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  "type": "article",
  "title": "मध्य प्रदेश के शिवपुरी से उड़ी 400 साल पुरानी ऐतिहासिक तोप, राजस्थान के हिंडौन में भारी पुलिस बल और जेसीबी से चल रही खुदाई",
  "summary": "मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से चुराई गई 400 साल पुरानी दुर्लभ सिंधियाकालीन तोप की तलाश में पुलिस ने राजस्थान के करौली में एक बहुत बड़ा और सघन तलाशी अभियान शुरू किया है।",
  "content": "मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमाओं के पार इन दिनों एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक धरोहर की सरगर्मी से तलाश की जा रही है, जिसने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से लगभग 400 साल पुरानी और बेशकीमती सिंधियाकालीन तोप रहस्यमय और दुस्साहसिक परिस्थितियों में चोरी हो गई थी। इस सनसनीखेज घटना के बाद से ही पुलिस लगातार सुराग तलाश रही थी, और अब इस अहम जांच का दायरा सीधे तौर पर राजस्थान तक पहुंच गया है। पुख्ता खुफिया सूचनाओं के आधार पर मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीमों ने करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र में आने वाले गांवड़ा मीणा गांव में बड़े पैमाने पर एक सघन तलाशी अभियान छेड़ दिया है, जहां जमीन के चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है और भारी मशीनों का उपयोग हो रहा है।\n\nनरवर किले में हथियारों के बल पर डकैती\nयह पूरी ऐतिहासिक डकैती किसी सस्पेंस फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस द्वारा दर्ज की गई जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई की घुप अंधेरी रात में करीब 30 नकाबपोश और पूरी तरह से अत्याधुनिक हथियारों से लैस बदमाश शिवपुरी के ऐतिहासिक नरवर किले में दाखिल हुए। ये लुटेरे अपने साथ एक भारी-भरकम लोडिंग वाहन लेकर बेहद दुर्गम, पथरीले और कच्चे रास्ते को पार करते हुए किले की प्राचीर तक पहुंचे थे। किले में प्रवेश करते ही उन्होंने सबसे पहले वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को हथियारों के बल पर डराया-धमकाया, उन्हें बंधक बनाया और उनकी आवाज दबा दी। इसके बाद, 16वीं शताब्दी की उस विशालकाय और भारी ऐतिहासिक तोप को पूरी ताकत से लोडिंग वाहन में लादा गया और रात के गहरे अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश वहां से फरार हो गए। घटना की जानकारी अगली सुबह मिलते ही पुरातत्व विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। तुरंत ही पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर अपनी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।\n\nराजस्थान के करौली में मिला जांच का अहम सुराग\nइस दुर्लभ धरोहर की महत्ता और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी सभी खुफिया एजेंसियों को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया था। कई दिनों की माथापच्ची और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को एक बेहद पुख्ता खुफिया इनपुट मिला कि ऐतिहासिक तोप को चोरी करने के बाद तस्करों ने मध्य प्रदेश की सीमा से पार कराकर राजस्थान के करौली जिले में सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचा दिया है। इस अहम और सटीक सुराग के मिलते ही जांच का दायरा तुरंत मध्य प्रदेश से बाहर राजस्थान तक बढ़ा दिया गया। सूचना की पुष्टि होते ही मध्य प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम बिना समय गंवाए करौली पहुंची और वहां की स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर एक बड़ा संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया। बुधवार की सुबह से ही हिंडौन इलाके के गांवड़ा मीणा गांव और उसके आसपास के बीहड़ क्षेत्रों में पुलिस की भारी तैनाती कर दी गई है।\n\nमेटल डिटेक्टर और जेसीबी से चप्पे-चप्पे की खुदाई\nइस बेहद महत्वपूर्ण और बड़े अभियान में दोनों राज्यों के 60 से अधिक अनुभवी पुलिसकर्मी पूरी मुस्तैदी और हथियारों के साथ जुटे हुए हैं। पुलिस को इस बात का गहरा शक है कि बदमाशों ने तोप को भारी वाहन से करौली लाकर किसी सुनसान और सुरक्षित इलाके में जमीन के नीचे गाड़ दिया है, ताकि मामला शांत होने पर उसे कहीं और ले जाया जा सके। इसी वजह से पुलिस विशेष रूप से उन जगहों की गहन जांच कर रही है, जहां हाल के दिनों में ताजा खुदाई होने या मिट्टी के उखड़ने के सुराग मिले हैं। जमीन के भीतर छिपी किसी भी भारी धातु का सटीक पता लगाने के लिए भरतपुर से मेटल डिटेक्टर विशेषज्ञों की एक विशेष टीम को भी मौके पर तत्काल प्रभाव से बुलाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ-साथ पुलिस जरूरत पड़ने पर भारी जेसीबी मशीनों का भी भरपूर इस्तेमाल कर रही है, ताकि संदिग्ध जगहों की गहरी खुदाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि हालांकि मध्य प्रदेश पुलिस ने पहले भी कुछ संभावित सुरागों के आधार पर इस इलाके का दौरा किया था, लेकिन इस बार मिले ताजा और मजबूत इनपुट के बाद तलाशी अभियान को और भी तेज कर दिया गया है। फिलहाल ऐतिहासिक तोप बरामद नहीं हो सकी है, लेकिन संयुक्त तलाशी अभियान पूरी ताकत के साथ जारी है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: ऐतिहासिक धरोहरों की इस तरह की बड़ी चोरियों से देश की सांस्कृतिक विरासत को सीधा नुकसान पहुंचता है और सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं।\n• मध्य प्रदेश और राजस्थान में: दोनों राज्यों की सीमाओं पर पुलिस की भारी मौजूदगी और सघन चेकिंग अभियान से स्थानीय लोगों को आवाजाही में कुछ समय के लिए परेशानी हो सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. शिवपुरी के किले से क्या चोरी हुआ है?\nमध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से 16वीं शताब्दी की लगभग 400 साल पुरानी सिंधियाकालीन तोप चोरी हुई है।\n\n2. तोप चोरी की यह घटना कब हुई थी?\nपुलिस के अनुसार, यह दुस्साहसिक घटना 15 जुलाई की रात को हुई थी।\n\n3. पुलिस फिलहाल तोप की तलाश कहां कर रही है?\nपुलिस की संयुक्त टीमें राजस्थान के करौली जिले में हिंडौन इलाके के गांवड़ा मीणा गांव में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं।\n\n4. तलाशी अभियान में किन मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है?\nजमीन के नीचे तोप का पता लगाने के लिए पुलिस मेटल डिटेक्टर और गहरी खुदाई के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग कर रही है।\n\n5. डकैतों ने किले में कैसे प्रवेश किया था?\nलगभग 30 नकाबपोश और हथियारबंद बदमाश एक बड़े लोडिंग वाहन के साथ दुर्गम रास्ते से किले में पहुंचे और सुरक्षाकर्मियों को बंधक बना लिया।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-07-22",
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    "नरवर किला",
    "शिवपुरी पुलिस",
    "करौली राजस्थान",
    "ऐतिहासिक तोप चोरी",
    "सिंधियाकालीन धरोहर"
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  "site": "TrendKia"
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