जोधपुर में सजा इस दिवाली का पटाखा बाजार, कार वाले अनार और बल्ला-बॉल आइटम बने खास आकर्षण जोधपुर में दीपावली के त्योहारी सीजन के लिए पटाखा बाजार सजकर तैयार हो गया है, जहां पारंपरिक विकल्पों के साथ-साथ कई नए और अनोखे आइटम ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। जोधपुर में दीपावली का पर्व जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे सूर्यनगरी का पटाखा बाजार अपनी पूरी रौनक के साथ सज चुका है। इस बार के त्योहारी सीजन में दुकानदारों ने पारंपरिक पटाखों के अलावा कई नए और आधुनिक डिजाइन के आइटम उतारे हैं, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। बाजार में रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरने वाले और अनोखी बनावट वाले पटाखों की बहार है, जिसमें बल्ला-बॉल से लेकर कार और कमल के फूलों के आकार वाले अनार विशेष रूप से चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसके साथ ही पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कम प्रदूषण वाले हरित पटाखों और किफायती विकल्पों को भी बाजार में प्रमुखता से जगह दी गई है. नए डिजाइन और अनोखी वैराइटी की धूम सनसिटी फायरवर्क्स से जुड़े विकास चांडक के अनुसार, पिछले साल बाजार में आए बल्ला और बॉल के डिजाइन वाले पटाखों की इस बार भी ग्राहकों के बीच जबरदस्त मांग बनी हुई है। इसके अलावा, अनिता ब्रांड ने इस त्योहारी सीजन के लिए कमल के फूल के आकार का एक खास लोटस लाइटिंग अनार पेश किया है, जो जलने के दौरान आसमान में कई तरह के मनमोहक रंग बिखेरता है। वहीं दूसरी ओर, अजंता कंपनी की तरफ से पेश किया गया कार के आकार का अनार छोटे बच्चों को खासतौर पर लुभा रहा है। इस कारनुमा पटाखे की बनावट बिल्कुल खिलौने जैसी है और आतिशबाजी के दौरान इसमें से कई रंगों की छटाएं निकलती हैं जो देखने में काफी आकर्षक लगती हैं. डबल स्टेप मंकी और मेगा पीकॉक का नया जादू इस साल बाजार में आए नए उत्पादों की श्रृंखला में अजंता का डबल स्टेप मंकी अनार भी एक बड़ा आकर्षण बनकर उभरा है, जिसमें आतिशबाजी दो अलग-अलग चरणों में पूरी होती है। पहले चरण में एक विशेष प्रकार की डिजाइन बनती है और कुछ ही पलों बाद आतिशबाजी का दूसरा दौर शुरू होकर एक नई आकृति उकेरता है। इसके साथ ही, मोर की खूबसूरत बनावट वाले पटाखों की एक विस्तृत रेंज मेगा पीकॉक नाम से बाजार में उतारी गई है। विकास चांडक का कहना है कि इस बार ग्राहकों के लिए लगभग 10 से 20 नए और अनूठे आइटम उपलब्ध कराए गए हैं, जो पिछले सालों की तुलना में काफी अलग अनुभव देते हैं. इलेक्ट्रिक लड़ और हरित पटाखों का नया विकल्प बाजार में इस बार इलेक्ट्रिक लड़ भी लोगों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि यह पटाखा बेहद छोटी सी पैकिंग में आता है लेकिन जलाने पर इसका असर करीब 5000 पटाखों की पारंपरिक लड़ जैसा होता है। रात के समय इसे जलाने पर सुनहरी रोशनी की बेहद सुंदर और भव्य आकृतियां आसमान में बनती हैं, जिसकी कीमत लगभग 300 से 350 रुपए के बीच तय की गई है। इसके मुकाबले अगर कोई पारंपरिक और अच्छी गुणवत्ता वाली 5000 पटाखों की सीधी लड़ खरीदता है, तो उसे करीब 1800 रुपए तक खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके अलावा, इस बार बाजार में हरित पटाखों पर भी काफी जोर दिया जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि कई उत्पाद तयशुदा मानकों और अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए तैयार किए गए हैं, ताकि लोग कम धुएं वाले विकल्पों को अपनाकर त्योहार मना सकें. विशेष मेले का आयोजन और सुरक्षा की अपील आम जनता को किफायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण