मारवाड़ जंक्शन में परिवार से हाथापाई पर घिरे बांता चौकी इंचार्ज, भीड़ जुटते ही वर्दी फेंककर भागे पाली के मारवाड़ जंक्शन में बांता पुलिस चौकी प्रभारी पर शराब के नशे में एक परिवार से मारपीट का आरोप लगा है। ग्रामीणों के एकत्र होने पर अधिकारी वर्दी और आई-कार्ड झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए, जिसके बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। राजस्थान के पाली जिले स्थित मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र में कानून के रखवाले पर शराब के नशे में आम नागरिकों के साथ बदसलूकी करने का गंभीर मामला सामने आया है। यहां बांता पुलिस चौकी के प्रभारी पर आरोप है कि उन्होंने एक निर्दोष परिवार के साथ सरेराह मारपीट की और महिलाओं व बच्चों से अभद्र व्यवहार किया। यह शर्मनाक वाकया पांचेटिया और बांता गांवों को जोड़ने वाले मुख्य रास्ते पर हुआ। घटना के बाद स्थानीय बाशिंदों में भारी नाराजगी फैल गई और बड़ी तादाद में लोगों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंचकर इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। रास्ते में अचानक शुरू हुआ विवाद और मारपीट के आरोप प्राप्त जानकारी और ग्रामीणों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, पांचेटिया और बांता के बीच मार्ग से गुजरते वक्त चौकी प्रभारी किसी मामूली बात पर एक सामान्य परिवार के साथ उलझ गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चौकी प्रभारी उस समय कथित तौर पर शराब के नशे में थे। देखते ही देखते बात इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि पुलिस अधिकारी ने अपना नियंत्रण खो दिया। उन्होंने परिवार के पुरुष सदस्यों के साथ हाथापाई शुरू कर दी और बीच-बचाव करने आई महिलाओं व छोटे बच्चों के साथ भी धक्का-मुक्की और बदजुबानी की गई। सड़क पर मचे इस हंगामे को देखकर आसपास से निकल रहे राहगीरों ने बीच में पड़कर मामला शांत कराने की कोशिश की। लेकिन आरोप है कि नशे की हालत में होने की वजह से चौकी प्रभारी किसी की भी बात सुनने या समझने को तैयार नहीं थे। कुछ ही पलों में इस अभद्रता की खबर आसपास के गांवों में फैल गई, जिसके बाद भारी तादाद में ग्रामीण घटनास्थल पर इकट्ठा होने लगे। ग्रामीणों का आक्रोश देख वर्दी और पहचान पत्र फेंककर भागे सड़क पर ग्रामीणों की लगातार बढ़ती तादाद और उनके उग्र होते गुस्से को भांपकर चौकी प्रभारी घबरा गए। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि खुद को चारों तरफ से घिरता देख पुलिस अधिकारी वहां से बचकर भागने का रास्ता तलाशने लगे। भीड़ के डर और भागने की हड़बड़ाहट में उन्होंने अपने बदन से पुलिस की वर्दी उतार दी और अपना आधिकारिक पहचान पत्र (आई-कार्ड) भी सड़क किनारे मौजूद कंटीली झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद वे किसी तरह लोगों की नजरों से बचते हुए मौके से भागने में सफल रहे। घटनास्थल पर जमा लोगों ने जब चौकी प्रभारी के वाहन की तलाशी ली, तो उसमें से कथित तौर पर शराब की कुछ खाली और भरी हुई बोतलें बरामद हुईं। हालांकि, गाड़ी से मिली इन संदिग्ध बोतलों और पूरे घटनाक्रम की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि उच्चस्तरीय पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। एसपी ने दिए निष्पक्ष जांच के सख्त निर्देश इस अप्रिय घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार के लोग सैकड़ों ग्रामीणों के साथ सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अन्य उच्चाधिकारियों के पास पहुंचे। पीड़ित पक्ष ने बांता पुलिस चौकी प्रभारी समेत दो लोगों के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत सौंपी है। इस प्रार्थना पत्र में पुलिस पद के खुले दुरुपयोग, नशे में सरेआम गुंडागर्दी और बेकसूर परिवार पर हमला करने के संगीन आरोप दर्ज किए गए हैं। खाकी की साख पर लगे इस गंभीर आरोप को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। पुलिस विभाग के आला अधिकारी अब घटनास्थल का मुआयना करने के साथ-साथ चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहे हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर नियमानुसार