# जोधपुर में भारत-जापान का युद्धाभ्यास, F-2A के साथ आसमान में उतरे सुखोई-30MKI

> भारत और जापान की वायुसेनाओं के बीच जोधपुर एयरबेस पर संयुक्त युद्धाभ्यास 'वीर गार्जियन' का दूसरा चरण चल रहा है। इसमें जापानी F-2A और भारतीय सुखोई-30MKI विमान हिस्सा ले रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/jodhpur-men-india-japan-ka-yuddh-abhyas-f-2a-ke-satha-asamana-men-utare-sukhoi-30mki-31746 · **Language:** Hindi
**Tags:** वीर गार्जियन, भारतीय वायुसेना, सुखोई-30MKI, जोधपुर एयरबेस, सैन्य युद्धाभ्यास, रक्षा साझेदारी

भारत और जापान के बीच रक्षा और सामरिक संबंधों में लगातार प्रगाढ़ता आ रही है। इसी कड़ी में जोधपुर एयरबेस पर दोनों देशों की वायुसेनाएं एक संयुक्त युद्धाभ्यास में जुटी हुई हैं। भारत और जापान के बीच आयोजित होने वाली इस एयर एक्सरसाइज 'वीर गार्जियन' का दूसरा चरण 9 सितंबर से आरंभ हुआ है, जो आगामी 22 सितंबर तक जारी रहेगा। इस सैन्य अभ्यास के तहत जापान के तीन उन्नत F-2A लड़ाकू विमान जोधपुर पहुंचे हैं, जो भारतीय वायुसेना के ताकतवर सुखोई-30MKI लड़ाकू विमानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आसमान में विभिन्न हवाई युद्धाभ्यास को अंजाम दे रहे हैं। दोनों देशों के जांबाज पायलट एयर-टू-एयर कॉम्बैट, डॉग फाइट और कई अन्य चुनौतीपूर्ण हवाई अभियानों के जरिए अपने कौशल को धार दे रहे हैं।

इस युद्धाभ्यास के दौरान केवल सामान्य उड़ानें ही नहीं बल्कि नाइट ऑपरेशन और हवा में ही ईंधन भरने यानी मिड-एयर रिफ्यूलिंग जैसी बेहद तकनीकी और पेचीदा प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस अभ्यास का मुख्य लक्ष्य दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच ऑपरेशनल समन्वय को बेहतर करना और आपसी सैन्य क्षमता में वृद्धि करना है। इस अभ्यास में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सामरिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए एयर-मैरीटाइम ऑपरेशन से जुड़े अभियानों पर विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है। जापान का F-2A लड़ाकू विमान अमेरिकी F-16 के डिजाइन पर आधारित है, लेकिन जापान ने अपनी भौगोलिक और सामरिक जरूरतों के अनुसार इसमें कई बड़े और महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव किए हैं।

## समुद्री सुरक्षा और सामरिक महत्व
जापानी F-2A विमानों को खासतौर पर समुद्री सुरक्षा और लंबी दूरी के अभियानों को अंजाम देने में विशेषज्ञता हासिल है। इस खूबी की वजह से मौजूदा युद्धाभ्यास को हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 'वीर गार्जियन' के माध्यम से भारतीय वायुसेना को जापान के अत्याधुनिक रडार सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और हवाई युद्ध संचालन से जुड़े आधुनिक अनुभवों को सीखने का शानदार अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही दोनों देशों के पायलट एक-दूसरे की युद्धक कार्यप्रणालियों और रणनीतिक क्षमताओं से भली-भांति परिचित हो रहे हैं। पाकिस्तान के बेड़े में शामिल F-16 लड़ाकू विमानों की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए भी F-2A विमानों के साथ भारतीय सुखोई-30MKI का यह संयुक्त अभ्यास रणनीतिक रूप से अत्यधिक अहम माना जा रहा है।

## पहला संस्करण और द्विपक्षीय संबंध
भारत और जापान के बीच 'वीर गार्जियन' युद्धाभ्यास का पहला संस्करण जनवरी 2023 में जापान की धरती पर आयोजित किया गया था। उस समय भारतीय वायुसेना के सुखोई-30MKI विमानों ने जापानी वायुसेना के F-2 और F-15 लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर संयुक्त प्रशिक्षण प्राप्त किया था। अब इस श्रृंखला का दूसरा चरण भारत में आयोजित हो रहा है। इस तरह के आयोजनों से दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच आपसी समझ, रक्षा तकनीक का आदान-प्रदान और संयुक्त अभियानों को संचालित करने की क्षमता और अधिक मजबूत होने की पूरी उम्मीद है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लगातार बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत और जापान का यह सैन्य सहयोग दोनों राष्ट्रों की रणनीतिक साझेदारी को एक नई मजबूती प्रदान कर रहा है, और जोधपुर में चल रहा 'वीर गार्जियन' इसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

## इसका आप पर असर
यह संयुक्त युद्धाभ्यास भारत और जापान के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के साथ रक्षा तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है।

- **भारत में:** देश की रक्षा क्षमताओं में वृद्धि होती है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा का दायरा मजबूत होता है।
- **जोधपुर में:** स्थानीय एयरबेस पर इस बड़े अंतरराष्ट्रीय अभ्यास के आयोजन से रक्षा गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर कूटनीतिक हलचल में तेजी आती है।

## ऐसा क्यों हुआ
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा समीकरणों और दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य साझेदारी के कारण इस युद्धाभ्यास का आयोजन किया जा रहा है।

- **सामरिक जरूरत:** जापान और भारत अपने रक्षा सहयोग को गहरा कर क्षेत्रीय सुरक्षा को स्थिर करना चाहते हैं।
- **तकनीकी अनुभव:** दोनों देशों की वायुसेनाएं एक-दूसरे की उन्नत युद्धक प्रणालियों और तकनीकों से सीख रही हैं।
- **पिछला चरण:** जनवरी 2023 में जापान में हुए सफल पहले चरण के बाद अब इस द्विपक्षीय अभ्यास का दूसरा दौर भारत में आयोजित किया जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. वीर गार्जियन युद्धाभ्यास का दूसरा चरण कहाँ आयोजित किया जा रहा है?
वीर गार्जियन का दूसरा चरण जोधपुर एयरबेस पर आयोजित किया जा रहा है।

### 2. यह युद्धाभ्यास कब से कब तक चल रहा है?
यह युद्धाभ्यास 9 सितंबर से शुरू हुआ है और 22 सितंबर तक चलेगा।

### 3. इस अभ्यास में जापान के कौन से लड़ाकू विमान शामिल हुए हैं?
इस अभ्यास में जापान के तीन F-2A लड़ाकू विमान शामिल हुए हैं।

### 4. भारत की तरफ से कौन सा विमान इस अभ्यास में भाग ले रहा है?
भारत की तरफ से सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान इस अभ्यास में भाग ले रहा है।

### 5. वीर गार्जियन का पहला चरण कब और कहाँ हुआ था?
वीर गार्जियन का पहला चरण जनवरी 2023 में जापान में आयोजित हुआ था।

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