सामान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार लिमिटेड जोधपुर के प्रतिनिधि प्रशांत कला ने बताया कि शहर में विशेष मेलों की व्यवस्था की गई है। इन मेलों में लोग एक ही छत के नीचे पटाखों के साथ-साथ मिठाइयां, नमकीन और घर-गृहस्ती के अन्य जरूरी सामान भी आसानी से खरीद सकते हैं। प्रशासन और प्रबंधकों की तरफ से सभी नागरिकों से यह विशेष अपील भी की गई है कि वे दीपावली का यह पावन पर्व मनाते समय आसपास के पशु-पक्षियों और आम लोगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें तथा पूरी सावधानी व जिम्मेदारी के साथ त्योहार का आनंद लें. इसका आप पर असर दीपावली के इस त्योहारी सीजन में जोधपुर के पटाखा बाजार में नए और किफायती विकल्पों के आने से ग्राहकों को खरीदारी के दौरान अधिक विविधता और बेहतर मूल्य मिल रहे हैं। • राजस्थान में: जोधपुर के स्थानीय बाजारों और विशेष मेलों में लोग अपनी पसंद के अनुसार हरित और कम प्रदूषण वाले पटाखों की खरीदारी कर रहे हैं। इन मेलों से उपभोक्ताओं को पटाखे और घरेलू सामान एक ही स्थान पर उचित दामों पर मिल रहे हैं। • सुरक्षा और नियम: प्रशासन और सहकारी भंडारों के प्रतिनिधियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे त्योहार के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और मूक पशु-पक्षियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। निर्धारित नियमों और कानूनी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही आतिशबाजी का आनंद लें। ऐसा क्यों हुआ त्योहारी सीजन के दौरान हर साल पटाखा बाजार में नए प्रयोग किए जाते हैं, जिसके पीछे मुख्य कारण ग्राहकों की बदलती पसंद और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता है। • नवीनता की मांग: बच्चों और युवाओं को आकर्षित करने के लिए निर्माता लगातार कार, बल्ला-बॉल और कमल जैसे नए और आकर्षक डिजाइनों वाले पटाखे तैयार कर रहे हैं। • पर्यावरण मानक: अदालती निर्देशों और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों के तहत बाजार में कम धुआं छोड़ने वाले हरित पटाखों के उत्पादन और बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। • सुगम व्यवस्था: सहकारी उपभोक्ता भंडारों द्वारा विशेष मेलों का आयोजन उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर किफायती और व्यवस्थित तरीके से त्योहारी सामग्री उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। सवाल-जवाब 1. जोधपुर में पटाखा बाजार किस त्योहार के लिए सजा है? जोधपुर में पटाखा बाजार दीपावली के त्योहारी सीजन के लिए सजा है। 2. इस बार बाजार में कौन से नए डिजाइन के पटाखे आए हैं? इस बार बाजार में बल्ला-बॉल, कार वाले अनार, कमल के फूल के आकार के लोटस लाइटिंग अनार और डबल स्टेप मंकी जैसे नए आइटम आए हैं। 3. इलेक्ट्रिक लड़ की कीमत बाजार में कितनी है? इलेक्ट्रिक लड़ की कीमत बाजार में करीब 300 से 350 रुपए के बीच है। 4. सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार लिमिटेड जोधपुर के प्रतिनिधि कौन हैं? सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार लिमिटेड जोधपुर के प्रतिनिधि प्रशांत कला हैं। 5. बाजार में किस प्रकार के पटाखों पर जोर दिया जा रहा है? बाजार में कम धुआं करने वाले और निर्धारित मानकों तथा अदालती दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार हरित पटाखों पर जोर दिया जा रहा है। https://trendkia.com/rajasthan/jodhpur-me-saja-is-diwali-ka-patakha-bazar-car-wale-anar-aur-ball-ball-item-bane-khas-akarshan-57192 TrendKia — Har trend, sabse pehle.