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  "type": "article",
  "title": "लालबाग चौराहे पर 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंडरपास का काम धरातल पर उतरा, वार्ड 39 और 40 के लोगों ने वापस ली मतदान के बहिष्कार की कॉल",
  "summary": "राजसमंद जिले के नाथद्वारा में लालबाग चौराहे पर बहुप्रतीक्षित 15 करोड़ रुपये के अंडरपास का निर्माण शुरू हो गया है। इसके साथ ही लालबाग संघर्ष समिति और वार्ड 39 व 40 के निवासियों ने आगामी नगर पालिका चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करने का निर्णय वापस ले लिया है।",
  "content": "राजसमंद जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक शहर नाथद्वारा में लालबाग चौराहे पर वर्षों से जारी यातायात समस्या के समाधान की दिशा में एक बड़ी प्रगति हुई है। स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुप्रतीक्षित अंडरपास का निर्माण कार्य अब प्रत्यक्ष रूप से धरातल पर प्रारंभ हो गया है। ठेकेदार को औपचारिक कार्य आदेश मिलने के तुरंत बाद भारी मशीनरियों, आधुनिक संसाधनों और निर्माण कर्मियों के साथ टीम मौके पर पहुंच गई है। निर्माण कार्य धरातल पर शुरू होते ही लालबाग क्षेत्र के निवासियों और व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इसके साथ ही अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर संघर्षरत लालबाग संघर्ष समिति ने आगामी नगर पालिका चुनाव के पूर्ण बहिष्कार के अपने पूर्व फैसले को आधिकारिक तौर पर वापस लेने की घोषणा कर दी है। अब वार्ड संख्या 39 और वार्ड संख्या 40 के नागरिक निकाय चुनाव में पूरी सक्रियता के साथ मतदान करेंगे। निर्माण कार्य का शुरू होना न केवल यातायात प्रबंधन की दृष्टि से ऐतिहासिक है, बल्कि इसने स्थानीय निकाय राजनीति के समीकरणों को भी पूरी तरह से बदल दिया है।\n\n \n\nलंबे समय से जारी ट्रैफिक संकट और चुनाव बहिष्कार की पृष्ठभूमि\n नाथद्वारा का लालबाग चौराहा पूरे शहर का सबसे प्रमुख और अत्यधिक व्यस्ततम जंक्शन माना जाता है। इस चौराहे से होकर हर दिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन, व्यावसायिक गाड़ियां और धार्मिक दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की गाड़ियां गुजरती हैं। चौराहे पर सुगम यातायात व्यवस्था न होने के कारण यहां रोजाना कई-कई घंटों तक भीषण जाम की स्थिति बनी रहती थी। स्थानीय नागरिक, दुकानदार और राहगीर इस दैनिक ट्रैफिक ग्रिडलॉक से वर्षों से परेशान थे। समस्या के स्थायी समाधान के रूप में यहां अंडरपास निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। हालांकि प्रशासनिक स्वीकृति और प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं के बावजूद जब भौतिक धरातल पर काम शुरू करने में देरी हुई, तो क्षेत्रवासियों का धैर्य जवाब दे गया।\n\n प्रशासनिक सुस्ती और अनदेखी से नाराज होकर स्थानीय नागरिकों ने लालबाग संघर्ष समिति का गठन किया। संघर्ष समिति के बैनर तले नागरिकों ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया। आंदोलन को निर्णायक मोड़ देते हुए नाथद्वारा नगर पालिका के वार्ड संख्या 39 और वार्ड संख्या 40 के निवासियों ने एक स्वर में आगामी निकाय चुनाव का पूरी तरह बहिष्कार करने का कड़ा फैसला लिया। संघर्ष समिति ने स्पष्ट और कड़ा संदेश जारी किया था कि जब तक लालबाग चौराहे पर अंडरपास का वास्तविक निर्माण कार्य प्रत्यक्ष रूप से शुरू नहीं हो जाता, तब तक दोनों वार्डों का कोई भी नागरिक मतदान केंद्र पर जाकर वोट नहीं डालेगा। इस सामूहिक बहिष्कार की चेतावनी ने प्रशासनिक हलकों और स्थानीय राजनीति में बड़ा दबाव निर्मित कर दिया था।\n\n \n\nधरातल पर उतरा निर्माण कार्य और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति\n निकाय चुनाव नजदीक आने के साथ ही जनआंदोलन ने राजनीतिक रूप से तीव्र गति पकड़ ली थी। चुनाव बहिष्कार के दबाव के चलते प्रशासनिक और टेंडर प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया गया। लगभग 15 करोड़ रुपये के टेंडर आवंटन और संबंधित ठेकेदार को निर्माण आदेश जारी होने के बाद कार्यस्थल पर बुनियादी ढांचागत गतिविधियां शुरू कर दी गईं। भारी अर्थमूविंग मशीनों और तकनीकी टीम के लालबाग चौराहे पर पहुंचते ही मौके पर निर्माण का काम धरातल पर उतार दिया गया।\n\n अंडरपास के इस निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की मौजूदगी में की गई। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष प्रवीण जोशी, स्थानीय नेता कमलेश अजमेरा तथा क्षेत्र के अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने माना कि लालबाग चौराहे पर अंडरपास का बनना शहर के ढांचागत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक था। निर्माण प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों की पूर्ति पर संतोष व्यक्त किया और पूर्व में घोषित चुनाव बहिष्कार के निर्णय को समाप्त करने का ऐलान किया।