खाटू श्याम जी नगर पालिका चुनाव में रात 10:30 बजे तक खिंचा मतदान, कांग्रेस पार्षद की गैरमौजूदगी पर अपहरण का आरोप सीकर के खाटू श्याम जी कस्बे में नगर पालिका चुनाव के दौरान मतदान का समय तीन बार बढ़ाकर रात 10:30 बजे तक किया गया। कांग्रेस पार्षद के केंद्र पर न पहुंचने पर परिजनों ने अपहरण और क्रॉस वोटिंग के डर से रोके जाने का गंभीर आरोप लगाया। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित धार्मिक नगरी खाटू श्याम जी में नगर पालिका चुनाव की प्रक्रिया के दौरान भारी राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली। मतदान केंद्र पर दिन ढलने के साथ ही तनाव और गहमागहमी लगातार बढ़ती चली गई, जिसके चलते निर्वाचन विभाग और स्थानीय प्रशासन को अभूतपूर्व फैसला लेते हुए मतदान की समय सीमा में एक के बाद एक कई बदलाव करने पड़े। सामान्य परिस्थितियों में शाम को संपन्न होने वाली यह पूरी चुनावी प्रक्रिया देर रात तक खिंच गई, जिससे समूचे इलाके में प्रशासनिक अमला और राजनीतिक दल पूरी तरह मुस्तैद रहे। तीन चरणों में आगे खिसकाया गया मतदान का समय नगर पालिका चुनाव के लिए तय मूल कार्यक्रम के तहत वोटिंग का समय शाम 5:00 बजे तक निर्धारित था। हालांकि, मतदान केंद्र पर राजनीतिक दलों के बीच उत्पन्न गतिरोध और गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए चुनाव अधिकारियों ने पहली बार इस सीमा को आगे बढ़ाते हुए रात 8:00 बजे तक कर दिया। इसके बाद भी जब दोनों पक्षों के बीच खींचतान शांत नहीं हुई और मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी नहीं हो सकी, तो प्रशासन को दोबारा हस्तक्षेप करना पड़ा। चुनावी मैदान में जारी टकराव और हंगामे को देखते हुए निर्वाचन अधिकारियों ने तीसरी बार समय बढ़ाते हुए इसे सीधे रात 10:30 बजे तक कर दिया। निर्वाचन विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बोर्ड गठन से जुड़े सभी पात्र प्रतिनिधि अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें और किसी भी पक्ष को प्रक्रिया पर आपत्ति जताने का अवसर न मिले। समय में इस बार-बार के विस्तार ने चुनावी माहौल को और अधिक रोमांचक बना दिया। कांग्रेस महिला पार्षद के न पहुंचने पर अपहरण का आरोप इस पूरे चुनावी घटनाक्रम में असली विवाद उस वक्त पैदा हुआ जब कांग्रेस की एक महिला पार्षद काफी समय बीतने के बाद भी मतदान करने नहीं पहुंचीं। महिला पार्षद की लंबे समय तक अनुपस्थिति ने मतदान केंद्र के बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच शंकाओं को जन्म दे दिया। देखते ही देखते कांग्रेस खेमे और पार्षद के परिजनों ने विरोधी पक्ष पर तीखा हमला बोल दिया। पार्षद के परिजनों ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि महिला पार्षद का अपहरण कर लिया गया है अथवा उन्हें जबरन बंधक बनाकर रखा गया है। परिजनों का साफ दावा था कि विरोधी दल क्रॉस वोटिंग के डर से ऐसा कर रहा है, ताकि कांग्रेस पार्षद केंद्र पर पहुंचकर अपना वोट न डाल सकें। इस आरोप के सामने आते ही कस्बे का सियासी पारा अचानक चढ़ गया और दोनों खेमों में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता और वोटिंग की मांग परिजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी चुनावी मैदान में पूरी तरह सक्रिय नजर आए। