# खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, जयपुर की फैक्ट्री में सड़ते आचार के बीच मिलीं मरी छिपकलियां

> जयपुर के मुहाना मंडी क्षेत्र में स्थित एक आचार कारखाने में भारी गंदगी, मृत छिपकलियां और कीड़े मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने 85 हजार किलो स्टॉक सीज कर परिसर सील कर दिया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/khadya-suraksha-vibhaga-ka-bara-ekshana-jaipur-ki-phaiktri-men-sarate-achara-ke-bicha-milin-mari-chhipakaliyan-49466 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपुर, मुहाना मंडी, खाद्य सुरक्षा विभाग, आचार फैक्ट्री, श्री श्याम फूड्स, पायोनियर नेचुरल प्रोडक्ट्स, छापेमारी

राजस्थान की राजधानी जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य सामग्री तैयार करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। शहर के प्रसिद्ध मुहाना मंडी इलाके में स्थित एक खाद्य प्रसंस्करण इकाई पर औचक छापेमारी के दौरान चौंकाने वाला नजारा सामने आया। फैक्ट्री के भीतर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं और जिस आचार को बाजार में आम उपभोक्ताओं की थाली तक पहुंचना था, वह बेहद गंदे और असुरक्षित माहौल में तैयार किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान पाई गई भीषण अनियमितताओं के बाद अधिकारियों ने मौके से भारी मात्रा में तैयार माल और कच्चा माल जब्त कर लिया है।

## मुहाना मंडी के कारखाने में नियमों की खुली अनदेखी
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम जब मुहाना मंडी स्थित श्री श्याम फूड्स पहुंची, तो वहां का दृश्य देखकर हर कोई दंग रह गया। जांच दल ने सबसे पहले प्रतिष्ठान के बेसमेंट का मुआयना किया, जहां आचार बनाने और उसे संचित करने की व्यवस्था की गई थी। इस तलघर में लगभग 100 बड़ी प्लास्टिक की टंकियां रखी हुई पाई गईं। इन टंकियों में आचार का भारी स्टॉक मौजूद था, जिसमें करीब 5 हजार किलो पूरी तरह तैयार आचार शामिल था। इसके अतिरिक्त गाजर, कच्ची कैरी, नींबू और हरी मिर्च जैसे आचार बनाने में प्रयुक्त होने वाले लगभग 80 हजार किलो कच्चे माल का भंडारण भी यहीं किया गया था।

## टंकियों में तैरती मृत छिपकलियां और मकड़ी के जाले
निरीक्षण के दौरान जब प्लास्टिक की टंकियों को खोलकर बारीकी से देखा गया, तो उनमें भारी संख्या में मच्छर और मकड़ियां जमा थीं। कई टंकियों के किनारों और ढक्कनों पर घने जाले लगे हुए थे। इतना ही नहीं, एक-दो टंकियों के भीतर मृत छिपकलियां भी पड़ी मिलीं। कारखाने की बुनियादी स्वच्छता का हाल यह था कि पूरे परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे थे, खिड़कियां टूटी हुई थीं और कीड़े-मकौड़ों को रोकने के लिए लगाई जाने वाली जालियां भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त थीं। खुले वातावरण और टूटी खिड़कियों के रास्ते जहरीले जीव-जंतु और मक्खी-मच्छर सीधे खाद्य पदार्थों के संपर्क में आ रहे थे।

## नमूने जांच के लिए भेजे, 85 हजार किलो सामग्री नष्ट कराने की तैयारी
विभाग की टीम ने मौके से विभिन्न खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता परखने के लिए सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी की। अधिकारियों ने सॉस, मिक्स आचार और आम के आचार के कई नमूने एकत्र किए और उन्हें अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला में रासायनिक परीक्षण के लिए भिजवा दिया। इसके साथ ही लगभग 1,700 किलो पहले से पैक किया हुआ आचार और सॉस भी मौके पर जब्त कर लिया गया। गंदगी और जहरीले तत्वों के सीधे संपर्क में आने की वजह से दूषित हो चुके कुल करीब 85 हजार किलो माल को अब प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत नष्ट करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

## कारखाना सील, लाइसेंस निलंबन और कानूनी कार्रवाई के निर्देश
इस बात की प्रबल आशंका थी कि जांच के बाद संचालक इस दूषित माल को चोरी-छिपे बाजार में बेचने या खुर्द-बुर्द करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने तुरंत पूरे परिसर को सील कर दिया और आगामी आदेशों तक किसी भी तरह के खाद्य कारोबार पर पूर्ण पाबंदी लगा दी। विभाग ने फर्म का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने के लिए आवश्यक विधिक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने और अन्य साक्ष्यों के संकलन के पश्चात खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

## पायोनियर नेचुरल प्रोडक्ट्स पर भी गिरी गाज
इसी अभियान के दौरान मुहाना क्षेत्र में ही स्थित एक अन्य प्रतिष्ठान, पायोनियर नेचुरल प्रोडक्ट्स की भी सघन जांच की गई। इस इकाई में तैयार होने वाले खाद्य उत्पादों के लेबल पर स्वास्थ्य से जुड़े भ्रामक और अनुचित दावे पाए गए। इसके अलावा पैकेजिंग पर अधूरा पता मुद्रित होने जैसी गंभीर विनियामक खामियां भी उजागर हुईं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस प्रतिष्ठान से भी उत्पादों के विधिक नमूने लिए और संबंधित स्टॉक को सीज कर दिया। साथ ही, अग्रिम आदेश जारी होने तक वहां भी उत्पादों के निर्माण और बाजार में बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

