्ति को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। इस फिल्म में भगवान हनुमान के प्रति अगाध श्रद्धा को दिखाने के साथ-साथ नीम करौली बाबा के पराक्रम, उनके समर्पण और धर्म के प्रति उनकी गहरी निष्ठा को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा गया है। यही कारण है कि इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी ज्यादा उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

## इसका आप पर असर
यह प्रेरक घटना दर्शाती है कि कैसे भारत में स्थानीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भावनाएं सिनेमाई अनुभव के साथ गहराई से जुड़ रही हैं।

- **भारत में:** दर्शकों को आने वाले समय में आध्यात्मिक विषयों पर आधारित फिल्मों की स्क्रीनिंग के दौरान मल्टीप्लेक्सों के भीतर ऐसे सामुदायिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिल सकते हैं। इसका मतलब है कि सिनेमाघर अब केवल मनोरंजन की जगह न रहकर सामुदायिक मिलाप के केंद्र बन रहे हैं।
- **जोधपुर में:** जोधपुर के स्थानीय दर्शक पेन इंडिया मॉल जैसे सिनेमाघरों में अधिक व्यक्तिगत और सांस्कृतिक रूप से जुड़े अनुभवों का आनंद ले सकते हैं। इससे स्थानीय परिवारों को अपने घर के नजदीक ही फिल्मों के साथ-साथ सामुदायिक उत्सवों का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह आयोजन मुख्य रूप से एक दर्शक की गहरी व्यक्तिगत आस्था और प्रदर्शित की जा रही फिल्म के आध्यात्मिक विषय के कारण संभव हुआ।

- **गहरी आध्यात्मिक आस्था:** ओमप्रकाश लोहिया नामक एक श्रद्धालु केवल मनोरंजन के लिए फिल्म देखने के बजाय भगवान हनुमान के प्रति अपनी भक्ति को अन्य लोगों के साथ साझा करना चाहते थे। इसी प्रेरणा के चलते वे सिनेमाघर में भगवान की तस्वीर साथ लेकर आए थे।
- **पूर्व-नियोजित समन्वय:** यह आयोजन इसलिए संभव हो सका क्योंकि आयोजक ने पीवीआर आईनॉक्स के प्रबंधन के साथ पहले ही इस विचार पर चर्चा कर ली थी। सिनेमाघर प्रबंधन की अनुमति और सहयोग से ही यह पूजा और प्रसाद वितरण सुचारू रूप से पूरा हुआ।
- **फिल्म की आध्यात्मिक प्रासंगिकता:** 'हनुमान अंश' फिल्म खुद नीम करौली बाबा की भगवान हनुमान के प्रति अटूट भक्ति पर केंद्रित है। फिल्म की कहानी के धार्मिक प्रभाव ने दर्शकों को इस अचानक हुए पूजा अनुष्ठान में शामिल होने के लिए भावनात्मक रूप से तैयार कर दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह अनोखा धार्मिक आयोजन कहां हुआ?
यह आयोजन जोधपुर के झालामंड में स्थित पेन इंडिया मॉल के पीवीआर आईनॉक्स मल्टीप्लेक्स में हुआ।

### 2. फिल्म स्क्रीनिंग के बाद दर्शकों को क्या उपहार दिया गया?
प्रत्येक दर्शक को हनुमान चालीसा की एक पुस्तक भेंट की गई और प्रसाद के रूप में पेड़े बांटे गए।

### 3. सिनेमाघर के भीतर पूजा का आयोजन किसने किया?
यह पूजा-आरती सिनेमाघर के प्रबंधन से पूर्व अनुमति लेकर दर्शक ओमप्रकाश लोहिया द्वारा आयोजित की गई थी।

### 4. 'हनुमान अंश' फिल्म की कहानी किस पर आधारित है?
यह फिल्म नीम करौली बाबा से जुड़ी आस्था, भक्ति, उनके जीवन-मूल्यों और भगवान हनुमान के प्रति उनके समर्पण पर आधारित है।

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