मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में एमए हिंदू स्टडीज और स्वतंत्र भाषा केंद्र शुरू करने को मिली हरी झंडी, एकेडमिक काउंसिल की बैठक में कई बड़े फैसले मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर की एकेडमिक काउंसिल बैठक में एमए हिंदू स्टडीज, स्वतंत्र भाषा केंद्र, सिक्किम और उज्जैन बोर्ड के छात्रों को मान्यता और यूजीसी दोहरी डिग्री नियमों के तहत माइग्रेशन प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उदयपुर स्थित मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती अतिथि गृह सभागार में एकेडमिक काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर कैलाश डागा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने, नए विषय शुरू करने तथा छात्रों के लिए शिक्षा के नवीन अवसर तैयार करने से जुड़े कई दूरगामी निर्णय लिए गए। विश्वविद्यालय के आधिकारिक प्रवक्ता डॉ. कुंजन आचार्य ने बैठक में पारित प्रमुख प्रस्तावों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान की अकादमिक गतिविधियों को नई दिशा देने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई है। भाषा अध्ययन और हिंदू स्टडीज के नए पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस में एक स्वतंत्र भाषा केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस समर्पित केंद्र का मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं के साथ-साथ विभिन्न विदेशी भाषाओं के पठन-पाठन को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, इस केंद्र के माध्यम से अलग-अलग भाषाओं के शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ अध्यापकों के भाषाई कौशल में सुधार हो सके। भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक अध्ययन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में 'एमए इन हिंदू स्टडीज' पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी भी दी गई है। यह नया विषय छात्रों को हिंदू अध्ययन और प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणालियों में उच्च शिक्षा तथा शोध के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। विभिन्न बोर्डों की मान्यता और कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार बैठक में अन्य राज्यों और संस्कृत बोर्डों से उत्तीर्ण छात्रों को विश्वविद्यालय में प्रवेश की स्वीकृति प्रदान की गई। बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड स्किल एजुकेशन, सिक्किम के उपाध्यक्ष से प्राप्त पत्र पर विचार करते हुए काउंसिल ने इस बोर्ड से 12वीं कक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के योग्य माना है। इसी क्रम में उज्जैन स्थित महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद संस्कृत शिक्षा बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की सनदों को भी उच्च अध्ययन के लिए मान्यता प्रदान की गई है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में, कंप्यूटर साइंस के विभिन्न रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आरकेट (R-CAT) के साथ किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) को आगे भी जारी रखने की सहमति दी गई। साथ ही, विश्वविद्यालय ने डीएससी, डी.लिट. और एलएलडी जैसी उच्च शोध उपाधियों के संचालन के लिए नए दिशा-निर्देशों और नियमावली को स्वीकृत किया है। दोहरी डिग्री के लिए माइग्रेशन नियम और अंतर-विश्वविद्यालय सहयोग विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नवीनतम प्रावधानों के तहत एक ही शैक्षणिक सत्र में नियमित (रेगुलर) और मुक्त (ओपन) विश्वविद्यालय से एक साथ दो डिग्रियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए माइग्रेशन प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया। ऐसे छात्रों को माइग्रेशन प्राप्त करने के लिए संबंधित संस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त कर विश्वविद्यालय या संबद्ध महाविद्यालय में जमा करना होगा, जिसके बाद विश्वविद्यालय के तय मानकों के अनुसार नामांकन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यदि कोई विद्यार्थी पूर्व में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में नामांकित हो चुका है और उसे नामांकन संख्या आवंटित की जा चुकी है, तो उसके पूर्व अभिलेखों के सत्यापन के पश्चात उसी नामांकन संख्या पर पुन: पंजीकरण किया जाएगा। काउंसिल ने शैक्षणिक आदान-प्रदान और संयुक्त शोध को बढ़ावा देने