खैरथल-तिजारा में पूर्व फौजी की संदिग्ध मौत से बवाल, जमीन विवाद में हत्या का आरोप लगाकर सड़क पर उतरे ग्रामीण राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के खरोला गांव में पूर्व सैनिक शेरसिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद भारी हंगामा हुआ। परिजनों ने जमीन के झगड़े में पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगाते हुए खैरथल-हरसौली मार्ग पर जाम लगाया। राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले अंतर्गत खरोला गांव में एक पूर्व फौजी की संदिग्ध परिस्थितियों में जान जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मृतक की शिनाख्त पूर्व सैनिक शेरसिंह के रूप में की गई है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में तनाव और शोक का माहौल बन गया। शेरसिंह के परिजनों ने गांव के ही कुछ बाशिंदों पर जमीन की रंजिश के चलते उनकी बेदर्दी से पिटाई करने और जान लेने का सीधा आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते यह मामला सड़क पर बड़े विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया। खेत की सीमा दिखाने के बहाने बुलाकर हमले का आरोप इस पूरे मामले में परिवादी कृष्ण कुमार ने घटनाक्रम का ब्योरा सामने रखा है। उनके मुताबिक शेरसिंह को नरेश नाम का शख्स खेत की डोल यानी मेढ़ दिखाने के बहाने उनके घर से बुलाकर ले गया था। परिजनों का कहना है कि खेत में पहले से ही पूरी साजिश रची जा चुकी थी। वहां मोतीलाल, रमेश, कन्हैया, संजय और धर्मपाल पहले से मौजूद थे। आरोप लगाया गया है कि जैसे ही शेरसिंह वहां पहुंचे, इन सभी लोगों ने अचानक उन पर हमला बोल दिया और लात-घूंसों से उनकी बेतहाशा पिटाई शुरू कर दी। हमले की भनक लगते ही शेरसिंह का बेटा भी अपने पिता को बचाने के लिए भागता हुआ मौके पर पहुंचा। परिजनों ने बताया कि बीच-बचाव करने पहुंचे बेटे को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा और उसके साथ भी मारपीट की गई। इसी दौरान हालात बेहद गंभीर हो गए और शेरसिंह बुरी तरह जख्मी होकर गिर पड़े। ग्रामीणों के पहुंचने पर भागे हमलावर, बेटे का दावा परिवादी के अनुसार जब आसपास के ग्रामीणों को इस मारपीट की खबर लगी और वे भागते हुए खेत की तरफ आए, तब तक सभी नामजद आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। शेरसिंह के बेटे का कहना है कि जब वह मौके पर अपने पिता को बचाने पहुंचा, तब तक उनके शरीर में कोई हरकत नहीं बची थी और उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के तुरंत बाद शेरसिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां खैरथल के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में उनके शव को रखवाया गया। इस वारदात के बाद से परिवार के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि जमीन के पुराने विवाद को लेकर जानबूझकर शेरसिंह की पीट-पीटकर हत्या की गई है। पीड़ित परिवार ने सभी नामजद आरोपियों पर फौरन सख्त कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग उठाई है। अस्पताल के बाहर धरना और खैरथल-हरसौली मार्ग पर चक्काजाम मामले में आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी न होने से नाराज होकर परिजन और भारी संख्या में ग्रामीण जिला अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने खैरथल-हरसौली मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे रास्ते के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सामान्य आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। धरने पर बैठे लोगों की दो टूक मांग थी कि पूर्व सैनिक की संदिग्ध मौत के जिम्मेदार सभी आरोपियों को बिना किसी देरी के गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। सड़क जाम की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की। हालांकि ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे और साफ कहा कि जब तक ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता, वे सड़क खाली नहीं करेंगे। डीएसपी के आश्वासन पर खत्म हुआ विरोध प्रदर्शन পরিস্থিতি बिगड़ने की आशंका को देखते हुए किशनगढ़बास के डीएसपी लालसिंह यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार व ग्रामीणों