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  "type": "article",
  "title": "करौली का अनोखा रसगुल्ला पान, जिसके स्वाद के लिए दिल्ली और जयपुर से खींचे चले आते हैं लोग",
  "summary": "राजस्थान के करौली में स्थित कान्हा पान भंडार का रसगुल्ला पान अपनी अनोखी मिठास और स्वाद के लिए देश भर में मशहूर है। इस खास पान को खाने के लिए लोग दूर-दूर से लंबी लाइनों में खड़े रहते हैं।",
  "content": "राजस्थान के करौली में पान के वैसे तो कई ठिकाने मौजूद हैं, लेकिन पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थित कान्हा पान भंडार का जायका बेहद खास माना जाता है। यहां तैयार होने वाला विशेष रसगुल्ला पान खाने के शौकीनों के बीच काफी पसंद किया जाता है। इस अनोखे पान का स्वाद लेने के लिए दुकान पर देर रात तक ग्राहकों का तांता लगा रहता है। स्थिति यह बन जाती है कि कई बार लोगों को अपनी बारी आने का इंतजार करने के लिए आधे से एक घंटे तक लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता है। इस लजीज पान की ख्याति केवल करौली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जयपुर और दिल्ली जैसे बड़े शहरों से आने वाले लोग भी इसके दीवाने हैं।\n\nमसालपुर के पत्तों और सीक्रेट रेसिपी का कमाल\nइस स्पेशल रसगुल्ला पान की सबसे बड़ी खूबी इसका रसगुल्ले जैसा मीठा और शानदार जायका है। आकार में यह इतना बड़ा होता है कि एक बार में इसे पूरे मुंह में रखना किसी के लिए भी आसान नहीं होता है। यही वजह है कि इसके शौकीन इसे बड़े आराम से दो हिस्सों में बांटकर इसका लुत्फ उठाते हैं। पिछले 15 साल से लगातार बनाए जा रहे इस पान को तैयार करने में करौली के प्रसिद्ध मसालपुर के पान के पत्तों का प्रयोग किया जाता है, जो अपनी बेहतरीन गुणवत्ता और अनोखे स्वाद के लिए जाने जाते हैं।\n\nसाढ़े दो दशक से अधिक पुराना सफर और वैरायटी\nदुकान संचालक कान्हा सिंह ने जानकारी दी कि इस कारोबार की शुरुआत उनके भाई ने करीब 27 साल पहले की थी, जिसे पिछले 25 वर्षों से वे खुद सफलता के साथ संभाल रहे हैं। उनकी इस दुकान पर लगभग 20 तरह के अलग-अलग पान मिलते हैं, जिनमें रसगुल्ला पान सबसे खास आकर्षण का केंद्र है। इसे एक गुप्त रेसिपी के जरिए तैयार किया जाता है, जिसके कारण मुंह में जाते ही यह बिल्कुल रसगुल्ले जैसा स्वाद प्रदान करता है। सामान्य दिनों में यहां 200 से अधिक पान बिक जाते हैं, जबकि शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में यह मांग दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। दुकान पर 20 रुपये से लेकर 80 रुपये तक की कीमत के पान उपलब्ध हैं।\n\nग्राहकों का अनुभव और मिलनसार व्यवहार\nपान के नियमित ग्राहक और अधिवक्ता अंशुमान सिंह जादौन तथा अभिषेक शर्मा का कहना है कि यहां मिलने वाले पान का स्वाद पूरे शहर में सबसे अलग और बेहतरीन है। वहीं एक अन्य ग्राहक विपुल चतुर्वेदी का मानना है कि पान के लजीज स्वाद के साथ-साथ दुकान संचालक दोनों भाइयों का मिलनसार स्वभाव भी ग्राहकों को बार-बार यहां खींच लाता है। त्योहारों के मौसम में तो लोग रात के 1 बजे तक इस मीठे और चटपटे जायके का आनंद उठाने के लिए यहां पहुंचते रहते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह अनोखा खानपान स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देता है।\n\n• भारत में: देश भर के पारंपरिक बाजारों और स्थानीय खानपान स्टार्टअप्स को ऐसी अनूठी पहलों से नई पहचान मिलती है।\n• करौली में: करौली और आसपास के स्थानीय निवासियों तथा दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों को एक नया और लोकप्रिय जायका चखने का अवसर मिलता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह लोकप्रियता वर्षों की गुणवत्ता और एक गुप्त नुस्खे के कारण है।\n\n• पारंपरिक गुणवत्ता: मसालपुर के प्रसिद्ध पान के पत्तों के इस्तेमाल से उत्पाद का स्वाद और स्तर बेहतरीन रहता है।\n• सीक्रेट रेसिपी: एक खास गुप्त नुस्खे की बदौलत पान का स्वाद पारंपरिक रसगुल्ले जैसा महसूस होता है।\n• लंबा अनुभव: पिछले 27 वर्षों से चल रहे इस कारोबार ने ग्राहकों के बीच अटूट भरोसा और लोकप्रियता बनाई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. करौली में यह प्रसिद्ध रसगुल्ला पान कहां मिलता है?\nयह पान करौली की पुरानी सब्जी मंडी स्थित कान्हा पान भंडार पर मिलता है।\n\n2. कान्हा पान भंडार पर रसगुल्ला पान कितने साल से बन रहा है?\nयह विशेष रसगुल्ला पान पिछले 15 साल से लगातार बनाया जा रहा है।\n\n3. इस दुकान की शुरुआत कितने साल पहले हुई थी?\nयह स्टार्टअप करीब 27 साल पहले शुरू किया गया था।\n\n4. इस पान को बनाने में किस जगह के पत्तों का उपयोग होता है?\nइसे बनाने में करौली के प्रसिद्ध मसालपुर के पान के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है।\n\n5. इस दुकान पर पान की कीमत क्या है?\nदुकान पर 20 रुपये से लेकर 80 रुपये तक के पान उपलब्ध हैं।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-11-07",
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