लवकुमार ने छोड़ी सीए की पढ़ाई, स्कूल के मंच से बॉलीवुड और राजस्थानी सिनेमा तक तय किया सफर करौली के रहने वाले लवकुमार ने बचपन की झिझक को पीछे छोड़ते हुए अभिनय की दुनिया में बड़ा मुकाम हासिल किया है। सीए की पढ़ाई छोड़कर थिएटर से जुड़े लवकुमार आज बॉलीवुड और राजस्थानी फिल्मों में अपनी खास पहचान बना चुके हैं। स्कूल के मंच पर कविता सुनाने में हिचकिचाने वाले करौली के लाल लवकुमार आज बड़े पर्दे पर अपनी अभिनय कला का जलवा बिखेर रहे हैं। बचपन में जिस मंच पर जाने से उन्हें घबराहट होती थी, उसी ने उनके जीवन की राह बदल दी। अभिनय के प्रति उनके गहरे जुनून ने उन्हें सीए की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने पर मजबूर कर दिया और उन्होंने अपने सपनों को ही अपना करियर बना लिया। आज वह राजस्थानी क्षेत्रीय सिनेमा के साथ-साथ बॉलीवुड की बड़ी फिल्मों में भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। अभिनेता राजकुमार राव के साथ फिल्म ‘हीट’ में स्क्रीन साझा करने का उनका अनुभव उनके अब तक के सफर की एक अहम उपलब्धि रहा है। बचपन की यादें और नृत्य के प्रति आकर्षण लवकुमार के मन में अभिनय का बीज बहुत कम उम्र में ही पड़ गया था। छब्बीस जनवरी के एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान उन्हें मंच पर प्रसिद्ध कविता ‘मछली जल की रानी है’ सुनाने का मौका मिला था। उस समय मंच पर कदम रखते वक्त वह काफी झिझक रहे थे, लेकिन उन्हें यह अंदाजा बिल्कुल नहीं था कि यह छोटा-सा अवसर उनके भविष्य की नींव रखेगा। इसके अलावा, शादियों और आयोजनों में अपने चाचा को नृत्य करते देख उनका रुझान इस कला की ओर तेजी से बढ़ने लगा। उनके चाचा के पास फिल्मों और गानों की सीडी का एक विशाल संग्रह था, जिसे लवकुमार नियमित रूप से देखते और सुनते थे। शुरुआत डांस से हुई थी, जो धीरे-धीरे नाटक और अभिनय में तब्दील हो गई। स्कूल के अपने पहले नाटक में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें जमकर सराहना मिली और मंच से उनका नाता हमेशा के लिए जुड़ गया। अपने इस शुरुआती कौशल और अभिनय മിക के लिए उन्हें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नीरज के. पवन के हाथों तीन बार सम्मानित भी किया गया था। सीए की पढ़ाई से दूरी और रंगमंच में समर्पण दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उनके परिजनों ने उन्हें उच्च शिक्षा के लिए सीकर भेज दिया, जहां उन्होंने प्रिंस एकेडमी से ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह आगे की शिक्षा और सीए की तैयारी के सिलसिले में जयपुर आ गए। हालांकि, अकादमिक किताबों के बीच उनका दिल रंगमंच की दुनिया में ज्यादा रमने लगा। उन्होंने अपने परिवार को बिना बताए चुपचाप थिएटर करना शुरू कर दिया। जयपुर के प्रसिद्ध रवींद्र मंच और जवाहर कला केंद्र में उन्होंने लगभग पांच से छह साल तक लगातार अभिनय का अभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न नाटकों में कई तरह की जटिल और अनूठी भूमिकाएं निभाकर अपने अभिनय को निखारा। शॉर्ट फिल्मों से लेकर बॉलीवुड का सफर रंगमंच की लंबी मेहनत के बाद उन्हें साल 2015 में सिनेमाई दुनिया में प्रवेश करने का पहला बड़ा अवसर मिला। उन्हें ‘Decision’ नामक एक लघु फिल्म में अभिनय करने का मौका मिला, जिसकी शूटिंग पुष्कर शहर में पूरी हुई थी। इस प्रोजेक्ट को फिल्म फेस्टिवल्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। लवकुमार बताते हैं कि फिल्म में उनका किरदार भले ही संक्षिप्त था, लेकिन उनके कलात्मक विकास के लिए उसका बहुत बड़ा महत्व था। शूटिंग से पहले आयोजित दो दिनों की कार्यशाला में उन्हें कैमरे के सामने काम करने की बारीक तकनीकें सीखने को मिलीं। उन्हें अलग-अलग मिजाज के किरदार निभाना सबसे ज्यादा पसंद है और वह