\n\n \n\nयातायात सुगमता और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव\n लालबाग चौराहे पर 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह अंडरपास नाथद्वारा की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। वर्तमान में चौराहे पर लगने वाले जाम के कारण न केवल स्थानीय लोगों का समय नष्ट होता था, बल्कि एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के फंसने की आशंका भी बनी रहती थी। अंडरपास के पूर्ण होने के बाद मुख्य मार्ग का ट्रैफिक बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से गुजर सकेगा, जिससे चौराहे पर वाहनों का दबाव न के बराबर रह जाएगा।\n\n इसके अतिरिक्त, सुगम यातायात का सीधा सकारात्मक प्रभाव स्थानीय बाजार और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा। लालबाग चौराहे के आसपास स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक ग्राहकों की पहुंच आसान हो जाएगी। वाहन चालकों को ईंधन की खपत और यात्रा समय में बड़ी राहत मिलेगी। वर्षों के निरंतर संघर्ष और नागरिक एकजुटता के बाद शुरू हुआ यह निर्माण कार्य क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है, जिसने निकाय चुनावों के सुचारू आयोजन का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया है।\n\nइसका आप पर असर\nअंडरपास का निर्माण कार्य शुरू होने से यातायात बाधाओं को दूर करने और स्थानीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिक भागीदारी बहाल करने का दोहरा व्यावहारिक प्रभाव पड़ेगा।\n\n• नाथद्वारा और राजसमंद में: लालबाग चौराहे पर नियमित रूप से लगने वाले ट्रैफिक जाम से स्थानीय निवासियों और यात्रियों को स्थायी मुक्ति मिलेगी। निर्माण पूरा होने के बाद इस व्यस्त जंक्शन पर वाहनों का आवागमन सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।\n\n• स्थानीय नागरिकों और मतदाताओं के लिए: वार्ड 39 और 40 के निवासियों को विकास कार्य की ठोस शुरुआत के साथ अपना लोकतांत्रिक अधिकार प्रयोग करने का अवसर मिलेगा। चुनाव बहिष्कार का फैसला वापस होने से आगामी नगर पालिका चुनाव में जनभागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।\n\n• व्यापारियों और दुकानदारों के लिए: चौराहे पर जाम समाप्त होने से लालबाग क्षेत्र के व्यावसायिक परिसरों तक ग्राहकों की पहुंच आसान होगी। सुचारू यातायात से स्थानीय कारोबार को गति मिलेगी और व्यापार में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।\n\n• वाहन चालकों और पर्यटकों के लिए: धार्मिक नगरी नाथद्वारा में आने वाले श्रद्धालुओं और दैनिक वाहन चालकों का यात्रा समय काफी कम हो जाएगा। चौराहे पर लगने वाली लंबी कतारों के खत्म होने से ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।\n\n• भारत में: बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन जनआक्रोश को दूर करने और नागरिक प्रशासन में विश्वास कायम करने का एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह दिखाता है कि त्वरित प्रशासनिक कदम से सार्वजनिक मांगों और चुनावी प्रक्रियाओं के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नाथद्वारा के किस स्थान पर अंडरपास का निर्माण शुरू हुआ है?\nयह निर्माण कार्य राजसमंद जिले के नाथद्वारा में स्थित व्यस्ततम लालबाग चौराहे पर शुरू हुआ है।\n\n2. लालबाग अंडरपास परियोजना की कुल अनुमानित लागत कितनी है?\nइस बहुप्रतीक्षित अंडरपास परियोजना के लिए करीब 15 करोड़ रुपये का टेंडर स्वीकृत किया गया है।\n\n3. लालबाग संघर्ष समिति और स्थानीय लोगों ने चुनाव बहिष्कार का फैसला क्यों वापस लिया?\nठेकेदार द्वारा भारी संसाधनों के साथ लालबाग चौराहे पर अंडरपास का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू किए जाने के बाद यह फैसला वापस लिया गया।\n\n4. चुनाव बहिष्कार के आंदोलन में कौन-कौन से वार्ड शामिल थे?\nनाथद्वारा नगर पालिका के वार्ड संख्या 39 और वार्ड संख्या 40 के स्थानीय निवासी इस चुनाव बहिष्कार आंदोलन में शामिल थे।\n\n5. निर्माण कार्य के औपचारिक शुभारंभ के समय कौन से जनप्रतिनिधि उपस्थित थे?\nनिर्माण कार्य की शुरुआत भाजपा नगर अध्यक्ष प्रवीण जोशी और कमलेश अजमेरा सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई।\n\n6. लालबाग चौराहे पर अंडरपास बनने से किन वर्गों को मुख्य लाभ मिलेगा?\nइससे दैनिक वाहन चालकों, स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और नाथद्वारा आने वाले श्रद्धालुओं को रोजमर्रा के ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलेगी।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/lalbagh-chaurahe-para-15-karora-rupaye-ki-lagata-se-banane-vale-andarapasa-ka-kama-dharatala-para-utara-varda-39-aura-40-ke-logon--22891",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-08-27",
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