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  "title": "खाटूधाम जाने की तैयारी में हैं तो रुक जाइए, तिलक श्रृंगार के चलते करीब 30 घंटे के लिए बंद रहेगा बाबा श्याम का दरबार",
  "summary": "सीकर स्थित खाटूश्यामजी मंदिर में तिलक श्रृंगार और विशेष पूजा के चलते 8 सितंबर की रात से 10 सितंबर सुबह तक करीब 30 घंटे के लिए आम दर्शन बंद रहेंगे।",
  "content": "राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी मंदिर आज रात से करीब 30 घंटे के लिए आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद होने जा रहा है। जो भक्त आज या कल बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटूधाम पहुंचने की योजना बना रहे हैं, उन्हें मंदिर प्रशासन ने समय से पहले जानकारी ले लेने की सलाह दी है, क्योंकि इस दौरान विशेष पूजा और तिलक श्रृंगार की प्रक्रिया चलेगी।\n\nकब बंद होंगे मंदिर के कपाट\nश्री श्याम मंदिर कमेटी की सूचना के मुताबिक, 8 सितंबर मंगलवार को रात 10 बजे शयन आरती संपन्न होने के तुरंत बाद मंदिर के दरवाजे भक्तों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके अगले दिन यानी 9 सितंबर बुधवार को दिनभर कोई भी श्रद्धालु बाबा श्याम की एक झलक भी नहीं पा सकेगा, क्योंकि इस पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान चलते रहेंगे।\n\nइतनी देर क्यों लगती है तिलक श्रृंगार में\nमंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक यह आयोजन मंदिर की पुरानी परंपरा का हिस्सा है और हर बार पूरे विधि-विधान से इसे निभाया जाता है। इस मौके पर बाबा श्याम को चंदन का तिलक लगाया जाता है और वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच विशेष पूजा होती है। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मंदिर के भीतर सिर्फ सेवादार और पुजारी ही मौजूद रह पाते हैं, आम भक्तों को इस दौरान प्रवेश नहीं दिया जाता, यही वजह है कि इसमें इतना लंबा समय लग जाता है।\n\n10 सितंबर को फिर से खुलेगा दरबार\nअनुष्ठान पूरा होने के बाद 10 सितंबर गुरुवार सुबह ठीक 4:30 बजे मंगला आरती के साथ मंदिर के पट दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे और उसके बाद दर्शन का सिलसिला सामान्य रूप से चलने लगेगा। कुल मिलाकर देखें तो 8 सितंबर की रात 10 बजे से लेकर 10 सितंबर तड़के 4:30 बजे तक, यानी करीब साढ़े तीस घंटे तक खाटूधाम में आम दर्शन उपलब्ध नहीं रहेंगे। मंदिर प्रबंधन ने अपील की है कि भक्त इस पूरे शेड्यूल को ध्यान में रखकर ही यात्रा की योजना बनाएं, खासकर 9 सितंबर को दर्शन के इरादे से खाटूधाम न पहुंचें, ताकि उन्हें बेवजह परेशानी न उठानी पड़े।\n\nक्यों कहलाते हैं बाबा श्याम हारे का सहारा\nबाबा श्याम को भगवान श्रीकृष्ण का ही एक रूप माना जाता है और भक्तों के बीच वे हारे का सहारा नाम से मशहूर हैं। पौराणिक कथा के अनुसार महाभारत के युद्ध में भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की तरफ से लड़ाई में शामिल होने जा रहे थे, तभी भगवान कृष्ण ने ब्राह्मण का भेष धारण कर उनसे उनका शीश दान में मांग लिया। बर्बरीक ने बिना कोई सवाल किए अपना सिर काटकर कृष्ण को सौंप दिया। इस बलिदान से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि आने वाले कलियुग में वे श्याम के नाम से पूजे जाएंगे और हमेशा हारने वालों, कमजोरों का सहारा बनेंगे। इसी वजह से आज बाबा श्याम को हारे के सहारे के रूप में पूजा जाता है और लाखों श्रद्धालु हर साल खाटूधाम पहुंचते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nअगर आप बाबा श्याम के दर्शन के लिए यात्रा की योजना बना रहे हैं तो तारीखें बदलनी पड़ सकती हैं।