खाटूश्यामजी जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा मजबूत, रींगस स्टेशन पर 20 नए एआई कैमरे संभालेंगे भीड़ दिवाली, छठ और खाटूश्यामजी मेले की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रींगस रेलवे स्टेशन पर 20 अत्याधुनिक एआई कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो क्षमता से अधिक यात्री होते ही आरपीएफ को अलर्ट भेजेंगे। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित रींगस रेलवे स्टेशन पर त्योहारों और धार्मिक उत्सवों के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे ने डिजिटल सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। दिवाली, छठ पूजा और विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मेले के समय रींगस स्टेशन पर अप्रत्याशित यात्री दबाव देखने को मिलता है। इस भारी जमावड़े को सुचारू और दुर्घटनामुक्त रखने के लिए रेलवे प्रशासन ने मानव निगरानी के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर स्वचालित तकनीक पर भरोसा जताया है। अब पूरे स्टेशन परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई आधारित खास कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है, जो यात्रियों की वास्तविक समय में गिनती करेंगे और भीड़ का घनत्व बढ़ते ही स्वतः चेतावनी जारी कर देंगे। ऑटोमैटिक चेतावनी से आरपीएफ को तुरंत मिलेगी सूचना इस नई डिजिटल निगरानी व्यवस्था का सबसे अहम पहलू यह है कि यह किसी भी संभावित खतरे या अव्यवस्था को पहले ही भांप लेगी। स्टेशन परिसर के किसी भी हिस्से में यात्रियों की संख्या जैसे ही तय क्षमता से अधिक होगी, सॉफ्टवेयर तुरंत स्थिति का विश्लेषण करेगा। इसके तुरंत बाद एक डिजिटल अलर्ट रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को भेज दिया जाएगा। सुरक्षा जवानों को भौतिक रूप से जाकर स्थिति का जायजा लेने की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी, बल्कि स्क्रीन पर अलर्ट आते ही सुरक्षा बल सीधे प्रभावित जगह पर पहुंच सकेंगे। इससे भगदड़ या अत्यधिक दबाव जैसी विषम परिस्थितियों के पनपने से पहले ही जवानों की समय पर तैनाती सुनिश्चित हो सकेगी और यात्रियों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहेगी। जयपुर मंडल रेलवे इसी रणनीति के तहत अपने कई व्यस्त स्टेशनों पर इस सुरक्षा घेरे का विस्तार कर रहा है। रींगस में 20 और जयपुर स्टेशन पर 30 कैमरे संभालेंगे कमान रींगस रेलवे स्टेशन पर पहले प्रायोगिक स्तर पर 8 कैमरों को एआई क्षमता से जोड़ा गया था। पिछले साल के अनुभव काफी उत्साहवर्धक रहे, जिसके बाद प्रशासन ने आगामी व्यस्त दिनों को देखते हुए इनकी संख्या बढ़ाकर 20 करने का फैसला किया है। इसी व्यापक योजना के तहत जयपुर रेलवे स्टेशन पर भी 30 कैमरों को इसी एआई नेटवर्क में शामिल किया जा रहा है। ये उपकरण केवल साधारण सीसीटीवी की भांति वीडियो रिकॉर्ड करने तक सीमित नहीं रहेंगे। इन कैमरों में जुड़े उन्नत एल्गोरिद्म अपने दृश्य क्षेत्र में मौजूद प्रत्येक यात्री की व्यक्तिगत गिनती करेंगे। जयपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ऑकार सिंह ने इस संबंध में बताया कि प्लेटफॉर्म, सीढ़ियों और प्रवेश द्वारों की वास्तविक क्षमता के आधार पर भीड़ की एक अधिकतम सीमा पहले से तय कर दी जाएगी, ताकि सीमा पार होते ही सिस्टम प्रतिक्रिया दे सके। अंडरग्राउंड सबवे और प्रमुख निकास द्वारों पर पैनी नजर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ऑकार सिंह ने रेखांकित किया कि इस सिस्टम की मुख्य खूबी रियल टाइम सूचना प्रणाली है। जब सिस्टम किसी जगह पर भीड़भाड़ की चेतावनी देगा, तो आरपीएफ के पास त्वरित निर्णय लेने का समय रहेगा। सुरक्षाकर्मी तत्काल उस इलाके में पहुंचकर यात्रियों के प्रवाह को स्टेशन के कम भीड़भाड़ वाले हिस्सों या वैकल्पिक रास्तों की ओर मोड़ सकेंगे। रींगस स्टेशन पर इन एआई कैमरों को प्लेटफॉर्म, प्रवेश और निकास द्वारों, फुट ओवरब्रिज तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर रणनीतिक रूप से लगाया जा रहा है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म नंबर दो से प्लेटफॉर्म नंबर एक के बीच आने-जाने वाले यात्रियों के लिए बने अंडरग्राउंड रास्ते को भी इस हाई-टेक निगरानी दायरे में शामिल किया गया है, ताकि भूमिगत गलियारे में यात्रियों का दम न घुटे और जाम की स्थिति न बने। लाखों श्याम श्रद्धालुओं के लिए राहत भरा कदम खाटूश्यामजी के दर्शन करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले लाखों श्रद्धालु अपनी रेल