कानूनी शिकंजा कसा जा सके। इसका आप पर असर यह घटना नागरिकों की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही से जुड़े नियमों को रेखांकित करती है। • भारत में: यदि कोई वर्दीधारी अधिकारी ड्यूटी या गैर-ड्यूटी के दौरान गैरकानूनी आचरण करता है, तो नागरिक सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों या राज्य मानवाधिकार आयोग में लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऐसे मामलों में विभागीय निलंबन के साथ-साथ आपराधिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराने का कानूनी अधिकार जनता के पास सुरक्षित है। • पाली में: मारवाड़ जंक्शन और बांता क्षेत्र के निवासियों के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने जांच दल गठित कर दिया है। स्थानीय लोग किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या जांच से संबंधित साक्ष्य सीधे जांच अधिकारी के समक्ष दर्ज करवा सकते हैं। • सुरक्षा नियम: आम नागरिक पुलिसकर्मियों के अभद्र आचरण का विरोध करने के लिए स्थानीय प्रशासन या कंट्रोल रूम पर तुरंत सूचना दे सकते हैं। घटना के समय प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दृश्य साक्ष्य जांच को त्वरित और निष्पक्ष बनाने में मददगार होते हैं। • कानूनी उपाय: पीड़ित परिवार को नजदीकी विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का भी विकल्प उपलब्ध रहता है। इसके माध्यम से किसी भी अनुचित पुलिस दबाव के खिलाफ न्यायालय में निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जा सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह मामला मुख्य रूप से एक पुलिस चौकी प्रभारी द्वारा कथित तौर पर शराब के नशे में मर्यादा खोने और एक सामान्य परिवार के साथ विवाद करने से शुरू हुआ। स्थिति तब बेकाबू हो गई जब विवाद हाथापाई में बदल गया और ग्रामीणों की भीड़ जुटने पर अधिकारी ने भागने का प्रयास किया। • प्रत्यक्ष कारण: पांचेटिया और बांता मार्ग के बीच यात्रा के दौरान चौकी प्रभारी और एक स्थानीय परिवार के बीच अचानक कहासुनी हुई, जो कथित नशे के चलते हिंसक झड़प में बदल गई। • भीड़ का आक्रोश: परिवार के साथ मारपीट और महिलाओं-बच्चों से कथित बदसलूकी की खबर तेजी से आसपास के गांवों में पहुंची, जिससे आक्रोशित होकर सैकड़ों ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। • पहचान छिपाने की हड़बड़ाहट: उग्र भीड़ से घिरने के डर से चौकी प्रभारी ने अपनी वर्दी और आधिकारिक आई-कार्ड झाड़ियों में फेंक दिया और मौके से भाग निकले। • आगामी विभागीय जांच: पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस अधीक्षक को नामजद शिकायत दिए जाने के बाद अब वरिष्ठ अधिकारी मामले के साक्ष्यों और वाहन से मिली वस्तुओं की सत्यता की जांच कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस जगह और थाना क्षेत्र में हुई? यह घटना राजस्थान के पाली जिले में स्थित मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र के अंतर्गत पांचेटिया और बांता गांवों के बीच मार्ग पर हुई। 2. बांता पुलिस चौकी प्रभारी पर क्या मुख्य आरोप लगाए गए हैं? चौकी प्रभारी पर शराब के नशे में एक परिवार के साथ मारपीट करने, महिलाओं-बच्चों से बदसलूकी करने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं। 3. ग्रामीणों के जुटने पर पुलिस अधिकारी ने क्या किया? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आक्रोशित भीड़ को देखकर अधिकारी अपनी वर्दी और पहचान पत्र झाड़ियों में फेंककर मौके से फरार हो गए। 4. चौकी प्रभारी के वाहन की जांच में ग्रामीणों को क्या मिला? ग्रामीणों ने दावा किया है कि अधिकारी के वाहन से शराब की खाली और भरी हुई बोतलें मिली हैं, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। 5. मामले में पुलिस प्रशासन ने अब तक क्या कार्रवाई की है? पीड़ित परिवार की नामजद शिकायत पर पाली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। https://trendkia.com/rajasthan/marwar-junction-men-parivara-se-hathapai-para-ghire-banta-chauki-incharja-bhira-jutate-hi-vardi-phenkakara-bhage-41687 TrendKia — Har trend, sabse pehle.