खैरथल तिजारा में दर्दनाक हादसा, गर्म दलिये के बर्तन में गिरने से डेढ़ साल की मासूम अस्सी फीसदी झुलसी राजस्थान के खैरथल जिले के माजरा पीपली गांव में पशुओं के लिए बनाए गए खौलते दलिये में गिरने से डेढ़ साल की सन्ना गंभीर रूप से झुलस गई। तिजारा और अलवर में प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को नाजुक हालत में… राजस्थान के अलवर खैरथल जिले के अंतर्गत तिजारा थाना क्षेत्र स्थित माजरा पीपली गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। घर के पास खेल-कूद रही डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची अचानक मवेशियों के लिए पकाए गए खौलते दलिये से भरे बड़े बर्तन में गिर पड़ी। इस अप्रत्याशित दुर्घटना में बच्ची लगभग 80 प्रतिशत तक झुलस गई है। हादसे के तुरंत बाद घर में चीख-पुकार मच गई और परिजन घबराए हुए हालत में मासूम को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले भागे। शाम के समय खेलते हुए हुआ हादसा परिजनों और बच्ची की दादी के अनुसार, यह घटना शाम के वक्त घटी जब डेढ़ साल की सन्ना घर के आसपास ही खेल रही थी। उस समय घर के बाकी सदस्य अपने दैनिक कामकाज निपटाने में व्यस्त थे। इसी दौरान पशुओं को खिलाने के उद्देश्य से गर्म दलिया तैयार करके एक बड़ी परात में रखा गया था। खेलते-खेलते सन्ना का संतुलन बिगड़ा या वह अनजाने में सीधे उस गर्म दलिये से भरी परात के अंदर जा गिरी। जब परिजनों की नजर उस पर पड़ी तो वह खौलते भोजन के पात्र में गिरी तड़प रही थी, जिसके बाद उसे तत्काल बाहर निकाला गया। गंभीर स्थिति के चलते जयपुर रेफर दर्दनाक हादसे के बाद परिजन बिना वक्त गंवाए सन्ना को तत्काल तिजारा अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, किंतु लगभग 80 फीसदी झुलस जाने की वजह से बच्ची की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। तिजारा के चिकित्सकों ने प्राथमिक देखभाल के पश्चात उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत अलवर अस्पताल भेज दिया। अलवर में भी जांच के उपरांत डॉक्टरों ने बच्ची की जान को खतरे में देखते हुए और गहन चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उसे उच्च स्तरीय उपचार हेतु जयपुर रेफर कर दिया है। इसका आप पर असर यह घटना ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी घरों में बच्चों की सुरक्षा और गर्म खाद्य पदार्थों को जमीन पर खुला रखने के खतरों को रेखांकित करती है। • राजस्थान में: ग्रामीण इलाकों में पशुओं का आहार बनाते समय विशेष सावधानी बरतने और खौलते बर्तनों को ऊंचाई पर या ढंककर रखने की आवश्यकता है। परिजन प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों से बड़े अस्पतालों की रेफरल दूरी को देखते हुए तुरंत एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें। • भारत में: घरों में छोटे बच्चों के आसपास गर्म तरल या पशु आहार रखने की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। हर माता-पिता को गर्म बर्तनों को जमीन पर असुरक्षित छोड़ने से बचना चाहिए ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो। ऐसा क्यों हुआ यह दर्दनाक हादसा पशुओं के गर्म आहार को असुरक्षित स्थान पर रखने और खेलते वक्त बच्चे से बड़ों की नजर हटने के कारण हुआ। • लापरवाही से रखा गया गर्म आहार: पशुओं के लिए तैयार किया गया खौलता दलिया जमीन पर रखी खुली परात में ठंडा होने के लिए छोड़ दिया गया था। जमीन के स्तर पर रखे गर्म बर्तनों की ओर छोटे बच्चे अनजाने में आकर्षित हो जाते हैं। • खेलते समय निगरानी का अभाव: शाम के समय परिवार के सदस्य अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे और डेढ़ साल की बच्ची अकेले खेल रही थी। चंद पलों के लिए ध्यान भटकते ही बच्ची बर्तन के पास पहुंची और उसमें गिर गई। • गंभीर झुलसन और रेफरल की वजह: उबलते तरल में गिरने से बच्ची का 80 प्रतिशत शरीर झुलस गया, जिसके कारण स्थानीय तिजारा और अलवर अस्पतालों में बर्न यूनिट की विशेषज्ञ सुविधाओं के अभाव में उसे जयपुर भेजना पड़ा। सवाल-जवाब 1. यह हादसा किस जगह और किस गांव में हुआ? यह हादसा राजस्थान के अलवर खैरथल जिले के अंतर्गत तिजारा थाना क्षेत्र के माजरा पीपली गांव में हुआ। 2. घायल बच्ची का नाम और उम्र क्या है? घायल बच्ची का नाम सन्ना है और उसकी उम्र डेढ़ साल है। 3. बच्ची कैसे और किस चीज में गिरी? बच्ची शाम के समय घर के पास खेलते-खेलते मवेशियों के लिए तैयार किए गए गर्म दलिये से भरी परात में गिर गई। 4. हादसे में बच्ची कितने प्रतिशत झुलसी है? हादसे की चपेट में आने से बच्ची लगभग 80 प्रतिशत झुलस गई है। 5. बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद कहां रेफर किया गया? तिजारा अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद बच्ची को अलवर भेजा गया और फिर गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर रेफर कर दिया गया। https://trendkia.com/rajasthan/khairthal-tijara-men-dardanaka-hadasa-garma-daliye-ke-bartana-men-girane-se-derha-sala-ki-masuma-assi-phisadi-jhulasi-40437 TrendKia — Har trend, sabse pehle.