कुंभलगढ़ में पांच दिन बाद फिर शुरू हुई जंगल सफारी, जिप्सी संचालकों की हड़ताल खत्म राजस्थान के राजसमंद स्थित कुंभलगढ़ में पांच दिनों से बंद पड़ी जंगल सफारी सेवा फिर से बहाल हो गई है। जिप्सी संचालकों की हड़ताल खत्म होने के बाद दोपहर 3 बजे से जिप्सियों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है। राजसमंद जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुंभलगढ़ में जंगल सफारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले पांच दिनों से लगातार जारी जंगल सफारी जिप्सी एसोसिएशन की हड़ताल अब पूरी तरह से समाप्त हो गई है। हड़ताल के खत्म होने के बाद एसोसिएशन ने आज दोपहर 3 बजे से जंगल सफारी जिप्सियों का संचालन एक बार फिर से शुरू करने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इस सेवा के दोबारा बहाल होने से देश-विदेश से कुंभलगढ़ पहुंच रहे पर्यटकों और स्थानीय पर्यटन से जुड़े व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से सफारी बंद होने के कारण पर्यटकों को निराशा हाथ लग रही थी। हड़ताल की वजह और अधिकारियों से बातचीत अपनी विभिन्न लंबित मांगों और लंबे समय से अटके पड़े बकाया भुगतान की समस्या को लेकर जंगल सफारी जिप्सी संचालक पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए थे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जिप्सियों के पहिए पूरी तरह से थम गए थे, जिसके कारण कुंभलगढ़ आने वाले सैलानी जंगल सफारी के रोमांचक अनुभव से वंचित रह गए थे और इसका सीधा असर क्षेत्र की समग्र पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ रहा था। स्थिति को सुधारने के लिए जंगल सफारी टैक्सी एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों ने जयपुर स्थित प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) राजस्थान से फोन पर विस्तार से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपनी तमाम परेशानियों और लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों से विभागीय उच्च अधिकारियों को पूरी तरह अवगत कराया। बातचीत के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक की ओर से सभी मांगों पर बेहद सकारात्मक रुख दिखाया गया और उन्हें जल्द से जल्द हल करवाने का ठोस आश्वासन भी दिया गया, जिसके बाद एसोसिएशन ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया। बकाया भुगतान मिलने से संचालकों को राहत इस हड़ताल के अचानक खत्म होने के पीछे एक अन्य सबसे बड़ा कारण जिप्सी संचालकों के करीब दो महीने के बकाया भुगतान का खातों में जमा होना भी है। पिछले काफी समय से भुगतान नहीं मिल पाने की वजह से जिप्सी संचालकों को गंभीर आर्थिक तंगी और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब बकाया राशि के रूप में पैसे जमा होने से संचालकों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही एसोसिएशन को पूरी उम्मीद है कि उनकी अन्य बची हुई मांगों पर भी वन विभाग की ओर से जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। सेवा के फिर से शुरू होने से पर्यटक एक बार फिर से जंगल की हरी-भरी प्राकृतिक सुंदरता और वहां के वन्यजीवों को बेहद करीब से देखने का लुत्फ उठा सकेंगे। जिप्सी संचालकों ने अपनी समस्याओं पर सकारात्मक रुख दिखाने और बकाया भुगतान को जल्द जारी करवाने में मदद के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक राजस्थान समेत सभी संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है, ताकि भविष्य में इस तरह की बाधाओं का सामना न करना पड़े। इसका आप पर असर कुंभलगढ़ में जंगल सफारी के फिर से शुरू होने से पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है। • भारत में: पर्यटकों को राजस्थान के प्रमुख वन्यजीव स्थलों पर सफारी का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहेगा। • राजसमंद में: स्थानीय होटल, टैक्सी और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कामकाज पटरी पर लौटेगा और आय में सुधार होगा। ऐसा क्यों हुआ जिप्सी संचालकों द्वारा बकाया भुगतान न मिलने और अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करने के कारण पांच दिनों तक सफारी सेवाएं पूरी तरह ठप रही थीं। • बकाया भुगतान: संचालकों को करीब दो महीने का भुगतान लंबे समय से नहीं मिला था, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही थी। • प्रशासनिक चर्चा: एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक से फोन पर बात की, जिन्होंने मांगों का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। • हड़ताल समाप्ति: मांगों पर सकारात्मक रुख और बकाया राशि जमा होने के बाद एसोसिएशन ने आज दोपहर 3 बजे से संचालन बहाल कर दिया। सवाल-जवाब 1. कुंभलगढ़ में जंगल सफारी की सेवाएं कितने दिनों तक बंद थीं? जिप्सी संचालकों की हड़ताल के कारण जंगल सफारी की सेवाएं पिछले पांच दिनों से पूरी तरह बंद थीं। 2. जिप्सी संचालकों ने हड़ताल क्यों की थी? संचालक अपनी विभिन्न मांगों और लंबे समय से बकाया भुगतान नहीं मिलने के कारण हड़ताल पर थे। 3. जिप्सियों का संचालन किस समय से दोबारा शुरू हुआ है? एसोसिएशन की घोषणा के बाद आज दोपहर 3 बजे से जंगल सफारी जिप्सियों का संचालन फिर से शुरू हो गया है। 4. एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने किस अधिकारी से बातचीत की थी? एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) राजस्थान, जयपुर से फोन पर बातचीत की थी। https://trendkia.com/rajasthan/kunbhalagarha-men-pancha-dina-bada-phira-shuru-hui-jngala-saphari-jipsi-snchalakon-ki-haratala-khatma-57529 TrendKia — Har trend, sabse pehle.