\n\n• भारत में: देशभर से खाटूधाम आने वाले श्रद्धालुओं को 8 सितंबर रात 10 बजे से 10 सितंबर सुबह 4:30 बजे तक की यात्रा टालनी चाहिए, क्योंकि इस दौरान दर्शन उपलब्ध नहीं होंगे।\n• सीकर में: स्थानीय होटल, धर्मशाला और टैक्सी संचालकों को 9 सितंबर को भीड़ कम रहने और 10 सितंबर सुबह से अचानक बढ़ने की संभावना के हिसाब से इंतजाम करने होंगे।\n• यह तारीख टालें: 9 सितंबर को दर्शन के इरादे से खाटूधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को खाली हाथ लौटना पड़ सकता है, इसलिए यह दिन यात्रा के लिए टालना ही बेहतर रहेगा।\n• सही समय चुनें: जो लोग दर्शन करना चाहते हैं वे 8 सितंबर रात 10 बजे से पहले पहुंचकर या 10 सितंबर सुबह 4:30 बजे मंगला आरती के बाद दर्शन कर सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nमंदिर का बंद रहना किसी घटना या गड़बड़ी का नतीजा नहीं है, बल्कि यह खाटूश्यामजी मंदिर की तय परंपरा का हिस्सा है जो समय-समय पर दोहराई जाती है।\n\n• परंपरागत अनुष्ठान: मंदिर कमेटी के मुताबिक बाबा श्याम का तिलक श्रृंगार सालों पुरानी रीति के तहत किया जाता है, जिसमें चंदन तिलक और विशेष पूजा शामिल होती है।\n• लंबी प्रक्रिया: इस अनुष्ठान में समय लगने की वजह यह है कि इसे पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ निभाया जाता है, जिसमें जल्दबाजी नहीं की जा सकती।\n• सीमित पहुंच: इस दौरान सिर्फ मंदिर के सेवादार और पुजारी ही गर्भगृह में मौजूद रहते हैं, इसलिए आम भक्तों के लिए कपाट पूरी तरह बंद करना जरूरी हो जाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. खाटूश्यामजी मंदिर कब से कब तक बंद रहेगा?\n8 सितंबर की रात 10 बजे से 10 सितंबर सुबह 4:30 बजे तक, यानी करीब 30 घंटे तक मंदिर बंद रहेगा।\n\n2. मंदिर क्यों बंद किया जा रहा है?\nबाबा श्याम के विशेष तिलक श्रृंगार और धार्मिक अनुष्ठान के लिए मंदिर बंद रखा जा रहा है।\n\n3. 9 सितंबर को क्या दर्शन हो पाएंगे?\nनहीं, 9 सितंबर को पूरे दिन मंदिर बंद रहेगा और दर्शन नहीं होंगे।\n\n4. मंदिर दोबारा कब खुलेगा?\n10 सितंबर गुरुवार सुबह 4:30 बजे मंगला आरती के साथ मंदिर दोबारा खुलेगा।\n\n5. तिलक श्रृंगार की प्रक्रिया में कौन शामिल होता है?\nइस प्रक्रिया में केवल मंदिर के सेवादार और पुजारी ही शामिल होते हैं, आम भक्तों को प्रवेश नहीं दिया जाता।\n\n6. बाबा श्याम को हारे का सहारा क्यों कहा जाता है?\nमान्यता है कि भगवान कृष्ण ने बर्बरीक के शीश दान से प्रसन्न होकर वरदान दिया था कि वे कलियुग में हारने वालों का सहारा बनेंगे।\n\n7. यह सूचना किसने जारी की है?\nयह जानकारी श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से जारी की गई है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-08",
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    "बाबा श्याम दर्शन",
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