# कोटा में रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिला संबल, 51 को 1000 रुपये पेंशन और 30 को सिलाई मशीनें

> कोटा में श्री राजपूत सभा की ओर से रक्षाबंधन के मौके पर जरूरतमंद महिलाओं को बढ़ी हुई पेंशन और सिलाई मशीनें बांटी गईं, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिला है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-08-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/kota-news-raksha-bandhan-initiative-provides-increased-pension-and-sewing-machines-to-women-in-need-21011 · **Language:** Hindi
**Tags:** कोटा, रक्षाबंधन, महिला सशक्तिकरण, पेंशन योजना, श्री राजपूत सभा, सिलाई मशीन वितरण

राजस्थान के कोटा शहर में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जरूरतमंद और असहाय महिलाओं को संबल देने के लिए एक खास पहल देखने को मिली है। उद्योग नगर इलाके में कंसुआ चौराहा के पास स्थित चौहान भवन में श्री राजपूत सभा कोटा द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर समाज की तरफ से 51 जरूरतमंद, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को आर्थिक मदद के तौर पर पेंशन की दसवीं किस्त सौंपी गई। त्योहार के इस खास मौके पर संस्था ने महिलाओं को राहत देते हुए इस महीने पेंशन की रकम में इजाफा किया था।

## बढ़ाई गई पेंशन और सिलाई मशीनों का वितरण
इस आयोजन के दौरान कुल 51 जरूरतमंद महिलाओं के साथ एक बुजुर्ग दंपति को भी पेंशन की दसवीं किस्त दी गई। सामान्य तौर पर इस कल्याणकारी योजना के तहत चुनी गई महिलाओं को हर महीने 800 रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है। हालांकि, रक्षाबंधन का त्योहार होने की वजह से इस बार इसमें 200 रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़कर कुल 1000 रुपये की पेंशन दी गई, जिसे पाकर महिलाओं के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही थी।

समाज सारथी रवींद्र सिंह हाड़ा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना की शुरुआत नवंबर 2025 में सिर्फ 15 जरूरतमंद महिलाओं के साथ की गई थी, जिसका दायरा धीरे-धीरे बढ़कर अब 51 महिलाओं तक पहुंच चुका है। संस्था का मकसद सिर्फ नकद पैसे देना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को खुद के पैरों पर खड़ा करना भी है। इसी दिशा में काम करते हुए अक्टूबर 2025 से लेकर अब तक कुल 30 महिलाओं को सिलाई मशीनें बांटी जा चुकी हैं, ताकि वे सिलाई और कढ़ाई का काम सीखकर अपनी आजीविका का एक स्थायी जरिया तैयार कर सकें।

## रक्षासूत्र बांधकर महिलाओं ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर लाभ पाने वाली महिलाओं ने इस नेक काम के लिए समाज सारथियों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधकर अपनी कृतज्ञता और आभार प्रकट किया। इस पूरे आयोजन के दौरान लोकेंद्र सिंह राजावत समेत समाज के कई गणमान्य लोग और समाजसेवी मौजूद रहे। कोटा में किसी सामाजिक संस्था द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मुहैया करा रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज के सामने एक सकारात्मक मिसाल भी पेश कर रहा है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** देश भर में सामाजिक और कल्याणकारी संगठनों द्वारा त्योहारों के मौके पर चलाई जाने वाली ऐसी योजनाएं कमजोर वर्ग की महिलाओं को आर्थिक संबल और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती हैं।

**कोटा में:** कोटा की जरूरतमंद, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को बढ़ी हुई पेंशन और सिलाई मशीनें मिलने से उन्हें त्योहार पर आर्थिक राहत मिली है और वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. कोटा में यह कार्यक्रम किस संस्था द्वारा आयोजित किया गया था?
यह कार्यक्रम श्री राजपूत सभा कोटा द्वारा उद्योग नगर क्षेत्र के कंसुआ चौराहा स्थित चौहान भवन में आयोजित किया गया था।

### 2. रक्षाबंधन पर महिलाओं को कितनी पेंशन राशि दी गई?
मतौर पर 800 रुपये मिलने वाली पेंशन में 200 रुपये जोड़कर इस बार महिलाओं को 1000 रुपये की राशि सौंपी गई।

### 3. इस योजना की शुरुआत कब हुई थी और इसमें कितनी महिलाओं को लाभ मिल रहा है?
इस कल्याणकारी योजना की शुरुआत नवंबर 2025 में 15 महिलाओं के साथ हुई थी, जो अब बढ़कर 51 महिलाओं तक पहुंच चुकी है।

### 4. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संस्था ने क्या कदम उठाया है?
संस्था ने अक्टूबर 2025 से अब तक 30 महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की हैं ताकि वे आजीविका का स्थायी जरिया बना सकें।

## प्रेरणा और सबक
**नियमित सहायता से शुरुआत:** किसी भी बड़े कल्याणकारी काम की शुरुआत छोटे स्तर से की जा सकती है, जैसे इस योजना की शुरुआत सिर्फ 15 महिलाओं से हुई थी जो बाद में बढ़कर 51 तक पहुंची।

**केवल दान नहीं, आत्मनिर्भरता:** मदद का उद्देश्य सिर्फ नकद राशि देना नहीं होना चाहिए, बल्कि सिलाई मशीन जैसी आजीविका के साधन देकर लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करना जरूरी है।

**त्योहारों पर विशेष राहत:** संकट या पर्व के समय थोड़ी अतिरिक्त सहायता जोड़कर देने से जरूरतमंदों के जीवन में वास्तविक खुशी लाई जा सकती है।

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