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  "type": "article",
  "title": "कोटा के सरकारी अस्पताल में प्रसूता की मौत, ऑपरेशन के बाद बिगड़ी थी तबीयत",
  "summary": "राजस्थान के कोटा में न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक और महिला की प्रसव के बाद मौत हो गई। सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट में खून जमने की शिकायत पर दूसरी सर्जरी की गई थी, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी।",
  "content": "राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। माल बंबोरी गांव की रहने वाली तीस साल की रोशन बाई ने शनिवार को दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद से ही उसकी तबीयत लगातार खराब होने लगी थी। महिला को पेट में तेज दर्द और खून जमा होने की शिकायत हुई थी, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उसकी स्थिति नहीं सुधरी। हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया था और डॉक्टरों ने दूसरी बार सर्जरी भी की, मगर उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।\n\nइस दर्दनाक घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर अस्पताल की चिकित्सीय व्यवस्था और मरीजों की देखभाल के तौर-तरीकों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। परिवार के लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि तबीयत खराब होने के बावजूद मरीज को समय पर सही इलाज नहीं मिल पाया। हालांकि, मौत की असली वजह क्या रही और इस दौरान किसी तरह की चिकित्सीय लापरवाही हुई थी या नहीं, इन सभी बातों की सच्चाई जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पिछले चौबीस घंटों के भीतर न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किसी प्रसूता की मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले भी इस अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं की स्थिति गंभीर होने और उनकी मौत को लेकर सवाल उठ चुके हैं।\n\nसिजेरियन ऑपरेशन के बाद आईसीयू में करना पड़ा था भर्ती\n\nमाल बंबोरी गांव की रहने वाली रोशन बाई को प्रसव के सिलसिले में कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल कराया गया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया, जिसके बाद उसने एक बच्चे को जन्म दिया। परिवार के सदस्यों के अनुसार, ऑपरेशन के कुछ ही समय बाद रोशन की सेहत बिगड़ने लगी और उसके पेट में असहनीय दर्द शुरू हो गया। डॉक्टरों को बताया गया कि पेट के अंदर खून इकट्ठा होने की वजह से उसकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही थी। जब उसकी हालत काफी गंभीर हो गई, तब उसे आईसीयू में स्थानांतरित किया गया और चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज शुरू किया गया।\n\nदूसरी बार ऑपरेशन के बावजूद नहीं बच सकी जान\n\nपरिजनों का आरोप है कि रोशन की सेहत में कोई सुधार न होता देख डॉक्टरों ने उसका दोबारा ऑपरेशन करने का फैसला किया। दूसरी सर्जरी के बाद भी उसकी स्थिति स्थिर नहीं हो पाई और उसे वापस आईसीयू में रखना पड़ा, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में देरी करने और उचित चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध न कराने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने आना अभी बाकी है, जिससे यह साफ हो सके कि इलाज के दौरान कौन सी प्रक्रिया अपनाई गई थी।\n\nअस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर पहले भी उठे हैं सवाल\n\nन्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का यह नया मामला ऐसे वक्त में सामने आया है, जब यहाँ पहले भी प्रसव के बाद महिलाओं की तबियत बिगड़ने और दम तोड़ने की घटनाओं को लेकर काफी विवाद हो चुका है। बीते मई महीने में भी इसी अस्पताल में कुछ प्रसूताओं की मौत के बाद यहाँ की उपचार व्यवस्था और संभावित चिकित्सीय लापरवाही को लेकर तीखे सवाल उठे थे। अब रोशन बाई की मौत के बाद एक बार फिर से यह बहस छिड़ गई है कि अस्पताल में प्रसव के बाद मरीजों की निगरानी कैसे की जाती है, जटिलताओं को समय पर क्यों नहीं पहचाना जाता और समय पर सही इलाज क्यों नहीं मिल पाता। फिलहाल, इस मामले में मौत के सही कारणों का पता लगाने और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराना सबसे अहम हो गया है।\n\nइसका आप पर असर\nकोटा में प्रसूता की मौत की इस घटना का सीधा असर स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और आम जनता के भरोसे पर पड़ता है।\n\n• भारत में: सरकारी अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य और प्रसव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर देश भर में बहस तेज हो जाती है। ऐसे मामलों से यह मांग उठती है कि हर अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं को अधिक पारदर्शी और चुस्त बनाया जाए।\n• कोटा में: स्थानीय निवासियों और मरीजों के परिजनों के बीच न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्था को लेकर चिंता और अविश्वास बढ़ जाता है। लोग इलाज में किसी भी तरह की कोताही के खिलाफ सख्त जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nरोshan बाई की मौत के मामले में अस्पताल के भीतर इलाज के दौरान उपजी चिकित्सीय जटिलताओं को मुख्य कारण बताया जा रहा है।\n\n• सिजेरियन के बाद जटिलताएं: ऑपरेशन के बाद मरीज के पेट में खून जमा होने और गंभीर दर्द की शिकायत शुरू हुई थी, जो जानलेवा साबित हुई।\n• दूसरी सर्जरी की असफलता: स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन किया और आईसीयू में रखा, लेकिन मरीज की जान नहीं बचाई जा सकेगी।\n• जांच का विषय: उपचार के दौरान किसी तरह की चिकित्सीय लापरवाही हुई थी या नहीं, इसकी पुष्टि आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रोशन बाई की मौत कहाँ हुई?\nरोशन बाई की मौत कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई।\n\n2. रोशन बाई किस गाँव की रहने वाली थीं?\nवह माल बंबोरी गाँव की रहने वाली थीं।\n\n3. अस्पताल में उनकी डिलीवरी किस प्रकार हुई थी?\nअस्पताल में उनका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया था।\n\n4. मौत से पहले उन्हें क्या स्वास्थ्य समस्या हुई थी?\nउन्हें सिजेरियन के बाद पेट में खून जमा होने और असहनीय दर्द की शिकायत हुई थी।\n\n5. 24 घंटे के भीतर अस्पताल में प्रसूता की मौत का यह कौन सा मामला था?\nयह 24 घंटे के भीतर न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दूसरी प्रसूता की मौत का मामला था।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-18",
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