## इसका आप पर असर
इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं की थाली तक पहुंचने वाले दूषित आचार की एक बड़ी खेप बाजार में बिकने से रुक गई है।

- **भारत में:** देश भर के उपभोक्ताओं के लिए यह कार्रवाई खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग, लेबलिंग और ब्रांड विश्वसनीयता जांचने की अहमियत को रेखांकित करती है। स्थानीय स्तर पर बिकने वाले खुले या बिना उचित पते वाले पैक्ड खाद्य पदार्थों को खरीदने से पहले नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।
- **जयपुर में:** शहर और आसपास के खुदरा बाजारों में मुहाना मंडी से सप्लाई होने वाले आचार और सॉस की उपलब्धता पर तत्काल प्रभाव पड़ेगा। स्थानीय लोग हाल ही में खरीदे गए बिना मानक वाले उत्पादों के इस्तेमाल से बचें और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से सतर्क रहें।
- **लाइसेंसिंग और नियम:** खाद्य कारोबारियों के लिए साफ-सफाई और सही लेबलिंग अनिवार्य कानूनी शर्त है, जिसमें लापरवाही पर प्रतिष्ठान सील हो सकता है। नियमों की अनदेखी करने वाली इकाइयों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत भारी जुर्माने और निलंबन का खतरा रहेगा।
- **उत्पाद नष्टीकरण:** करीब 85 हजार किलो दूषित सामग्री नष्ट होने से अस्वच्छ माल रीसायकल होकर बाजार में नहीं आ सकेगा। उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली के जरिए स्थानीय नागरिक भी संदिग्ध खाद्य प्रतिष्ठानों की सूचना विभाग को दे सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में अनिवार्य स्वच्छता नियमों की घोर उपेक्षा और निगरानी के अभाव के चलते यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। बुनियादी सुरक्षा उपायों की अनदेखी ने पूरे स्टॉक को जहरीला और असुरक्षित बना दिया।

- **सीधा कारण:** बेसमेंट की खुली और टूटी खिड़कियों तथा क्षतिग्रस्त जालियों के कारण कीड़े, मकड़ियां और छिपकलियां सीधे आचार की खुली टंकियों में गिर गईं। परिसर में सफाई की मुकम्मल व्यवस्था न होने से तलघर में संचित खाद्य सामग्री दूषित हो गई।
- **लापरवाही की स्थितियां:** प्रतिष्ठान प्रबंधन ने लगभग 85 हजार किलो संवेदनशील खाद्य सामग्री को असुरक्षित प्लास्टिक टंकियों में महीनों तक बिना ढक्कन और बिना कीट नियंत्रण प्रबंधों के छोड़ रखा था। मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन न किए जाने से उत्पादन स्थल पर भीषण गंदगी पनपती रही।
- **विपणन नियमों का उल्लंघन:** मुहाना मंडी की दूसरी फर्म पायोनियर नेचुरल प्रोडक्ट्स में भ्रामक स्वास्थ्य दावों और आधे-अधूरे पते के साथ माल बेचने की कोशिश की जा रही थी। विनियामक मानकों को नजरअंदाज कर उत्पादों को बाजार में उतारने की होड़ ने इस प्रशासनिक जांच को प्रेरित किया।
- **आगामी कदम:** विभाग ने सील किए गए माल के प्रयोगशाला परीक्षण के निर्देश दिए हैं ताकि रासायनिक और जीवाणु संक्रमण का स्तर तय किया जा सके। जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दोषियों के विरुद्ध विधिक वाद दर्ज किए जाएंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने किस प्रतिष्ठान पर छापा मारा?
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मुहाना मंडी स्थित श्री श्याम फूड्स और पायोनियर नेचुरल प्रोडक्ट्स पर औचक जांच की।

### 2. फैक्ट्री के बेसमेंट से कितनी खाद्य सामग्री जब्त की गई?
निरीक्षण के दौरान लगभग 5 हजार किलो तैयार आचार और करीब 80 हजार किलो कच्चा माल मिलाकर कुल 85 हजार किलो सामग्री सीज की गई।

### 3. जांच टीम को आचार की टंकियों में क्या खामियां मिलीं?
टंकियों के अंदर मच्छर, मकड़ियां, जाले और मृत छिपकलियां तैरती पाई गईं, जबकि परिसर की खिड़कियां और जालियां टूटी हुई थीं।

### 4. पायोनियर नेचुरल प्रोडक्ट्स के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
उत्पादों पर भ्रामक स्वास्थ्य दावों और अधूरे पते की वजह से माल सीज किया गया तथा अग्रिम आदेश तक निर्माण व बिक्री पर रोक लगा दी गई।

### 5. सीज की गई दूषित सामग्री के साथ प्रशासन क्या करेगा?
दूषित होने की पुष्टि के बाद पूरे 85 हजार किलो माल को नष्ट करवाने और फर्म का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._