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  "type": "article",
  "title": "कोटा में एक ही रात में दो कोचिंग छात्रों की मौत से हड़कंप, बाथरूम में अचेत मिले छात्र और दूसरे ने लगाई फांसी",
  "summary": "कोटा में एक ही रात में दो अलग-अलग घटनाओं में कोचिंग छात्रों की मौत हो गई। इनमें से एक छात्र बाथरूम में बेहोश मिला था, जबकि दूसरे ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।",
  "content": "कोचिंग हब के रूप में पहचानी जाने वाली कोटा नगरी से एक बार फिर बेहद दुखद और चिंताजनक मामले सामने आए हैं। शहर में एक ही रात के भीतर दो अलग-अलग जगहों पर दो कोचिंग छात्रों की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। इन दो छात्रों के एक साथ असामयिक निधन से स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ-साथ पूरे कोचिंग उद्योग में भी गहरी हलचल मच गई है। इनमें से एक छात्र अपने पीजी के बाथरूम में अचेत अवस्था में मिला था, जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरी घटना में एक अन्य छात्र ने अपने कमरे में फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस दोनों ही मामलों को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच में जुटी हुई है।\n\nबिहार और मध्य प्रदेश के रहने वाले थे दोनों छात्र\nप्राप्त जानकारी के अनुसार, अपनी जान गंवाने वाले दोनों छात्र देश के अलग-अलग राज्यों से यहां रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। इनमें से पहला छात्र बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला 19 वर्षीय गौतम था, जो कोटा शहर के कुन्हाड़ी इलाके में स्थित एक पीजी में रहता था। गौतम पिछले दो वर्षों से इस शहर में रहकर राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी में जुटा हुआ था। रविवार की देर रात वह अचानक अपने पीजी के बाथरूम में अचेत हालत में मिला। इस बात की जानकारी मिलते ही उसे आनन-फानन में एमबी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरी स्थिति का जायजा लेते हुए मृतक के परिजनों को इसकी विधिवत सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने शव को एमबी अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। हालांकि, गौतम की अचानक हुई इस मौत के पीछे की असली वजह का अब तक कोई खुलासा नहीं हो पाया है.\n\nदूसरा छात्र महावीर नगर इलाके में कर रहा था तैयारी\nइस दुखद श्रृंखला की दूसरी घटना शहर के महावीर नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामने आई। यहां मध्य प्रदेश के शिवपुरी का रहने वाला 17 साल का एक किशोर एक पीजी में रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE की पुख्ता तैयारी कर रहा था। वह पिछले छह महीनों से कोटा में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था। रविवार की रात को उसने अपने ही पीजी के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जैसे ही इस घटना की भनक पीजी के स्टाफ और वहां रहने वाले अन्य विद्यार्थियों को लगी, वहां अफरा-तफरी मच गई और हड़कंप जैसी स्थिति पैदा हो गई। बिना किसी देरी के मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद महावीर नगर थाने की पुलिस दल-बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने फंदे पर लटके छात्र को नीचे उतरवाया और तुरंत एमबी अस्पताल भिजवाया, मगर वहां भी डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.\n\nकमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिलने पर खुला राज\nपुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह छात्र रविवार को ही अपनी कोचिंग संस्थान में टेस्ट देकर वापस अपने कमरे पर लौटा था। रात के वक्त जब उसके एक साथी छात्र ने उसे टहलने के लिए बाहर चलने के वास्ते आवाज लगाई, तो उसके कमरे का दरवाजा अंदर से पूरी तरह बंद मिला। साथी ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई और दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद तुरंत इसकी सूचना पीजी संचालक को दी गई। जब खिड़की से झांककर अंदर देखा गया, तो छात्र पंखे के फंदे पर लटका हुआ नजर आया। यह खौफनाक दृश्य देखकर वहां मौजूद अन्य छात्रों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत इस अनहोनी की जानकारी उसके घर वालों को दी। छात्र के परिजन सूचना मिलते ही कोटा पहुंच चुके हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में विभिन्न पहलुओं और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है, क्योंकि मौत के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है.