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  "title": "कोटा में अंधविश्वास बना काल: सांप काटने के बाद परिवार दो घंटे झाड़-फूंक में उलझा रहा, 2 साल के कालू की मौत",
  "summary": "राजस्थान के कोटा में सर्पदंश के बाद परिजन 2 वर्षीय कालू को अस्पताल ले जाने की बजाय करीब दो घंटे तक तांत्रिकों और देवी-देवताओं के स्थान पर झाड़-फूंक कराते रहे, जिसके बाद न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसकी मौत हो गई।",
  "content": "टापरी में खेलते हुए बच्चे को डंसा जहरीला सांप\nराजस्थान के कोटा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जो अंधविश्वास और जागरूकता की कमी के गंभीर परिणाम दर्शाती है। रेलवे कॉलोनी थाना इलाके के टापरी मोहल्ले में एक 2 साल के मासूम बच्चे की जान सांप के काटने के बाद सही वक्त पर इलाज न मिल पाने की वजह से चली गई।\n\nमृतक बच्चे की पहचान 2 वर्षीय कालू के रूप में हुई है। घटना के वक्त वह अपनी टापरी के ठीक सामने बाहर खेल रहा था। तभी अचानक किसी जहरीले सांप या किसी जहरीले कीड़े ने उसके दाएं हाथ पर काट लिया। बच्चे की अचानक चीख और रोने की आवाज सुनकर परिजन भागकर आए और उन्हें सर्पदंश का पता चला।\n\nदो घंटे तक झाड़-फूंक, डॉक्टर की राह नहीं चुनी\nऐसी किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में सबसे पहला काम होना चाहिए था कि बच्चे को फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाए। लेकिन परिजन अंधविश्वास के चंगुल में फंस गए। वे कालू को डॉक्टर के पास ले जाने की बजाय पहले स्थानीय देवी-देवताओं के स्थान पर और फिर तांत्रिकों के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए।\n\nकरीब दो घंटे तक यह सिलसिला जारी रहा। इस पूरे वक्त में जहर लगातार उस नन्हे जिस्म में फैलता रहा। बच्चा दर्द से तड़पता रहा, लेकिन परिजन देसी इलाज पर ही भरोसा करते रहे। जब हालत बेहद बिगड़ गई और कालू पूरी तरह बेसुध हो गया, तब जाकर परिवार को होश आया और उन्होंने अस्पताल की राह पकड़ी।\n\nन्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ICU में दम तोड़ा\nपरिजन आनन-फानन में कालू को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उसे ICU में भर्ती कर इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद उस 2 साल के मासूम ने दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उसे आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया।\n\nयह खबर मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। उनका रो-रोकर बुरा हाल था।\n\nपुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम\nअस्पताल प्रशासन की ओर से सूचना मिलते ही रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी लेकर 2 वर्षीय कालू के शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने इस पूरे मामले में मर्ग रिपोर्ट दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।\n\nयह दर्दनाक घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। सर्पदंश एक मेडिकल इमरजेंसी है और ऐसे में हर मिनट की कीमत जान जितनी होती है। सांप काटने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना ही एकमात्र सही रास्ता है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह घटना पूरे देश के लिए एक चेतावनी है कि सांप काटने पर तुरंत अस्पताल जाना ही एकमात्र सही फैसला है, झाड़-फूंक या देसी नुस्खों में वक्त गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है।\n• कोटा और राजस्थान में: ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में अंधविश्वास की जड़ें अभी गहरी हैं, इसलिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सर्पदंश जैसी इमरजेंसी में तुरंत चिकित्सा सहायता लेने के लिए जागरूकता अभियान तेज करने की जरूरत है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना कहां की है?\nयह घटना राजस्थान के कोटा जिले के रेलवे कॉलोनी थाना इलाके के टापरी मोहल्ले की है।\n\n2. मृत बच्चे का नाम और उम्र क्या थी?\nमृत बच्चे का नाम कालू था और वह 2 साल का था।\n\n3. सांप ने बच्चे को शरीर के किस हिस्से पर काटा था?\nजहरीले सांप या कीड़े ने बच्चे के दाएं हाथ पर काटा था।\n\n4. परिजन बच्चे को पहले कहां ले गए?\nपरिजन बच्चे को अस्पताल ले जाने की बजाय स्थानीय देवी-देवताओं के स्थान और तांत्रिकों के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए।\n\n5. झाड़-फूंक में कितना समय बर्बाद हुआ?\nकरीब दो घंटे झाड़-फूंक में बर्बाद हुए, जिस दौरान जहर पूरे शरीर में फैलता रहा।\n\n6. बच्चे को किस अस्पताल ले जाया गया?\nबच्चे को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां ICU में उसकी मौत हो गई।\n\n7. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?\nरेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने मर्ग रिपोर्ट दर्ज की, पोस्टमार्टम कराया और आगे की कानूनी जांच शुरू की।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-06-21",
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    "अंधविश्वास",
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    "मेडिकल इमरजेंसी"
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  "site": "TrendKia"
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