खुद को किसी एक तय दायरे में नहीं बांधना चाहते। हिंदी सिनेमा जगत में वह मनोज बाजपेयी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और पंकज त्रिपाठी के अभिनय से खासे प्रेरित हैं तथा भविष्य में इन दिग्गज कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा करने की गहरी इच्छा रखते हैं। राजस्थानी सिनेमा और युवा कलाकारों के लिए संदेश रंगमंच की पगडंडियों से शुरू हुआ यह सफर अब सिनेमाई पर्दे की ऊंचाइयों को छू रहा है। लवकुमार अभिनेता राजकुमार राव के साथ ‘हीट’ जैसी फिल्म में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने राजस्थानी क्षेत्रीय सिनेमा में भी कई सराहनीय भूमिकाएं निभाई हैं। स्टेज ऐप पर उनके ‘भवानी’ और ‘श्याम सुंदर पालीवाल’ जैसे प्रोजेक्ट भी दर्शकों के सामने आ चुके हैं। अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने वाले नए युवाओं को सलाह देते हुए वह कहते हैं कि सबसे पहले अपने हुनर और कला को मजबूत करना चाहिए। शुरुआती दौर में भले ही रास्ता धुंधला लगे, लेकिन निरंतर मेहनत और पक्के इरादों से मंजिल के रास्ते खुद-ब-खुद निकल आते हैं। उनका मानना है कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए अनुशासन और कठिन परिश्रम सबसे बड़ा हथियार है। इसका आप पर असर यह सफलता दिखाती है कि किस तरह लगन और निरंतर प्रयास से साधारण पृष्ठभूमि के लोग भी कला और मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। • भारत में: छोटे शहरों के युवाओं को पारंपरिक करियर विकल्पों से हटकर अपने रचनात्मक सपनों को पूरा करने की प्रेरणा मिलती है। • करौली में: स्थानीय युवाओं में थिएटर और क्षेत्रीय सिनेमा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का उत्साह और विश्वास जागृत होता है। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक पढ़ाई छोड़कर अभिनय को करियर बनाने का यह निर्णय व्यक्तिगत जुनून और कला के प्रति समर्पण का परिणाम है। • बचपन का प्रभाव: परिवार में गानों और नृत्यों का माहौल होने के कारण उनका झुकाव बचपन से ही कला की तरफ हो गया था। • थिएटर का अनुभव: जयपुर के रविंद्र मंच और जवाहर कला केंद्र में लगातार पांच से छह साल तक काम करने से उनके अभिनय कौशल को ठोस आधार मिला। • छोटे प्रोजेक्ट्स: साल 2015 में ‘Decision’ जैसी शॉर्ट फिल्म से शुरुआत करने और कार्यशालाओं में बारीकियां सीखने से उन्हें कैमरे के सामने का आत्मविश्वास मिला। सवाल-जवाब 1. लवकुमार मूल रूप से किस स्थान के रहने वाले हैं? लवकुमार राजस्थान के करौली जिले के रहने वाले हैं। 2. लवकुमार ने पढ़ाई छोड़कर किस करियर को चुना? उन्होंने सीए (CA) की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर अभिनय को अपना करियर चुना। 3. लवकुमार ने किन बड़े कलाकारों के साथ काम किया है? उन्होंने अभिनेता राजकुमार राव के साथ फिल्म ‘हीट’ में काम किया है। 4. उन्होंने अभिनय की शुरुआत कहाँ से की थी? उन्होंने जयपुर के रविंद्र मंच और जवाहर कला केंद्र में लगभग 5 से 6 साल तक थिएटर किया। प्रेरणा और सबक लवकुमार का सफर संघर्ष और सफलता की एक बेहतरीन मिसाल पेश करता है। • अपने हुनर पर काम करें: अभिनय या किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले अपनी कला और क्राफ्ट को मजबूत करना जरूरी है। • रुचि को पहचानें: पारंपरिक पढ़ाई के दबाव से हटकर यदि किसी की रुचि कला में है, तो उसे निरंतर प्रयास से साकार किया जा सकता है। • निरंतरता बनाए रखें: शुरुआत में रास्ता साफ न होने पर भी लगातार मेहनत करते रहने से मुश्किलें कम होने लगती हैं। https://trendkia.com/rajasthan/lavakumara-ne-chhori-ca-ki-parhai-skula-ke-mncha-se-bollywood-aura-rajasthan-i-sinema-taka-taya-kiya-saphara-33146 TrendKia — Har trend, sabse pehle.