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  "type": "article",
  "title": "कोटा में 208 करोड़ से बनेगा आधुनिक न्यायालय परिसर, 54 कोर्ट रूम और 247 चैंबर होंगे तैयार",
  "summary": "कोटा में न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक रूप देने के लिए 208 करोड़ रुपये की लागत से पांच मंजिला नए कोर्ट परिसर का शिलान्यास किया गया है, जिसके जुलाई 2028 तक तैयार होने की योजना है।",
  "content": "राजस्थान के कोटा शहर में न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत और सुगम बनाने के लिए एक व्यापक परियोजना की नींव रख दी गई है। शहर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए न्यायालय परिसर का शिलान्यास संपन्न हो चुका है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 208 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पांच मंजिला इस नए भवन का मुख्य उद्देश्य मुकदमों के त्वरित निस्तारण, अधिवक्ताओं के बैठने की समुचित व्यवस्था और न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले आम नागरिकों को बेहतर वातावरण प्रदान करना है।\n\nगणमान्य हस्तियों की मौजूदगी में हुआ शिलान्यास\nइस ऐतिहासिक निर्माण कार्य के शुभारंभ अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। शिलान्यास समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय अग्रवाल अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त राजस्थान सरकार के विधि एवं न्याय विभाग मंत्री जोगाराम पटेल भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। अतिथियों की उपस्थिति में विधि विधान के साथ नए न्यायालय परिसर के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की गई।\n\nपांच मंजिला परिसर में मिलेंगी उन्नत सुविधाएं\nतैयार की जा रही कार्ययोजना के तहत यह पूरी इमारत पांच मंजिला स्वरूप में खड़ी की जाएगी। न्यायिक प्रक्रियाओं को सुचारू और व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए इसमें कुल 54 नए कोर्ट रूम बनाए जाएंगे। वकीलों की कामकाजी जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए भवन के भीतर 247 चैंबर भी तैयार किए जाएंगे। इस प्रकार की डिजाइन तैयार की गई है ताकि न्यायाधीशों, न्यायिक कर्मचारियों, वकीलों और वादकारियों सभी को एक ही परिसर में आधुनिक और सुविधाजनक माहौल मिल सके।\n\nहाईटेक सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन\nनया न्यायालय परिसर पूरी तरह से आधुनिक तकनीक और सख्त सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। भवन के भीतर सुरक्षा के पुख्ता और हाईटेक इंतजाम किए जाएंगे जिससे परिसर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। निर्माण कार्य में ऊर्जा संरक्षण से जुड़ी उन्नत तकनीकों को शामिल किया जा रहा है, ताकि बिजली की बचत के साथ स्वच्छ और संतुलित माहौल बना रहे।\n\nजुलाई 2028 तक तैयार होगा नया ढांचा\nयह परियोजना कोटा जिले में न्यायिक आधारभूत संरचना को पूरी तरह से बदलने वाली साबित होगी। निर्धारित समय सीमा के अनुसार इस पूरे परिसर का निर्माण कार्य जुलाई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सभी न्यायिक गतिविधियां इसी आधुनिक और सुसज्जित परिसर से संचालित की जाएंगी, जिससे कोटा की पूरी न्यायिक व्यवस्था को एक नया और आधुनिक स्वरूप मिलेगा।\n\nइसका आप पर असर\nकोटा में नए न्यायालय परिसर के निर्माण से कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और आम नागरिकों को कोर्ट-कचहरी के दौरान बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।\n\n• भारत में: जिला स्तर पर आधुनिक अदालतों के बनने से देश के न्यायिक बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण को मजबूती मिलती है। इससे अन्य शहरों में भी ई-कोर्ट्स और हाईटेक परिसरों के निर्माण की गति तेज हो सकती है।\n• कोटा में: स्थानीय वादकारियों को अब तंग और पुरानी अदालतों में धक्के खाने से मुक्ति मिलेगी और सभी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध होंगी। वकीलों को 247 नए चैंबर मिलने से उनके काम करने की गुणवत्ता सुधरेगी और मुकदमों की सुनवाई में देरी कम होगी।\n• सुरक्षा और पर्यावरण: अत्याधुनिक सुरक्षा जांच और पर्यावरण अनुकूल भवन होने से परिसर में आने वाले हर व्यक्ति को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। ऊर्जा की बचत और व्यवस्थित डिजाइन से कोर्ट आने वाले आम लोगों का समय बचेगा।\n• समय सीमा: यह पूरी परियोजना जुलाई 2028 तक पूरी की जानी है। तब तक वर्तमान अदालतों में कामकाज जारी रहेगा, जिसके बाद सभी खंड नए परिसर में स्थानांतरित किए जाएंगे।\n\nऐसा क्यों हुआ\nकोटा में मौजूदा अदालती ढांचे पर बढ़ते मुकदमों के बोझ और आधुनिक सुविधाओं के अभाव के कारण 208 करोड़ रुपये के नए एकीकृत न्यायालय परिसर की योजना बनाई गई है।\n\n• सीमित जगह और बढ़ता कार्यभार: वर्तमान न्यायिक व्यवस्था में कोर्ट रूम और वकीलों के बैठने की जगह कम पड़ रही थी, जिससे नए परिसर की आवश्यकता महसूस हुई। मुकदमों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 54 नए कोर्ट रूम की योजना तैयार की गई।\n• हाईटेक सुरक्षा और तकनीक की जरूरत: पुरानी इमारतों में आधुनिक तकनीकी उपकरणों और पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों को लागू करना कठिन हो रहा था। नया परिसर ऊर्जा दक्षता और डिजिटल न्यायिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है।\n• आधिकारिक पहल और सहयोग: केंद्र और राज्य के शीर्ष जनप्रतिनिधियों एवं न्यायिक अधिकारियों के सहयोग से परियोजना को गति मिली। लोकसभा अध्यक्ष, राज्य के न्याय मंत्री और चीफ जस्टिस की उपस्थिति में इसका विधिवत शिलान्यास किया गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कोटा में नए कोर्ट परिसर के निर्माण पर कुल कितनी लागत आएगी?\nइस नए पांच मंजिला कोर्ट परिसर के निर्माण पर लगभग 208 करोड़ रुपये की लागत आएगी।\n\n2. नए न्यायालय परिसर में कुल कितने कोर्ट रूम और वकीलों के चैंबर बनाए जाएंगे?\nपरिसर में न्यायिक प्रक्रियाओं के लिए 54 कोर्ट रूम और वकीलों की सुविधा के लिए 247 चैंबर तैयार किए जाएंगे।\n\n3. शिलान्यास समारोह में कौन-कौन से मुख्य अतिथि शामिल हुए?\nकार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय अग्रवाल और राज्य के कानून मंत्री जोगाराम पटेल उपस्थित रहे।\n\n4. इस नए कोर्ट परिसर का निर्माण कार्य कब तक पूरा होने का लक्ष्य है?\nनिर्धारित योजना के अनुसार नए कोर्ट भवन का निर्माण जुलाई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-11-01",
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    "कोटा कोर्ट परिसर",
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    "ओम बिरला",
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    "राजस्थान समाचार",
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