# कोटा में कार के नीचे मिला साढ़े चार फीट लंबा मगरमच्छ, सड़क पर दौड़ा तो मच गई अफरा-तफरी

> कोटा के बोरखेड़ा इलाके में एक कार के नीचे छिपा मगरमच्छ अचानक बाहर निकल आया और सड़क पर दौड़ने लगा। वन विभाग की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित पकड़ लिया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/kota-men-kara-ke-niche-mila-sarhe-chara-phita-lnba-magaramachchha-saraka-para-daura-to-macha-gai-aphara-taphari-39818 · **Language:** Hindi
**Tags:** कोटा न्यूज़, मगरमच्छ रेस्क्यू, वन विभाग कोटा, बोरखेड़ा कोटा, राजस्थान वन्यजीव

कोटा जिले के बोरखेड़ा क्षेत्र में रविवार की रात एक अप्रत्याशित और खौफनाक नजारा देखने को मिला, जब थेगड़ा रोड स्थित कंचन रिसोर्ट के पास जैन मंदिर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के बीच हड़कंप मच गया। यहाँ एक वाहन के पिछले पहिये के नीचे साढ़े चार फीट का एक विशाल मगरमच्छ आकर छिप गया था। रात के सन्नाटे में जब वाहन मालिक अपनी गाड़ी के पास पहुँचा और उसकी नजर टायर के पास पड़ी, तो उसने एक लंबी पूंछ को हिलते हुए देखा। पास जाकर देखने पर जब उसे यह अहसास हुआ कि वहाँ कोई आम जीव नहीं बल्कि एक खतरनाक शिकारी छिपा है, तो उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत शोर मचाया, जिससे आसपास के स्थानीय लोग भी अपने घरों से बाहर निकल आए और देखते ही देखते वहाँ भारी भीड़ जमा हो गई। इस неожидан घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

## वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और सड़क पर रोमांच
वाहन मालिक द्वारा दी गई सूचना के आधार पर वन विभाग की एक तीन सदस्यीय विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम तुरंत सभी जरूरी उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुँच गई। सबसे पहले अधिकारियों ने भीड़ को वाहन से सुरक्षित दूरी पर हटाया ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। जैसे ही दल ने मगरमच्छ को बाहर निकालने के लिए वाहन को हटाने का प्रयास किया, वह अचानक बाहर आ गया और तेजी से सड़क पर लगभग बीस फीट की दूरी तक दौड़ पड़ा। खुलेआम सड़क पर उस जीव को इस तरह भागते देख वहाँ मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और हर कोई अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा।

## आंखों पर कपड़ा डालकर किया गया काबू
सड़क पर तेजी से भाग रहे उस खतरनाक जीव को नियंत्रित करना वन विभाग के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चुनौती था, जिसके लिए उन्होंने भारी सूझबूझ का परिचय दिया। कर्मियों ने एक विशेष फंदे वाली रस्सी तैयार की और बड़ी सावधानी से उसके जबड़े में फंसाकर उसे काबू में किया। इसके बाद उसे शांत करने के उद्देश्य से उसकी आँखों पर एक काला कपड़ा डाल दिया गया, ताकि वह ज्यादा छटपटा न सके और टीम को उसे सुरक्षित रूप से उठाने में आसानी हो। लगभग पंद्रह मिनट के कड़े संघर्ष के बाद आखिरकार उस साढ़े चार फीट लंबे वन्यजीव को पूरी तरह से सुरक्षित पकड़ लिया गया।

## नाले से भटककर रिहायशी इलाके में पहुँचा था जीव
वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना के पीछे के कारण की जानकारी देते हुए बताया कि कंचन रिसोर्ट के बिल्कुल पास से ही एक बड़ा नाला गुजरता है। शुरुआती आकलन के अनुसार, यह जीव संभवतः उसी नाले के रास्ते भटकते हुए इस घनी रिहायशी कॉलोनी के अंदर आ गया था और रात का अंधेरा होने के कारण खुद को छिपाने के लिए इस वाहन के नीचे बैठ गया था। इस सफल और सुरक्षित रेस्क्यू अभियान के बाद स्थानीय निवासियों और वाहन मालिक ने राहत की गहरी साँस ली, क्योंकि समय रहते यदि सूझबूझ न दिखाई जाती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

## इसका आप पर असर
यह घटना दिखाती है कि जल स्रोतों और नालों के पास बसे शहरी इलाकों में वन्यजीवों का पहुँचना कितना खतरनाक हो सकता है।

- **भारत में:** जल स्रोतों के पास स्थित रिहायशी बस्तियों में इस प्रकार के जीवों के आने की घटनाओं पर नगर निगम और वन विभाग को अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। स्थानीय निवासियों को रात के समय सुनसान रास्तों और वाहनों के आसपास निकलते वक्त अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।
- **कोटा में:** बोरखेड़ा और थेगड़ा रोड के आसपास नाले के पास रहने वाले लोगों को विशेष रूप से अपने बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए। प्रशासन को तुरंत ऐसे नालों की जालियों और सुरक्षा दीवारों की मरम्मत करानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न दोहराई जाएँ।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना नाले के करीब रिहायशी इलाकों के विस्तार और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में दखल के कारण सामने आई है। अंधेरे और पानी के बहाव ने जीव को सुरक्षित ठिकाना तलाशने पर मजबूर किया।

- **नाले के रास्ते प्रवेश:** कंचन रिसोर्ट के पास से गुजरने वाले बड़े नाले के माध्यम से यह मगरमच्छ अपने प्राकृतिक जलस्रोत से भटककर सीधी रिहायशी कॉलोनी तक पहुँच गया था।
- **अंधेरे की वजह से छिपना:** रात का समय होने और चारों तरफ अंधेरा छा जाने के कारण उस जीव को सुरक्षित जगह की तलाश थी, जिसके चलते वह सड़क किनारे खड़ी इस कार के नीचे जा छिपा।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कहाँ हुई थी?
यह घटना कोटा जिले के बोरखेड़ा इलाके में थेगड़ा रोड पर कंचन रिसोर्ट के पास जैन मंदिर कॉलोनी में हुई।

### 2. मगरमच्छ की लंबाई कितनी थी?
पकड़े गए मगरमच्छ की लंबाई करीब साढ़े चार फीट थी।

### 3. मगरमच्छ कहाँ छिपा हुआ था?
मगरमच्छ कॉलोनी में खड़ी एक कार के पिछले टायर के नीचे छिपा हुआ था।

### 4. इसे किसने पकड़ा?
वन विभाग की तीन सदस्यीय रेस्क्यू टीम ने इसे कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित पकड़ लिया।

### 5. मगरमच्छ रिहायशी इलाके में कैसे आया?
माना जा रहा है कि यह पास ही गुजर रहे एक बड़े नाले के रास्ते से रास्ता भटककर कॉलोनी में आ गया था।

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