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  "title": "किशनगढ़ में वकील को थप्पड़ मारने के आरोप पर बवाल, वकीलों ने जाम किया बाजार और मांगा सीओ का निलंबन",
  "summary": "राजस्थान के किशनगढ़ में पार्किंग विवाद के दौरान ट्रैफिक सीओ द्वारा वकील को थप्पड़ मारने के आरोप के बाद शनिवार को वकीलों ने चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया।",
  "content": "राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित किशनगढ़ के मुख्य बाजार में शुक्रवार की रात वाहन खड़ा करने को लेकर शुरू हुआ विवाद शनिवार को बड़े हंगामे में बदल गया। सड़क पर वाहन खड़ा करने के सवाल पर एडवोकेट बाबूलाल बागरिया और ट्रैफिक सीओ अंजू यादव के बीच कहासुनी हो गई थी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान आरोप सामने आया कि महिला पुलिस अधिकारी ने अपना नियंत्रण खो दिया और अधिवक्ता को चांटा जड़ दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग मंचों पर वायरल होने के बाद कानूनी बिरादरी में गहरा रोष फैल गया और वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।\n\nसड़क पर उतरे अधिवक्ता, बनाई विशाल मानव श्रृंखला\nसहकर्मी के साथ हुई कथित बदसलूकी से आक्रोशित वकीलों ने शनिवार की सुबह मुख्य बाजार के इलाके में एकजुट होकर उग्र प्रदर्शन किया। विरोध दर्ज कराने के लिए वकीलों ने व्यस्त सड़क पर चक्काजाम कर दिया और दोनों तरफ खड़े होकर एक लंबी मानव श्रृंखला बनाई। वकीलों के अचानक सड़क बंद करने और पुलिस व्यवस्था के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने की वजह से बाजार का पूरा यातायात चरमरा गया। कुछ ही देर में मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे बाजार आए आम नागरिकों, खरीदारों और मुसाफिरों को भारी जाम तथा परेशानी से जूझना पड़ा।\n\nप्रदर्शन कर रहे वकीलों का स्पष्ट कहना था कि खाकी वर्दी के रौब में आकर पुलिस अधिकारी आम जनता और अधिवक्ताओं के साथ मनमाना बर्ताव कर रहे हैं। वकीलों ने ऐलान किया कि इस तरह के अपमानजनक आचरण को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिवक्ताओं की मुख्य मांग है कि एडवोकेट पर हाथ उठाने वाली ट्रैफिक सीओ अंजू यादव को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।\n\nतीन थानों के जाब्ते ने पहुंचकर एक घंटे में खुलवाया रास्ता\nशहर के मुख्य व्यापारिक क्षेत्र में अचानक सड़क जाम और हंगामे की खबर फैलते ही पूरे पुलिस महकमे में हलचल मच गई। स्थिति की संवेदनशीलता और बिगड़ते माहौल को देखते हुए सीओ सिटी धर्मराज चौधरी तीन थानों की भारी पुलिस फोर्स लेकर तत्काल मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सड़क पर डटे वकीलों से बातचीत शुरू की और उन्हें समझाने की कोशिश की।\n\nपुलिस अधिकारियों और वकीलों के बीच लगभग एक घंटे तक तनावपूर्ण माहौल में बातचीत चलती रही। उच्च अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का ठोस भरोसा दिए जाने के बाद ही वकील सड़क से हटने को तैयार हुए, जिसके बाद करीब एक घंटे से लगा जाम खुल सका। हालांकि, सड़क खाली करने के बावजूद वकीलों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि उनकी निलंबन की मांग पर शीघ्र और कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने विरोध को और व्यापक रूप देंगे।\n\nट्रैफिक सीओ ने दी सफाई, युवक पर लगाया नियम तोड़ने का आरोप\nविवाद बढ़ने पर ट्रैफिक सीओ अंजू यादव ने भी अपना पक्ष सामने रखा है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, एक युवक ने मुख्य सड़क के ठीक बीच में अपना वाहन खड़ा कर दिया था और खुद बाजार में खरीदारी करने चला गया था। काफी देर तक राह देखने के बाद भी जब गाड़ी का चालक वापस नहीं लौटा, तो नो-पार्किंग क्षेत्र में अवैध तरीके से खड़े उस वाहन के चलते समूचे मुख्य बाजार में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित होने लगी थी।