\n\nकोटा में पहले भी आ चुके हैं सुसाइड के कई मामले\nदेशभर में कोचिंग सिटी के नाम से मशहूर कोटा में छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने का यह कोई पहला वाकया नहीं है। इससे पहले भी बीते वर्षों और उससे पिछले सालों के दौरान बड़ी संख्या में कोचिंग विद्यार्थियों के खुदकुशी करने के मामले सामने आते रहे हैं। इन तमाम घटनाओं के बाद सरकार और प्रशासन की नींद खुली थी, जिसके बाद सुसाइड के मूल कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन भी किया गया था। विद्यार्थियों के इस तरह जान देने के मामलों पर रोक लगाने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन की ओर से पीजी आवासों और कोचिंग संस्थानों के लिए सख्त गाइडलाइन भी तय की गई थी। इसके अलावा, छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए दोनों ही जगहों पर नियमित रूप से काउंसलर नियुक्त करने और अन्य एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, इन तमाम प्रशासनिक और संस्थागत कोशिशों के बाद भी छात्रों द्वारा खुदकुशी करने के सिलसिले में कोई कमी आती नजर नहीं आ रही है.\n\nइसका आप पर असर\nकोटा में कोचिंग छात्रों के साथ लगातार हो रही इस तरह की गंभीर घटनाओं ने देश भर के उन लाखों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है जो अपने बच्चों को बड़े सपनों के साथ दूर-दराज के शहरों में पढ़ने भेजते हैं।\n\n• भारत में: देश भर के अभिभावक अब अपने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और आवासीय संस्थानों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं। इस तरह की घटनाएं शिक्षण संस्थानों और हॉस्टल संचालकों पर छात्रों की देखरेख के लिए कड़े नियम लागू करने का दबाव बनाती हैं।\n• कोटा में: स्थानीय स्तर पर पीजी और हॉस्टल संचालकों पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने का दबाव बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को परिसरों में छात्रों की काउंसलिंग व्यवस्था और निगरानी को और अधिक दुरुस्त करना पड़ रहा है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nकोटा में छात्रों द्वारा लगातार उठाए जा रहे इन चरम कदमों के पीछे उच्चाकांक्षी परीक्षाओं के कारण उत्पन्न होने वाला अत्यधिक मानसिक दबाव, पठन-पाठन का तनाव और व्यक्तिगत अलगाव प्रमुख कारण माने जाते हैं। प्रशासनिक समितियों की पूर्व की रिपोर्टों में इन समस्याओं को रेखांकित किया गया है।\n\n• शैक्षणिक दबाव: इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी अत्यधिक कठिन प्रवेश परीक्षाओं का पाठ्यक्रम और उनमें सफल होने की अदम्य जिद्द छात्रों पर लगातार भारी मानसिक बोझ डालती है।\n• अकेलापन और अलगाव: अपने घरों और परिवारों से मीलों दूर रहकर छोटे कमरों या पीजी में अकेले जीवन बिताने के कारण छात्रों में अकेलापन और अवसाद की भावना घर कर जाती है।\n• प्रशासनिक प्रयास: पूर्व की घटनाओं के बाद सरकार और स्थानीय निकायों द्वारा गठित उच्च स्तरीय समितियों की सिफारिशों के आधार पर कई दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका पूर्ण क्रियान्वयन अभी भी चुनौती बना हुआ है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कोटा में हाल ही में किन घटनाओं से हड़कंप मचा?\nकोटा में एक ही रात में दो अलग-अलग कोचिंग छात्रों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।\n\n2. पहला छात्र किस परीक्षा की तैयारी कर रहा था?\nबिहार के दरभंगा निवासी गौतम पिछले दो साल से कोटा में नीट (NEET) की तैयारी कर रहा था।\n\n3. दूसरा छात्र किस इलाके में रहता था?\nमध्य प्रदेश के शिवपुरी का 17 वर्षीय छात्र महावीर नगर थाना इलाके के एक पीजी में रहता था।\n\n4. दोनों छात्रों के शव कहां ले जाए गए?\nघटना की सूचना मिलने के बाद दोनों छात्रों के शवों को एमबी अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया गया।\n\n5. क्या इन घटनाओं के कारणों का पता चल पाया है?\nफिलहाल दोनों मामलों में पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और मौत के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हुआ है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-26",
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    "कोटा कोचिंग",
    "छात्र सुसाइड",
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    "जेईई तैयारी",
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