{
  "type": "article",
  "title": "कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में घुसा विशाल धामन, इमरजेंसी ओटी के पास मचा हड़कंप",
  "summary": "कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गेट नंबर 4 स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर के पास 7 फीट लंबा धामन सांप निकलने से अफरा-तफरी मच गई। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने इसे सुरक्षित पकड़कर लाडपुरा के जंगलों में छोड़ा।",
  "content": "राजस्थान के कोटा शहर स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब गेट नंबर 4 के निकट स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर के पास एक विशालकाय सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्वास्थ्य केंद्र में अचानक इस जंगली जीव की मौजूदगी से वहां मौजूद मरीजों, उनके तीमारदारों और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे, जिससे कुछ देर के लिए पूरे वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।\n\nइमरजेंसी ओटी के पास रेंगता दिखा सात फीट लंबा जीव\nयह घटना अस्पताल के गेट नंबर 4 के समीप बने इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के बिल्कुल पास घटी। वहां मौजूद मरीजों और तीमारदारों ने जब भारी-भरकम सांप को गलियारे और ओटी के प्रवेश द्वार के नजदीक देखा, तो अस्पताल में हड़कंप मच गया। गंभीर रूप से बीमार मरीजों के बीच इस तरह के खतरनाक जीव की मौजूदगी ने सभी को चौंका दिया। स्थिति बिगड़ने से पहले ही वहां उपस्थित नर्सिंग स्टाफ ने तत्परता और संयम दिखाया। घबराने के बजाय स्टाफ ने तुरंत वन विभाग को इस अप्रत्याशित संकट की जानकारी दी ताकि समय रहते इसे नियंत्रित किया जा सके।\n\nस्नेक कैचर गोविंद शर्मा की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू\nसूचना मिलने के कुछ ही देर में प्रसिद्ध स्नेक कैचर गोविंद शर्मा अपनी टीम को साथ लेकर अस्पताल परिसर पहुंचे। अस्पताल के भीतर मरीजों की सुरक्षा और भीड़भाड़ को देखते हुए उन्होंने बिना कोई देरी किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इमरजेंसी ओटी और उसके आसपास के कोनों की सघन तलाशी के बाद कड़ी मेहनत से सांप पर काबू पाया गया। पकड़े जाने के बाद स्पष्ट हुआ कि यह करीब 7 फीट लंबा धामन प्रजाति का सांप था। कुशल तरीके से पकड़े जाने के बाद टीम इस जीव को लाडपुरा के घने जंगलों में ले गई और प्राकृतिक पर्यावास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया।\n\nमौसम के उतार-चढ़ाव से बस्तियों की ओर रुख कर रहे जीव\nपर्यावरण और वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में लगातार आ रहे बदलाव के चलते कोटा शहर तथा उससे जुड़े ग्रामीण इलाकों में सांपों और अन्य जंगली जीवों का इंसानी ठिकानों में प्रवेश बढ़ रहा है। वर्षा और तापमान में होने वाले आकस्मिक उतार-चढ़ाव की वजह से ये जीव अपने प्राकृतिक बिलों से बाहर आ जाते हैं। गर्म और सुरक्षित पनाहगाह तलाशने के क्रम में वे अक्सर रिहायशी कॉलोनियों और अस्पतालों जैसे बड़े सार्वजनिक परिसरों तक पहुंच जाते हैं।\n\nपरिसर में सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग\nअस्पताल जैसे भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थान पर इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, मरीजों और विशेषज्ञों ने साफ-सफाई पर कड़े सवाल उठाए हैं। स्थानीय स्तर पर यह मांग जोर पकड़ रही है कि न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर के आसपास उगी झाड़ियों की नियमित कटाई की जाए, समय-समय पर कीटनाशकों का छिड़काव हो और बाहरी द्वारों पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए जाएं। पुख्ता सुरक्षा प्रबंध होने से ही भविष्य में ऐसे खतरनाक जीवों के अचानक प्रवेश को रोका जा सकेगा और मरीज बेखौफ होकर इलाज करा सकेंगे।\n\nइसका आप पर असर\nअस्पताल जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थान पर जंगली जीव के प्रवेश से मरीज सुरक्षा और परिसर रखरखाव को लेकर तुरंत सतर्क रहने की जरूरत है।