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  "title": "कोटा में मिड-डे मील बना आफत, कद्दू की सब्जी खाते ही 23 बच्चों की तबीयत बिगड़ी",
  "summary": "कोटा के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील में कद्दू की सब्जी खाने से 23 बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां नेताओं और अधिकारियों ने पहुंचकर उनका हालचाल जाना।",
  "content": "राजस्थान के कोटा जिले के पुनिया देवरी स्थित एक सरकारी विद्यालय में मिड-डे मील का सेवन करने के बाद लगभग 23 विद्यार्थियों की अचानक तबियत खराब हो गई। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टियां होने लगीं, दस्त की शिकायत हुई और चक्कर आने लगे। इस घटना के सामने आने से विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बच्चों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने फौरन उनका उपचार शुरू किया।\n\n \n\nअभिभावकों में रोष और जांच की मांग\n\nएक साथ इतने सारे बच्चों के बीमार पड़ने की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। गुस्साए परिजनों ने विद्यालय में परोसे जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, बच्चों की सेहत बिगड़ने की असली वजह क्या थी, यह बात खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगी।\n\n \n\nशिक्षा मंत्री मदन दिलावर का सख्त रुख\n\nमामले की गंभीरता को भांपते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने संबंधित अधिकारियों को इस पूरे प्रकरण की तत्काल जांच के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से फोन पर सीधे संपर्क कर बच्चों के स्वास्थ्य का जायजा लिया और इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की सख्त हिदायत दी। इसके साथ ही, मंत्री ने पोषाहार के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता परखने और यदि भोजन में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारी भी लगातार अस्पताल पहुंचकर बच्चों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।\n\n \n\nओम बिरला और स्थानीय नेताओं का दौरा\n\nलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी अस्पताल प्रशासन से फोन पर बच्चों के स्वास्थ्य की पूरी जानकारी ली और उचित दिशा-निर्देश दिए। दूसरी ओर, भाजपा नेता बद्री गोचर के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का दल भी अस्पताल पहुंचा और वहां भर्ती बच्चों तथा उनके परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर और ठीक बताई जा रही है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मिड-डे मील के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। अब रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है ताकि यह साफ हो सके कि बच्चों की तबीयत खराब होने के पीछे पोषाहार की खराब गुणवत्ता थी या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: सरकारी विद्यालयों में परोसे जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।\n\nकोटा में: पुनिया देवरी के स्कूल में हुई इस घटना के बाद स्थानीय अभिभावकों और प्रशासन में बच्चों के खान-पान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कोटा में बच्चों की तबीयत क्यों बिगड़ी?\nसरकारी स्कूल में मिड-डे मील के तहत परोसी गई कद्दू की सब्जी खाने के बाद 23 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।\n\n2. बच्चों को इलाज के लिए कहां ले जाया गया?\nउल्टी-दस्त और चक्कर आने की शिकायत के बाद बच्चों को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।\n\n3. शिक्षा मंत्री ने इस मामले में क्या निर्देश दिए?\nशिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और पोषाहार के सैंपल लेकर गुणवत्ता जांचने को कहा है।\n\n4. अस्पताल में भर्ती बच्चों की फिलहाल कैसी हालत है?\nअस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की हालत फिलहाल ठीक और खतरे से बाहर बताई जा रही है।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/kota-men-mida-de-mila-bana-aphata-kaddu-ki-sabji-khate-hi-23-bachchon-ki-tabiyata-bigari-21370",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-08-24",
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    "मिड डे मील",
    "मदन दिलावर",
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