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अपने वोट के इस्तेमाल का पूरा अधिकार है। उन्होंने प्रशासन से मांग उठाई कि जिस पार्षद को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उन्हें अविलंब और सुरक्षित तरीके से मतदान केंद्र तक लाया जाए। भाजपा पक्ष ने जोर देकर कहा कि बिना किसी अनावश्यक देरी के संबंधित पार्षद को मतदान प्रक्रिया में शामिल कराया जाना चाहिए ताकि चुनावी नतीजे समय पर सामने आ सकें। देर रात तक चले इस घटनाक्रम, तीन बार बढ़ी समय सीमा और अपहरण के सनसनीखेज आरोपों ने खाटू श्याम जी के स्थानीय निकाय चुनाव को समूचे राज्य में चर्चा का केंद्र बना दिया। इसका आप पर असर खाटू श्याम जी नगर पालिका चुनाव में मचे सियासी घमासान और समय सीमा में विस्तार का असर स्थानीय प्रशासन और बोर्ड गठन पर पड़ेगा। • भारत में: स्थानीय निकायों में क्रॉस वोटिंग और सदस्यों की गैरमौजूदगी को लेकर चुनाव नियमों की पारदर्शिता पर नई बहस छिड़ सकती है। अन्य राज्यों के निकाय चुनावों में भी मतदान समय बढ़ाने के प्रशासनिक अधिकारों के इस्तेमाल पर ध्यान जाएगा। • सीकर में: खाटू श्याम जी कस्बे के निवासियों को अपने नए नगर पालिका बोर्ड और अध्यक्ष के गठन के लिए देर रात तक इंतजार करना पड़ा। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव को देखते हुए इलाके में पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। • मतदाताओं और प्रतिनिधियों पर: चुने हुए वार्ड पार्षदों की सुरक्षा और मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर प्रशासनिक जवाबदेही तय होगी। आगामी दिनों में अपहरण के आरोपों और चुनावी परिणामों को लेकर कानूनी व राजनीतिक विवाद बढ़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ खाटू श्याम जी में मतदान का समय बार-बार बढ़ाए जाने और भारी हंगामे के पीछे मुख्य कारण एक महिला पार्षद की गैरहाजिरी और क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक दलों का आपसी अविश्वास था। • पार्षद की अनुपस्थिति: कांग्रेस की महिला पार्षद निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी वोट डालने नहीं पहुंचीं, जिससे चुनाव का संतुलन बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई। • अपहरण और क्रॉस वोटिंग का डर: पार्षद के परिजनों और पार्टी खेमे ने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी दल ने क्रॉस वोटिंग के डर से महिला पार्षद को बंधक बना लिया है या उनका अपहरण कर लिया है। • समय सीमा में बार-बार बदलाव: निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने और सभी प्रतिनिधियों को मौका देने के लिए प्रशासन को समय पहले 5:00 बजे से बढ़ाकर 8:00 बजे और फिर रात 10:30 बजे तक करना पड़ा। • दोनों दलों की सक्रियता: भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पार्षद को तुरंत केंद्र पर लाकर वोट डलवाने की मांग और कांग्रेस के विरोध ने प्रशासनिक तनाव को और बढ़ा दिया। सवाल-जवाब 1. खाटू श्याम जी नगर पालिका चुनाव में मतदान का समय कितनी बार बढ़ाया गया? मतदान का समय कुल तीन बार बढ़ाया गया और अंततः इसे रात 10:30 बजे तक तय किया गया। 2. शुरुआत में मतदान का समय क्या निर्धारित था? मूल चुनावी कार्यक्रम के अनुसार मतदान शाम 5:00 बजे तक ही होना था, जिसे बाद में बढ़ाकर पहले 8:00 बजे किया गया था। 3. चुनावी प्रक्रिया के दौरान किस बात को लेकर विवाद शुरू हुआ? कांग्रेस की एक महिला पार्षद के तय समय पर वोट डालने न पहुंचने के बाद यह पूरा सियासी विवाद शुरू हुआ। 4. कांग्रेस पार्षद के परिजनों ने क्या आरोप लगाए? परिजनों ने आरोप लगाया कि क्रॉस वोटिंग के डर से महिला पार्षद का अपहरण कर लिया गया है या उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है। 5. इस पूरे मामले पर भाजपा कार्यकर्ताओं की क्या मांग थी? भाजपा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि संबंधित पार्षद को तुरंत सुरक्षित मतदान केंद्र पर लाया जाए ताकि वह बिना देरी किए वोट डाल सकें। https://trendkia.com/rajasthan/khatu-shyam-ji-nagara-palika-chunava-men-rata-10-30-baje-taka-khincha-matadana-congress-parshada-ki-gairamaujudagi-para-apaharana--35934 TrendKia — Har trend, sabse pehle.