यात्रा के लिए रींगस को मुख्य ठहराव बनाते हैं। ट्रेन से उतरकर यात्री सड़क परिवहन के जरिए खाटूधाम के लिए रवाना होते हैं। त्योहारों और वार्षिक मेले के दौरान ट्रेनों के आगमन के साथ ही स्टेशन परिसर में यात्रियों की भारी भीड़ एक साथ उमड़ पड़ती है, जिससे कई बार व्यवस्था संभालना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। एआई निगरानी तकनीक से भीड़ का यह दबाव नियंत्रण कक्ष में बैठे अधिकारियों को सेकंडों में दिखने लगेगा, जिससे समय रहते सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकेंगे। पिछले साल 8 कैमरों से मिली सफलता के बाद 20 कैमरों का यह नया ढांचा श्याम भक्तों के आवागमन को कहीं अधिक सहज, सुगम और सुरक्षित बनाएगा। इसका आप पर असर रींगस और जयपुर से होकर गुजरने वाले यात्रियों तथा खाटूश्यामजी के श्रद्धालुओं को त्योहारों के दौरान स्टेशन पर बेहतर सुरक्षा और व्यवस्थित आवागमन की सुविधा मिलेगी। • भारत में यात्रियों के लिए: त्योहारों के दौरान देश भर से आने वाले रेल यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ेगा। सुरक्षा बल पहले से अधिक सतर्क रहेंगे, जिससे यात्रा का अनुभव सुरक्षित रहेगा। • रींगस और सीकर में श्रद्धालुओं के लिए: खाटू मेले के दौरान रींगस स्टेशन पर उतरने वाले श्रद्धालुओं को प्लेटफॉर्म और अंडरग्राउंड सबवे में जाम से राहत मिलेगी। भीड़ बढ़ते ही आरपीएफ द्वारा वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्जन किए जाने से दर्शनार्थियों का समय बचेगा। • आपातकालीन सुरक्षा में सुधार: अत्यधिक जमावड़े की स्थिति में भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय घटना का जोखिम न्यूनतम हो जाएगा। नियंत्रण कक्ष में रियल टाइम सूचना मिलने के कारण चिकित्सा और सुरक्षा सहायता तुरंत मौके पर पहुंच सकेगी। • स्टेशन परिसर में आवाजाही: रींगस स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को अब भूमिगत रास्ते में रुकावट नहीं झेलनी पड़ेगी। एआई कैमरों की निगरानी से निकास द्वारों पर कतारें अधिक व्यवस्थित ढंग से चलेंगी। ऐसा क्यों हुआ यह तकनीकी अपग्रेड दिवाली, छठ और खाटूश्यामजी मेले के दौरान रींगस स्टेशन पर उमड़ने वाले अत्यधिक यात्री दबाव को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए किया गया है। • सीमित भौतिक निगरानी: स्टेशन पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों की साधारण नजरों से हर कोने में यात्रियों की सही संख्या और घनत्व का सटीक आकलन रियल टाइम में कर पाना संभव नहीं था। एआई सॉफ्टवेयर द्वारा स्वचालित गिनती इस मानवीय सीमा को समाप्त करती है। • त्योहारी सीजन का भारी दबाव: दिवाली, छठ और वार्षिक मेले के दौरान ट्रेनों के पहुंचते ही हजारों श्रद्धालु एक साथ प्लेटफॉर्म और सबवे में प्रवेश करते हैं। इस अचानक बनने वाले दबाव को नियंत्रित करने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली की सख्त आवश्यकता थी। • पिछले ट्रायल की सफलता: रींगस स्टेशन पर पहले 8 कैमरों को एआई से जोड़कर परखा गया था, जिसके परिणाम सकारात्मक रहे। उसी अनुभव के आधार पर रेलवे ने कैमरों की संख्या बढ़ाकर 20 करने और जयपुर स्टेशन पर भी 30 कैमरे लगाने का निर्णय लिया। सवाल-जवाब 1. रींगस रेलवे स्टेशन पर कुल कितने एआई कैमरे लगाए जा रहे हैं? रींगस रेलवे स्टेशन पर एआई आधारित कैमरों की संख्या बढ़ाकर 20 की जा रही है, जबकि पहले यहां केवल 8 कैमरे थे। 2. यह एआई निगरानी प्रणाली कैसे काम करती है? कैमरों में मौजूद उन्नत सॉफ्टवेयर यात्रियों की गिनती करता है और किसी स्थान पर तय क्षमता से अधिक भीड़ होते ही तुरंत आरपीएफ कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजता है। 3. रींगस के अलावा और किस बड़े स्टेशन पर यह तकनीक लगाई जा रही है? जयपुर मंडल रेलवे की योजना के तहत जयपुर रेलवे स्टेशन पर भी 30 कैमरों को इसी एआई निगरानी प्रणाली से जोड़ा जाएगा। 4. रींगस स्टेशन के किन हिस्सों पर विशेष नजर रखी जाएगी? प्लेटफॉर्म, प्रवेश और निकास द्वार, सीढ़ियां तथा प्लेटफॉर्म नंबर एक व दो के बीच बने अंडरग्राउंड रास्ते पर इन कैमरों से नजर रखी जाएगी। 5. इस नई प्रणाली से खाटूश्यामजी जाने वाले यात्रियों को क्या फायदा होगा? त्योहारों और मेले के दौरान स्टेशन पर भगदड़ या भारी जाम की आशंका खत्म होगी और यात्रियों को समय पर सुरक्षित आवाजाही मिल सकेगी। https://trendkia.com/rajasthan/khatu-shyamji-jane-vale-yatriyon-ki-suraksha-majabuta-ringas-steshana-para-20-nae-ai-kaimare-snbhalenge-bhira-42629 TrendKia — Har trend, sabse pehle.