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  "title": "जोधपुर में रक्षाबंधन पर दिखा अनूठा उल्लास, राजस्थानी लिबास में छतों पर उतरीं महिलाएं और उड़ाई पतंगें",
  "summary": "जोधपुर में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शहर की छतों पर पतंगबाजी का अनूठा उत्साह देखा गया। पारंपरिक राजस्थानी परिधानों में सजी महिलाओं ने आसमान में पतंगें उड़ाईं और इस परंपरा को एक नई रौनक दी।",
  "content": "जोधपुर में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर और इसके आसपास के दिनों में पतंगबाजी का बेहद खास और अनूठा उत्साह देखने को मिलता है। इस दौरान बहनें और महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी लिबास पहनकर उत्साह के साथ छतों पर पहुंचीं। हर तरफ लहराती चुनरियां नजर आईं और रंग-बिरंगे आसमान ने शहर की खूबसूरती को और बढ़ा दिया। परिवार के तमाम सदस्यों के साथ मिलकर पतंग उड़ाने का यह खास अंदाज इस पर्व की खुशियों में चार चांद लगाता हुआ नजर आया।\n\nहफ्तों तक चलता है पतंगबाजी का दौर\nइस ऐतिहासिक शहर में रक्षाबंधन के मौके पर होने वाली पतंगबाजी केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहती है। पर्व से पहले और बाद में करीब एक सप्ताह तक लगातार छतों पर पतंगें उड़ाने का सिलसिला बदस्तूर जारी रहता है। सुबह की पहली किरण से लेकर शाम ढलने तक आसमान में विभिन्न प्रकार के रंगों और आकारों की पतंगें मंडराती दिखाई देती हैं। इस दौरान बच्चों से लेकर युवा, महिलाएं और बुजुर्ग तक सभी आयु वर्ग के लोग इस पुरानी परंपरा का बढ़-चढ़कर हिस्सा बनते हैं।\n\nपारंपरिक परिधानों में महिलाओं का अनूठा अंदाज\nत्योहार के इस खास मौके पर महिलाओं का बेहद अनूठा और आकर्षक अंदाज देखने को मिला। लहरिया, बंधेज और अन्य पारंपरिक राजस्थानी परिधानों में पूरी तरह सजी महिलाएं छतों पर पतंग थामे नजर आईं। हंसी-मजाक, गीत-संगीत और भारी उत्साह के बीच एक-दूसरे की पतंग काटने की होड़ भी जमकर देखने को मिली। आसमान में उड़ती पतंगों के साथ-साथ महिलाओं के इन सुंदर परिधानों के रंग भी कैमरों में कैद हो गए, जो इस उत्सव को हमेशा के लिए यादगार बनाते हैं।\n\nपरिवार के मिलन का केंद्र बनीं शहर की छतें\nरक्षाबंधन के पावन पर्व पर जोधपुर की तमाम छतें परिवार के मिलन, मेल-जोल और मनोरंजन का मुख्य ठिकाना बन गईं। बच्चों की किलकारियों और हुड़दंग के बीच बड़े-बुजुर्ग भी पतंग की डोर संभालते और एक-दूसरे के साथ पेच लड़ाते हुए दिखाई दिए। कहीं सगे भाई-बहन साथ मिलकर पतंग उड़ाते नजर आए तो कहीं पूरा का पूरा परिवार इस उत्सव में शामिल होकर आनंद ले रहा था। जैसे-जैसे शाम नजदीक आई, शहर की छतों से लेकर खुले आसमान तक पूरे त्योहार की भव्य रौनक साफ झलकने लगी।\n\nनीले शहर के आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों का संगम\nसूरज ढलने के साथ ही जोधपुर का आसमान रंग-बिरंगी और चमकती पतंगों के कारण और भी ज्यादा खूबसूरत नजर आने लगा। शहर के प्राचीन भीतरी इलाकों और आसपास की तमाम बस्तियों में छतों पर पतंगबाजी का दौर लगातार जारी रहा। नीले शहर के इस खूबसूरत आसमान में उड़ती अनगिनत पतंगों ने रक्षाबंधन के पावन पर्व की खुशियों को एक बिल्कुल अलग और अनूठी पहचान दी। भाई-बहन के पवित्र प्रेम और पारंपरिक पतंगबाजी का यह अद्भुत संगम अपने पीछे कई खूबसूरत और यादगार तस्वीरें छोड़ गया।\n\nइसका आप पर असर\nरक्षाबंधन पर होने वाले इस पारंपरिक आयोजन का स्थानीय स्तर पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।\n\n• भारत में: यह उत्सव देश भर में भाई-बहन के प्रेम और पारंपरिक सांस्कृतिक मेल-जोल के महत्व को उजागर करता है। ऐसे आयोजन स्थानीय मेलों और बाजारों में हस्तशिल्प और परिधानों की बिक्री को बढ़ावा देते हैं।\n• जोधपुर में: स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए यह सप्ताह भर चलने वाला उत्सव पारिवारिक मेल-मिलाप और सामुदायिक सौहार्द का बड़ा केंद्र बनता है। इस दौरान शहर के पारंपरिक बाजारों और स्थानीय व्यापारियों को अच्छी ग्राहकी और व्यापारिक लाभ मिलता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जोधपुर में रक्षाबंधन पर पतंगबाजी कितने दिनों तक चलती है?\nजोधपुर में रक्षाबंधन से पहले और बाद में करीब एक सप्ताह तक छतों पर पतंग उड़ाने का सिलसिला चलता रहता है।\n\n2. इस दौरान महिलाएं किस प्रकार के कपड़े पहनती हैं?\nमहिलाएं लहरिया, बंधेज और अन्य पारंपरिक राजस्थानी परिधानों में सजकर छतों पर पतंग उड़ाती नजर आती हैं।\n\n3. रक्षाबंधन पर जोधपुर की छतों का क्या माहौल रहता है?\nजोधपुर की छतें परिवार के मिलन, बच्चों के शोर, और एक-दूसरे की पतंग काटने की होड़ के साथ मनोरंजन का मुख्य ठिकाना बन जाती हैं।\n\n4. इस उत्सव में कौन-कौन से लोग हिस्सा लेते हैं?\nइस पारंपरिक उत्सव में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लेते हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/jodhpur-men-raksha-bandhan-para-dikha-anutha-ullasa-rajasthani-libasa-men-chhaton-para-utarin-mahilaen-aura-urai-patngen-24226",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-08-29",
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    "जोधपुर",
    "रक्षाबंधन",
    "पतंगबाजी",
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  "site": "TrendKia"
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