\n\n• भारत में: सार्वजनिक परिसरों और अस्पतालों में बुनियादी स्वच्छता तथा चारदीवारी की सुरक्षा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाना आवश्यक है। इससे विभिन्न संस्थानों में आने वाले आगंतुकों और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।\n• कोटा में: न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल आने वाले मरीज और उनके तीमारदार परिसर के कोनों तथा झाड़ियों वाले रास्तों पर चलते समय विशेष सतर्कता बरतें। किसी भी संदिग्ध जीव के दिखने पर खुद कदम उठाने के बजाय तुरंत अस्पताल प्रबंधन या वन विभाग को सूचित करें।\n• स्थानीय निवासियों के लिए: कोटा और आसपास के इलाकों में मौसम में बदलाव के दौरान रिहायशी इलाकों के आसपास झाड़ियों की कटाई अवश्य कराएं। घरों और दुकानों के निचले बिलों या दरारों को समय रहते बंद कर देना चाहिए।\n• अस्पताल प्रशासन के लिए: चिकित्सालय परिसर में नियमित कीटनाशक छिड़काव और बाहरी द्वारों पर सुरक्षा निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए। इस पहल से मरीजों को उपचार के दौरान अनपेक्षित खतरों से सुरक्षित रखा जा सकेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nन्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यह अप्रत्याशित घटना प्राकृतिक कारणों और परिसर के आसपास खुले वातावरण के मेल से घटित हुई। मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण जीव अपने ठिकानों से बाहर निकलने को मजबूर हो रहे हैं।\n\n• प्राकृतिक पर्यावास में बदलाव: मौसम में हो रहे लगातार बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सांप अपने ठंडे अथवा असुरक्षित बिलों से बाहर निकल रहे हैं। सुरक्षित और अनुकूल पनाहगाह ढूंढते हुए वे मानव बस्तियों की ओर बढ़ जाते हैं।\n• खुले सार्वजनिक परिसर: अस्पताल का इलाका विस्तृत होने और गेट नंबर 4 के आसपास झाड़ियों व खुले रास्तों की मौजूदगी से जंगली जीवों का अंदर पहुंचना आसान हो जाता है। नियमित सफाई और कीटनाशक छिड़काव के अभाव में ऐसे जीव इमारतों के निकट आ जाते हैं।\n• क्षेत्रीय विस्तार का प्रभाव: कोटा और इसके आसपास के ग्रामीण व वन क्षेत्रों के निकटवर्ती इलाकों में मौसम बदलते ही ऐसी घटनाएं बार-बार देखी जाती हैं। इसके बाद आमतौर पर प्रशासन द्वारा झाड़ियों की छंटाई और सफाई अभियान चलाए जाते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कोटा के किस अस्पताल में सांप देखा गया था?\nयह सांप कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गेट नंबर 4 के पास इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के नजदीक देखा गया था।\n\n2. अस्पताल में मिले सांप की प्रजाति और लंबाई क्या थी?\nरेस्क्यू के बाद पाया गया कि वह करीब 7 फीट लंबा धामन (Daman) प्रजाति का सांप था।\n\n3. अस्पताल में सांप का रेस्क्यू किसने किया?\nवन विभाग की सूचना पर प्रसिद्ध स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने अपनी टीम के साथ मिलकर इसे सुरक्षित पकड़ा।\n\n4. रेस्क्यू के बाद सांप को कहां ले जाया गया?\nसांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद लाडपुरा के घने जंगलों में ले जाकर छोड़ दिया गया।\n\n5. विशेषज्ञों के अनुसार सांप इंसानी बस्तियों में क्यों आ रहे हैं?\nमौसम में लगातार बदलाव और तापमान के उतार-चढ़ाव की वजह से सुरक्षित व गर्म जगह तलाशने के लिए सांप बस्तियों का रुख करते हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/kota-ke-new-medical-college-hospital-parisara-men-ghusa-vishala-dhaman-imarajensi-ot-ke-pasa-macha-haraknpa-44013",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-06",
  "tags": [
    "कोटा",
    "न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल",
    "धामन सांप",
    "गोविंद शर्मा",
    "लाडपुरा",
    "वन्यजीव"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}