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  "type": "article",
  "title": "करौली में कैलादेवी शारदीय नवरात्रि मेले के लिए सुरक्षा और सुविधाओं का खाका तैयार",
  "summary": "राजस्थान के करौली स्थित कैलादेवी मंदिर में 11 से 20 अक्टूबर तक चलने वाले शारदीय नवरात्रि मेले के लिए व्यापक सुरक्षा, नदी घाटों पर निगरानी और विशेष पूजा अनुष्ठान की योजना तैयार की गई है।",
  "content": "राजस्थान के करौली जिले में स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ कैलादेवी मंदिर में आगामी शारदीय नवरात्रि मेले की सभी प्रशासनिक और प्रबंधकीय तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चलने वाले इस दस दिवसीय धार्मिक आयोजन में देश भर से भारी तादाद में श्रद्धालुओं के उमड़ने का अनुमान है। भक्तों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा, सुगम यातायात, स्वच्छता और बुनियादी जनसुविधाओं से जुड़े सभी इंतजामों को अंतिम रूप प्रदान कर दिया है, जिससे दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।\n\nप्रशासनिक अमले ने लिया तैयारियों का जायजा\nमेले की जमीनी तैयारियों की समीक्षा के लिए जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने कैलादेवी मंदिर परिसर का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी विभागों को शेष कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने और आपस में तालमेल बनाकर काम करने की हिदायत दी। वहीं, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने शांति, कानून व्यवस्था, प्रभावी भीड़ नियंत्रण और सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन के संबंध में पुलिस अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए।\n\nत्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा और 300 से अधिक कैमरों से निगरानी\nमेले के दौरान समूचे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए करीब 250 पुलिसकर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया गया है। मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास द्वारों और आसपास के प्रमुख इलाकों में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। आकस्मिक परिस्थितियों, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए एसडीआरएफ (SDRF) तथा सिविल डिफेंस के विशेष दस्ते मौके पर मुस्तैद रहेंगे। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट के लगभग 200 कर्मचारी भी व्यवस्था संचालन में प्रशासन का हाथ बंटाएंगे।\n\nकालीसिल नदी के घाटों पर गोताखोर और विशेष सुविधाएं\nकैलादेवी आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में कालीसिल नदी में स्नान करते हैं, जिसको देखते हुए नदी के घाटों पर सुरक्षा और स्वच्छता के कड़े प्रबंध किए गए हैं। स्नान के दौरान किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए प्रशिक्षित गोताखोरों को तैनात किया जाएगा। मंदिर परिसर में शुद्ध पेयजल, विश्राम स्थल, सुचारू कतार प्रबंधन, पार्किंग तथा दिव्यांग श्रद्धालुओं की मदद के लिए ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही चिकित्सा टीमें और एंबुलेंस सेवाएं भी आपात स्थिति के लिए तैनात रहेंगी।\n\nदुर्गा सप्तशती पाठ और कन्या पूजन के विशेष धार्मिक अनुष्ठान\nमंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक प्रदीप द्विवेदी ने व्यवस्थाओं का विवरण साझा किया। वहीं, राशि प्रकाश जतीन के अनुसार, नवरात्रि पर्व के दौरान मंदिर में नियमित रूप से विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। इन दस दिनों में 101 दुर्गा सप्तशती तथा 108 भैरव स्तोत्र के पाठ के साथ-साथ दुर्गा भागवत का भव्य आयोजन होगा। इसके अलावा प्रतिदिन विधि-विधान से कन्या पूजन और कन्या भोज की परंपरा का निर्वहन किया जाएगा, जबकि अनेक श्रद्धालु परिसर में घट स्थापना कर अपनी व्यक्तिगत साधना और अनुष्ठान भी संपन्न करेंगे।\n\nइसका आप पर असर\nकैलादेवी शारदीय नवरात्रि मेले में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में दर्शन करने की सुविधा मिलेगी।\n\n• राजस्थान और करौली में: मेले के दौरान 11 से 20 अक्टूबर तक मंदिर मार्ग और कालीसिल नदी क्षेत्र में यातायात तथा सुरक्षा निगरानी सख्त रहेगी। स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और सुचारू पार्किंग से यात्रियों की आवाजाही आसान होगी।\n• श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए: मंदिर परिसर में पेयजल, कतार प्रबंधन, विश्राम स्थल और दिव्यांगों के लिए ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई हैं। नदी घाटों पर गोताखोरों की मौजूदगी से स्नान करने वाले भक्तों को सुरक्षा मिलेगी।\n• धार्मिक अनुष्ठान के लिए: नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन 101 दुर्गा सप्तशती, 108 भैरव स्तोत्र पाठ और कन्या पूजन का आयोजन होगा। श्रद्धालु व्यक्तिगत साधना के लिए घट स्थापना भी कर सकेंगे।\n• सुरक्षा और निगरानी पर: 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, 250 पुलिसकर्मी और एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासनिक मदद उपलब्ध होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nशारदीय नवरात्रि के अवसर पर कैलादेवी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना के चलते यह व्यापक प्रशासनिक तैयारी की गई है।\n\n• भारी भीड़ का प्रबंधन: 11 से 20 अक्टूबर तक चलने वाले 10 दिवसीय मेले में देशभर से बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। भगदड़ और अव्यवस्था रोकने के लिए कतार व्यवस्था और 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क तैयार किया गया है।\n• नदी घाटों पर सुरक्षा की आवश्यकता: श्रद्धालु बड़ी संख्या में कालीसिल नदी के घाटों पर स्नान करते हैं। जल संबंधी दुर्घटनाओं को टालने के लिए सफाई के साथ गोताखोरों और एसडीआरएफ टीमों को तैनात किया गया है।\n• अंतर-विभागीय समन्वय: जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर कानून व्यवस्था और जनसुविधाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कैलादेवी शारदीय नवरात्रि मेला कब से कब तक आयोजित होगा?\nयह मेला 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक कुल 10 दिनों के लिए आयोजित किया जाएगा।\n\n2. मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए कितने पुलिसकर्मी और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं?\nसुरक्षा के लिए लगभग 250 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे और 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।\n\n3. कालीसिल नदी के घाटों पर सुरक्षा के क्या प्रबंध किए गए हैं?\nकालीसिल नदी के घाटों पर सफाई व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा के लिए विशेष गोताखोर और एसडीआरएफ व सिविल डिफेंस की टीमें तैनात रहेंगी।\n\n4. नवरात्रि के दौरान मंदिर में कौन से विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे?\nमंदिर में 101 दुर्गा सप्तशती और 108 भैरव स्तोत्र के पाठ, दुर्गा भागवत कथा, कन्या पूजन तथा घट स्थापना के अनुष्ठान होंगे।\n\n5. दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए क्या विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है?\nदिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में ट्राईसाइकिल की व्यवस्था की गई है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-10",
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