से लंबी चर्चा की। डीएसपी लालसिंह यादव ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरी तत्परता से जांच कर रही है और अगले दो दिनों के भीतर मामले के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस उपाधीक्षक के इस दो दिवसीय आश्वासन के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ, जिसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल के सामने से धरना खत्म कर सड़क पर लगा जाम हटा लिया। इसके बाद मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका। फिलहाल पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ-साथ पुलिसिया पड़ताल के बाद ही शेरसिंह की मौत की असल वजह और पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। इसका आप पर असर इस घटना और प्रदर्शन से स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और यातायात पर सीधा असर पड़ा है। • स्थानीय यातायात पर: खैरथल-हरसौली मुख्य मार्ग पर चक्काजाम लगने से राहगीरों और वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। पुलिस द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद ही सड़क पर आवागमन दोबारा बहाल हो सका। • ग्रामीणों और किसानों पर: ग्रामीण इलाकों में जमीन और खेतों की मेढ़ से जुड़े अनसुलझे विवाद अक्सर हिंसक झड़पों में बदल जाते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते राजस्व विभाग और प्रशासन से आधिकारिक सीमांकन कराना आवश्यक हो जाता है। • कानूनी कार्रवाई पर: पुलिस प्रशासन ने दो दिन के भीतर नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की समयसीमा तय की है। तय समय में गिरफ्तारी न होने पर इलाके में दोबारा सामाजिक तनाव और प्रदर्शन की स्थिति बन सकती है। • नागरिक सुरक्षा पर: किसी भी संदिग्ध परिस्थिति या हिंसक विवाद की स्थिति में नागरिकों को खुद दखल देने के बजाय तुरंत पुलिस हेल्पलाइन को सूचित करना चाहिए। इससे अनहोनी घटनाओं और जानलेवा टकरावों को समय पर रोका जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना कृषि भूमि की सीमा को लेकर उपजे पुराने आपसी मनमुटाव और सुनियोजित हमले के आरोपों के चलते घटित हुई। • तात्कालिक कारण: पूर्व सैनिक शेरसिंह को खेत की डोल यानी मेढ़ दिखाने के बहाने घर से बुलाकर ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि वहां पहले से मौजूद लोगों ने उन पर हमला बोल दिया। • पृष्ठभूमि और विवाद: पीड़ित पक्ष के अनुसार दोनों पक्षों के बीच जमीन की सीमा को लेकर पुराना मतभेद चल रहा था। इसी जमीन विवाद की रंजिश के चलते आरोपी पक्ष ने बातचीत के बहाने बुलाकर कथित तौर पर मारपीट की। • जांच की स्थिति: पुलिस मामले में हत्या और मारपीट के आरोपों की गहन जांच कर रही है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत फॉरेंसिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सवाल-जवाब 1. यह घटना राजस्थान के किस जिले और गांव की है? यह घटना राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के अंतर्गत खरोला गांव की है। 2. मृतक की पहचान किस रूप में हुई है? मृतक की पहचान खरोला गांव निवासी पूर्व सैनिक शेरसिंह के रूप में हुई है। 3. परिजनों ने घटना को लेकर क्या आरोप लगाए हैं? परिजनों का आरोप है कि शेरसिंह को जमीन की डोल दिखाने के बहाने बुलाकर कई लोगों ने लात-घूंसों से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी। 4. इस मामले में किन लोगों पर आरोप लगाया गया है? शिकायत में नरेश, मोतीलाल, रमेश, कन्हैया, संजय और धर्मपाल पर मारपीट और हमले का आरोप लगाया गया है। 5. ग्रामीणों ने किस मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था? परिजनों और ग्रामीणों ने जिला अस्पताल के सामने खैरथल-हरसौली मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था। 6. प्रदर्शनकारियों को किसने और क्या आश्वासन दिया? किशनगढ़बास के डीएसपी लालसिंह यादव ने दो दिन के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का लिखित व मौखिक आश्वासन दिया। https://trendkia.com/rajasthan/khairthal-tijara-men-purva-phauji-ki-sndigdha-mauta-se-bavala-jamina-vivada-men-hatya-ka-aropa-lagakara-saraka-para-utare-gramina-46973 TrendKia — Har trend, sabse pehle.