\n\nअंजू यादव के मुताबिक, जब युवक खरीदारी करके वापस आया, तो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे बीच सड़क से गाड़ी हटाने और यातायात में रुकावट न डालने की हिदायत दी। सीओ का कहना है कि युवक ने अपनी लापरवाही मानने के बजाय पुलिसकर्मियों की रोक-टोक पर ऐतराज जताया और बहस शुरू कर दी। बहरहाल, घटना को लेकर अधिवक्ताओं का गुस्सा थमा नहीं है और वे आरोपी अधिकारी के निलंबन की मांग पर मजबूती से अड़े हुए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nइस घटना से आम नागरिकों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा है।\n\n• भारत में: सार्वजनिक स्थानों पर पुलिसकर्मियों और नागरिकों के बीच विवाद की स्थिति में दोनों पक्षों के कानूनी अधिकारों और मर्यादा को लेकर जागरूकता आवश्यक हो जाती है। सड़क पर किसी भी तरह के गतिरोध से बचने के लिए तयशुदा पार्किंग नियमों का पालन करना जरूरी है।\n• किशनगढ़ में: शनिवार को मुख्य बाजार में करीब एक घंटे तक चक्काजाम रहने से स्थानीय कारोबारियों का व्यापार प्रभावित हुआ और यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। यदि वकीलों और पुलिस प्रशासन के बीच सुलह नहीं हुई तो आने वाले दिनों में अदालत के कामकाज और बाजार की यातायात व्यवस्था पर दोबारा असर पड़ सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह टकराव मुख्य सड़क पर वाहन खड़ा करने को लेकर शुरू हुई कहासुनी के बाद पैदा हुआ।\n\n• सीधा कारण: मुख्य मार्ग के नो-पार्किंग क्षेत्र में गाड़ी खड़ी करने पर टोकने के बाद वकील बाबूलाल बागरिया और ट्रैफिक सीओ अंजू यादव के बीच बहस हुई, जिसमें पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर थप्पड़ मारने का आरोप लगा।\n• आक्रोश की वजह: घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही वकीलों ने इसे पुलिस की बर्बरता और पद का दुरुपयोग मानकर सामूहिक रूप से प्रदर्शन शुरू कर दिया।\n• प्रशासनिक कदम: सीओ सिटी धर्मराज चौधरी के नेतृत्व में तीन थानों के पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिससे अस्थायी रूप से जाम खोला जा सका।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. किशनगढ़ में विवाद की शुरुआत किस बात पर हुई?\nमुख्य बाजार में नो-पार्किंग जोन में सड़क के बीच वाहन खड़ा करने को लेकर एडवोकेट बाबूलाल बागरिया और ट्रैफिक सीओ अंजू यादव के बीच बहस हुई थी।\n\n2. वकीलों ने शनिवार को क्या कदम उठाया?\nअधिवक्ताओं ने साथी वकील के साथ हुई कथित मारपीट के विरोध में मुख्य बाजार में चक्काजाम किया और मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया।\n\n3. प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं की मुख्य मांग क्या है?\nवकील आरोपी ट्रैफिक सीओ अंजू यादव को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं।\n\n4. प्रशासन ने जाम खुलवाने के लिए क्या कार्रवाई की?\nसीओ सिटी धर्मराज चौधरी तीन थानों के पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया।\n\n5. ट्रैफिक सीओ अंजू यादव ने पूरे मामले पर क्या सफाई दी?\nसीओ ने कहा कि बीच सड़क पर गाड़ी खड़ी कर खरीदारी करने गए युवक को जब वाहन हटाने के लिए कहा गया, तो उसने अपनी गलती मानने के बजाय बहस शुरू कर दी।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-10",
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