कल्याणपुरा में चुनावी रंजिश को लेकर सरपंच के रिश्तेदार के मकान पर मारी रोडवेज बस, कमरे में पढ़ रहे छात्र सुरक्षित बचे कोटपूतली-बहरोड़ के बानसूर स्थित कल्याणपुरा में रंजिश के तहत नवनिर्वाचित सरपंच के चाचा के घर पर रोडवेज बस से टक्कर मारने का आरोप लगा है, जिससे दीवार टूट गई लेकिन बच्चे सुरक्षित बच गए. कोटपूतली-बहरोड़ जिले में स्थित बानसूर क्षेत्र की कल्याणपुरा ग्राम पंचायत में चुनावी अदावत से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां पंचायत चुनाव के बाद पैदा हुए विवाद के चलते राजस्थान रोडवेज की एक यात्री बस से नवनिर्वाचित सरपंच रोहित चौधरी के चाचा के रिहायशी मकान पर कथित तौर पर जानबूझकर सीधी टक्कर मार दी गई. इस अप्रत्याशित वारदात के बाद से गांव के बाशिंदों में भारी नाराजगी फैल गई है और समूचे इलाके में यह घटना चर्चा के केंद्र में आ गई है. मौके पर मौजूद चश्मदीदों और पीड़ित परिवार के सदस्यों ने बताया कि बस का यह प्रहार बेहद जबरदस्त था. टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान की बाहरी मुख्य दीवार के भारी पत्थर उखड़कर सीधे अंदर कमरे के फर्श पर जा गिरे. जिस वक्त यह टकराव हुआ, उस समय कमरे के भीतर कुछ बच्चे बैठकर अपनी पढ़ाई में जुटे हुए थे. गनीमत यह रही कि पत्थर गिरने के बावजूद वे सभी बाल-बाल बच गए और कोई अनहोनी नहीं हुई. यदि यह प्रहार थोड़ा और जोरदार होता या बच्चे दीवार के बिल्कुल पास बैठे होते, तो कोई भी गंभीर जानलेवा हादसा घटित हो सकता था. परिचालक द्वारा बस घर ले जाने और जानबूझकर दीवार से टकराने की शिकायत नवनिर्वाचित सरपंच रोहित चौधरी के भाई राकेश चौधरी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि रामपुर से अलवर रूट पर संचालित होने वाली रोडवेज बस का परिचालक सतवीर चौधरी उन्हीं के गांव का निवासी है. शिकायत के मुताबिक, परिचालक को रात के वक्त बस को निर्धारित डिपो या स्टैंड पर पार्क करना चाहिए था, लेकिन वह नियमों की अनदेखी करते हुए वाहन को सीधे अपने घर ले गया था. आरोप है कि इसके बाद सोमवार की सुबह उसने चुनावी द्वेष के कारण उनके चाचा मूलचंद चौधरी के मकान को उस विशालकाय बस से जोरदार टक्कर मार दी. इस घातक टक्कर के कारण मूलचंद चौधरी के मकान की दीवार बुरी तरह ढह गई और ढांचे को भारी क्षति पहुंची, जबकि साथ ही रोडवेज बस का अग्रिम हिस्सा भी काफी क्षतिग्रस्त हो गया. रामपुर बस स्टैंड पर बस की घेराबंदी और पुलिसिया कार्रवाई इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी परिचालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया था. घटना से उत्तेजित ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया और रामपुर बस स्टैंड पर जाकर रोडवेज बस को चारों तरफ से घेरकर रोक लिया. ग्रामीणों ने फौरन स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस मामले की सूचना दी. खबर मिलते ही बानसूर थाने की पुलिस टीम मौके पर रवाना हुई और उन्होंने बस को अपने नियंत्रण में लेकर थाने पहुंचा दिया. पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत पड़ताल शुरू कर दी है, जिसमें पंचायत चुनाव की रंजिश वाले पहलू और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई की सघनता से जांच की जा रही है. इसका आप पर असर सार्वजनिक परिवहन के दुरुपयोग और चुनावी रंजिश से आम नागरिकों