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  "title": "कोटा के नगर सेठ गणपति दरबार में मन्नत पूरी होने पर भक्त अर्पित करते हैं सोने-चांदी के गहने",
  "summary": "कोटा के रामपुरा स्थित रघुनाथ चौक में नगर सेठ गणपति महाराज के दरबार में मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु बहुमूल्य आभूषण चढ़ाते हैं, जहां गणेश उत्सव के दौरान भव्य आयोजन किया जाता है।",
  "content": "राजस्थान के कोटा शहर में स्थित रामपुरा के आभूषण बाजार का रघुनाथ चौक इन दिनों आध्यात्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां हर वर्ष गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर नगर सेठ महाराज के भव्य दरबार की स्थापना की जाती है। सर्राफा बाजार के मध्य सजने वाले इस विशेष पंडाल में भगवान गणेश एक विशाल सिंहासन पर विराजमान रहते हैं। उत्सव के पूरे दस दिनों के दौरान सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है, जहां विशेष अनुष्ठान और आरतियों का क्रम लगातार चलता रहता है।\n\nदो माह पूर्व प्रारंभ हो जाती हैं वृहद स्तर पर तैयारियां\nइस वृहद धार्मिक उत्सव के आयोजन को सफल बनाने के लिए करीब दो महीने पहले से ही रूपरेखा तैयार कर ली जाती है। आयोजन समिति से जुड़े गणपति सेवा समिति के 150 से अधिक समर्पित कार्यकर्ता इस पूरी व्यवस्था की बागडोर संभालते हैं। भव्य पंडाल के निर्माण, आकर्षक साज-सज्जा, दैनिक पूजा-अर्चना के प्रबंध से लेकर भक्तों के सुगम दर्शन, कतार व्यवस्था और प्रसाद वितरण तक के तमाम दायित्व यही कार्यकर्ता मिलकर पूरा करते हैं। उत्सव के दौरान आयोजित होने वाली भव्य महाआरती में शहर के विभिन्न कोनों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।\n\nमनोकामना पूर्ति के उपरांत बहुमूल्य उपहारों का अर्पण\nइस दरबार की विशिष्ट परंपरा के संदर्भ में गणपति सेवा समिति के अध्यक्ष विशाल साहू ने कहा, \"श्रद्धालु नगर सेठ महाराज के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं।\" उनकी बात के अनुसार जब भक्तों की मन्नतें पूरी होती हैं, तो वे अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार प्रभु के चरणों में कीमती धातु की वस्तुएं अर्पित करते हैं। इसी आस्था के चलते भगवान के श्रृंगार हेतु सोने का तिलक और दांत समेत कई दुर्लभ वस्तुएं भेंट की जा चुकी हैं।\n\nअब तक श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई सामग्रियों में चांदी का राजमुकुट, मोदक, हार, नारियल, त्रिशूल, युद्ध अस्त्र फरसा, पैरों के कड़े, कमरबंध कनकट्टी, गले की चेन, पूजा के लिए चंवर और अखंड ज्योति प्रज्वलित करने का दीपक सम्मिलित हैं। इसके साथ ही पूजन निमित्त चांदी की थाली और पांच बर्तनों का पूरा सेट तथा कानों के आभूषण भी चढ़ाए जा चुके हैं। हाल ही में संपन्न हुई महाआरती के उपरांत बालाजी मसाले परिवार ने गणेश जी को चांदी के हाथ अर्पित करने का सार्वजनिक संकल्प लिया, जिसके पश्चात समिति ने दरबार में उनका अभिनंदन किया। इससे पूर्व अशोक रेस्टोरेंट द्वारा भी प्रभु के लिए चांदी का हाथ भेंट करने की घोषणा की जा चुकी है।\n\nइसका आप पर असर\nइस आयोजन से स्थानीय श्रद्धालुओं और सर्राफा बाजार के व्यापारियों के लिए सामाजिक व आध्यात्मिक अवसर निर्मित होते हैं।\n\n• भारत में: देश भर के गणेश भक्तों को विभिन्न पारंपरिक पूजा शैलियों और अनोखी धार्मिक मान्यताओं की जानकारी मिलती है। इससे सांस्कृतिक विविधता और आस्था के सार्वजनिक स्वरूप को समझने में सहायता मिलती है।\n• कोटा में: रामपुरा बाजार और आसपास के निवासियों को दस दिवसीय उत्सव के दौरान देर रात तक दर्शन और भक्ति का विशेष अवसर मिलता है। हालांकि, भारी भीड़ के कारण बाजार क्षेत्र में आने वाले खरीदारों और राहगीरों को यातायात व्यवस्था का ध्यान रखना होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nकोटा के रामपुरा सर्राफा बाजार में स्थित इस दरबार की स्थापना और विशेष आभूषण अर्पण की परंपरा गहरी स्थानीय आस्था पर आधारित है।\n\n• धार्मिक विश्वास: श्रद्धालु मानते हैं कि यहां मांगी गई प्रार्थनाएं पूरी होती हैं। इसी मान्यता के चलते मन्नत पूर्ण होने पर लोग सोने-चांदी के आभूषण स्वेच्छा से दान करते हैं।\n• व्यापारिक केंद्र की परंपरा: दरबार आभूषण मंडी के मध्य स्थित है, जहां स्वर्णकारों और कारोबारियों की सक्रिय भागीदारी रहती है। इस स्थानीय जुड़ाव के कारण मूर्तिकला और श्रृंगार में कीमती धातुओं के उपयोग का चलन निरंतर बढ़ता गया।\n• आयोजन समिति का प्रयास: गणपति सेवा समिति के 150 से अधिक कार्यकर्ता पिछले कई वर्षों से इस उत्सव को व्यवस्थित रूप से संचालित कर रहे हैं। उनके निरंतर प्रबंधन ने इस उत्सव को नगर स्तरीय आकर्षण का केंद्र बना दिया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नगर सेठ महाराज का दरबार कोटा में कहां आयोजित होता है?\nयह दरबार कोटा शहर के रामपुरा क्षेत्र में स्थित रघुनाथ चौक के आभूषण बाजार में स्थापित किया जाता है।\n\n2. श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर क्या अर्पित करते हैं?\nमनोकामना पूरी होने के बाद श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार सोने और चांदी से बनी विभिन्न वस्तुएं चढ़ाते हैं।\n\n3. इस उत्सव की तैयारियां कब से प्रारंभ होती हैं?\nगणपति सेवा समिति के 150 से अधिक कार्यकर्ता इस आयोजन की तैयारियां लगभग दो महीने पहले ही शुरू कर देते हैं।\n\n4. हाल ही में किन परिवारों या संस्थानों ने चांदी के हाथ चढ़ाने की घोषणा की है?\nबालाजी मसाले परिवार और अशोक रेस्टोरेंट ने गणपति महाराज को चांदी के हाथ भेंट करने की घोषणा की है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-24",
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