श्रीगंगानगर में दीपावली पर बाजारों में उमड़ी भारी भीड़, मिट्टी के दीयों से लेकर ऑटोमोबाइल तक जमकर हो रही बिक्री पांच दिवसीय दीपोत्सव के नजदीक आते ही राजस्थान के श्रीगंगानगर में बाजारों में भारी चहल-पहल देखी जा रही है। मिट्टी के दीयों, पटाखों और इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बंपर खरीदारी से कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। श्रीगंगानगर जिले में पांच दिवसीय महापर्व दीपावली का उत्साह अपने चरम पर पहुंच चुका है। जिला मुख्यालय से लेकर दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों तक हर तरफ उत्सव का माहौल साफ नजर आ रहा है। बाजारों में भव्य सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी के बीच लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। पर्व की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे नागरिक सुबह से लेकर देर रात तक बाजारों में खरीदारी करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे स्थानीय कारोबारियों में खासा उत्साह है। पारंपरिक संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा आधुनिकता के इस दौर में भी श्रीगंगानगर के निवासियों का पारंपरिक संस्कृति के प्रति अगाध प्रेम देखने को मिल रहा है। शहर में कुम्हारों के ठिकानों और अस्थायी दुकानों पर मिट्टी के दीये खरीदने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। लोग चीनी या अन्य कृत्रिम प्रकाश स्रोतों से दूरी बनाते हुए स्वदेशी और स्थानीय हस्तशिल्प को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुम्हारों द्वारा तैयार किए गए कलात्मक दीये इस बार हर घर के आंगन को रोशन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जिससे पारंपरिक कामगारों के घरों में भी इस बार खुशियों भरी दिवाली मन रही है। हर सेक्टर में रिकॉर्ड तोड़ कारोबार दीपावली के इस पावन अवसर पर केवल पूजन सामग्री तक ही खरीदारी सीमित नहीं है, बल्कि बाजार के प्रत्येक हिस्से में जबरदस्त बूम देखा जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के शोरूम, ऑटोमोबाइल सेक्टर, बर्तन बाजार और कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों का सैलाब उमड़ा हुआ है। शुभ मुहूर्त में नए सामान घर लाने की परंपरा के चलते लोगों ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ टेलीविजन, फ्रिज और वाशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरणों की जमकर खरीदारी की है। परिधान बाजारों में भी नए कपड़ों की खरीद के लिए खरीदारों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। मिठाइयों की मिठास और व्यापारिक उम्मीदें मिठाइयों के बिना दीपोत्सव का आनंद अधूरा माना जाता है, और यही कारण है कि शहर की प्रसिद्ध हलवाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ है। लोग अपने मित्रों और परिजनों को भेजने के लिए पारंपरिक मिठाइयों और उपहारों की खरीदारी कर रहे हैं। स्थानीय व्यापार संगठनों के अनुसार इस बार का त्योहारी सीजन पिछले कई वर्षों के सभी व्यावसायिक रिकॉर्ड तोड़ रहा है, जिससे अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिली है। इसका आप पर असर दीपावली के इस सीजन में बाजारों में आई तेजी का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था और महंगाई पर देखने को मिल रहा है। • श्रीगंगानगर में: स्थानीय व्यापारियों का कारोबार कई गुना बढ़ गया है जिससे शहर की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आई है। कुम्हारों और छोटे दुकानदारों को अपनी कला के अच्छे दाम मिल रहे हैं। • भारत में: त्योहारी सीजन के दौरान ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और खुदरा बाजारों में भारी मांग से देशव्‍यापी अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। पारंपरिक कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। ऐसा क्यों हुआ बाजारों में इस अभूतपूर्व भीड़ और खरीदारी के पीछे कई सांस्कृतिक और आर्थिक कारण जुड़े हुए हैं। • त्योहारी परंपरा: दीपावली को भारत में नया सामान खरीदने और घरों को सजाने के लिए सबसे शुभ अवसर माना जाता है। • स्वदेशी का रुझान: चीनी और कृत्रिम उत्पादों के मुकाबले स्थानीय कुम्हारों के मिट्टी के दीयों को चुनना लोगों की सांस्कृतिक पसंद बनता जा रहा है। • आर्थिक गतिशीलता: त्योहारी बोनस, अग्रिम बुकिंग और बाजारों में ग्राहकों की निरंतर मौजूदगी ने व्यापारिक गतिविधियों को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। सवाल-जवाब 1. श्रीगंगानगर में बाजारों में कैसी स्थिति देखने को मिल रही है? श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बाजारों में भारी भीड़ और अभूतपूर्व रौनक है। 2. लोग चीनी लाइटों के बजाय क्या खरीद रहे हैं? लोग चीनी या कृत्रिम लाइटों के स्थान पर कुम्हारों से मिट्टी के दीये खरीदकर स्वदेशी कला को बढ़ावा दे रहे हैं। 3. किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है? इलेक्ट्रॉनिक शोरूम, ऑटोमोबाइल सेक्टर, बर्तन बाजारों और कपड़ों की दुकानों पर बंपर बिक्री हो रही है। 4. व्यापारियों का इस सीजन के कारोबार को लेकर क्या कहना है? व्यापारिक संगठनों का मानना है कि इस बार का दीपोत्सव सीजन पिछले कई वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। https://trendkia.com/rajasthan/massive-crowds-flood-sri-ganganagar-markets-for-diwali-strong-sales-seen-across-earthen-lamps-to-automobiles-57551 TrendKia — Har trend, sabse pehle.