की सुरक्षा को गहरा खतरा पैदा हो सकता है. • भारत में: सरकारी वाहनों के अनधिकृत उपयोग और राजनीतिक विवादों में सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग पर सख्त निगरानी की जरूरत रेखांकित होती है. इससे यह स्पष्ट होता है कि नियमों का उल्लंघन होने पर त्वरित प्रशासनिक कदम उठाना कितना आवश्यक है. • कोटपूतली-बहरोड़ में: स्थानीय ग्रामीणों को सतर्क रहने और पंचायत चुनाव के बाद किसी भी तरह के तनाव की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करने की आवश्यकता है. पीड़ित परिवार को संपत्ति के नुकसान का आकलन कराकर कानूनी सहायता और मुआवजे के लिए दावा प्रस्तुत करना होगा. • रोडवेज यात्रियों के लिए: अनुचित तरीके से बस का संचालन और मार्गों पर वाहन रोकने की घटनाओं से बस सेवा बाधित हो सकती है. यात्रियों को ऐसे विवादित रूटों पर यात्रा करते समय समय सारिणी की पुष्टि कर लेनी चाहिए. • सार्वजनिक सुरक्षा: रिहायशी इलाकों में भारी वाहनों की गैरकानूनी आवाजाही पर रोक लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन से मांग की जा सकती है. ग्रामीण अपने क्षेत्र में रात के समय भारी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग की शिकायत दर्ज करा सकते हैं. ऐसा क्यों हुआ यह घटना पंचायत चुनाव के नतीजों से उपजी व्यक्तिगत रंजिश और सरकारी वाहन की अनधिकृत आवाजाही के कारण घटित हुई. • चुनावी रंजिश: ग्राम पंचायत चुनाव में नवनिर्वाचित सरपंच रोहित चौधरी की जीत के बाद प्रतिद्वंद्वी पक्ष में भारी नाराजगी थी. इसी चुनावी द्वेष के चलते आरोपी ने सरपंच के परिजनों को निशाना बनाने की मंशा रखी. • नियमों की अनदेखी: रोडवेज बस के परिचालक ने बस को नियत बस स्टैंड पर खड़ा करने के बजाय रात में मनमाने ढंग से अपने निजी घर ले जाकर खड़ा किया. नियमों के इस उल्लंघन के कारण ही उसे सुबह बस का गलत इस्तेमाल करने का मौका मिल गया. • जांच जारी: पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम और परिचालक की संलिप्तता की गहन जांच कर रही है. घटना के सभी पहलुओं और राजनीतिक दुर्भावना की पुष्टि के लिए चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. सवाल-जवाब 1. यह घटना किस ग्राम पंचायत और जिले की है? यह घटना कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुरा ग्राम पंचायत की है. 2. हादसे के समय मकान के अंदर कौन मौजूद था? टक्कर के वक्त कमरे के भीतर कुछ बच्चे बैठकर पढ़ाई कर रहे थे, जो पूरी तरह सुरक्षित बच गए. 3. मकान पर किस वाहन से टक्कर मारने का आरोप लगा है? मकान पर राजस्थान रोडवेज की एक बस से टक्कर मारने का आरोप लगा है. 4. आरोपी परिचालक का क्या नाम है और वह किस रूट पर कार्यरत है? आरोपी परिचालक का नाम सतवीर चौधरी है और वह रामपुर-अलवर रूट की रोडवेज बस में तैनात है. 5. जिस मकान को क्षति पहुंची है वह किसका है? यह मकान नवनिर्वाचित सरपंच रोहित चौधरी के चाचा मूलचंद चौधरी का है. 6. ग्रामीणों ने बस को कहां और कैसे पकड़ा? ग्रामीणों ने घटना के बाद रामपुर बस स्टैंड पर घेराबंदी करके रोडवेज बस को पकड़ा और पुलिस को सौंपा. https://trendkia.com/rajasthan/kalyanpura-men-chunavi-rnjisha-ko-lekara-sarapncha-ke-rishtedara-ke-makana-para-mari-roadways-basa-kamare-men-parha-rahe-chhatra-s-54818 TrendKia — Har trend, sabse pehle.