के लिए राज्य के अन्य शासकीय विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू करने की भी मंजूरी दी। इस बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बीसी गर्ग, वित्त नियंत्रक सुरेश जैन, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश बारबर, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, पीजी स्टडीज के डीन और सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। इसका आप पर असर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के इन फैसलों से उच्च शिक्षा में प्रवेश के इच्छुक हजारों छात्रों के लिए नए शैक्षणिक अवसर खुलेंगे। • भारत में: open schooling और वैदिक संस्कृत शिक्षा बोर्ड से पढ़े विद्यार्थियों को राजस्थान के प्रतिष्ठित राज्य विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा का सीधा अवसर मिलेगा। इससे विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। • उदयपुर में: सुखाड़िया विश्वविद्यालय के स्थानीय छात्रों को अपनी नियमित डिग्री के साथ-साथ यूजीसी नियमों के तहत डिस्टेंस डिग्री और नई भाषाओं के अध्ययन की सीधी सुविधा मिलेगी। विश्वविद्यालय का नया भाषा केंद्र स्थानीय छात्रों और शिक्षकों के भाषाई कौशल को मजबूत करेगा। • पाठ्यक्रम विकल्प: एमए हिंदू स्टडीज पाठ्यक्रम शुरू होने से भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति में शोध करने के इच्छुक अभ्यर्थियों को एक मान्यता प्राप्त डिग्री कार्यक्रम का विकल्प प्राप्त होगा। • तकनीकी शिक्षा: आरकेट (R-CAT) के साथ एमओयू जारी रहने से कंप्यूटर साइंस के छात्रों को आधुनिक सॉफ्टवेयर व तकनीकी कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलता रहेगा। ऐसा क्यों हुआ मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की प्राथमिकताओं, यूजीसी के नए दिशानिर्देशों और विविध बोर्डों के छात्रों को उच्च शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता के तहत ये निर्णय लिए हैं। • यूजीसी दोहरी डिग्री नियम: यूजीसी ने विद्यार्थियों को एक ही सत्र में रेगुलर और ओपन यूनिवर्सिटी से दो डिग्रियां करने की अनुमति दी है, जिससे जुड़ी माइग्रेशन प्रक्रियाओं को स्पष्ट करना विश्वविद्यालय के लिए अनिवार्य था। • भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रोत्साहन: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश भर के विश्वविद्यालयों में भारतीय ज्ञान प्रणालियों और सांस्कृतिक अध्ययन के विशेष कोर्स शुरू किए जा रहे हैं, जिसके तहत एमए हिंदू स्टडीज को मंजूरी दी गई। • विविध बोर्डों के छात्रों को अवसर: सिक्किम बोर्ड तथा उज्जैन स्थित महर्षि संदीपनी वेद संस्कृत बोर्ड के अभ्यर्थियों को मुख्यधारा की उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए यह फैसला लिया गया। • डिजिटल व भाषाई कौशल: उद्योग जगत की मांग को देखते हुए कंप्यूटर साइंस में आरकेट के साथ साझेदारी और भाषाओं के अध्ययन के लिए स्वतंत्र केंद्र का गठन किया गया है। सवाल-जवाब 1. मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में कौन से नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं? विश्वविद्यालय में 'एमए इन हिंदू स्टडीज' और एक 'स्वतंत्र भाषा केंद्र' के तहत विभिन्न देशी-विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। 2. किन नए शिक्षा बोर्डों के 12वीं पास छात्रों को एमएलएसयू में प्रवेश की स्वीकृति मिली है? बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड स्किल एजुकेशन सिक्किम से 12वीं तथा महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद संस्कृत शिक्षा बोर्ड उज्जैन से 10वीं व 12वीं पास विद्यार्थियों को प्रवेश की मान्यता दी गई है। 3. एक साथ दो डिग्री करने वाले छात्रों के लिए माइग्रेशन प्रक्रिया क्या है? छात्रों को संबंधित विश्वविद्यालय से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेकर कॉलेज या यूनिवर्सिटी में जमा करना होगा, जिसके बाद नियमों के तहत नामांकन किया जाएगा। 4. क्या पुराने एनरोलमेंट नंबर पर दोबारा एडमिशन हो सकेगा? हाँ, यदि विद्यार्थी पहले से सुखाड़िया विश्वविद्यालय में नामांकित है, तो रिकॉर्ड की जाँच के बाद उसी पुराने एनरोलमेंट नंबर पर पुन: नामांकन होगा। 5. कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रमों के लिए किस संस्था के साथ एमओयू जारी रहेगा? कंप्यूटर साइंस के विभिन्न व्यावसायिक व तकनीकी पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आरकेट (R-CAT) के साथ हुआ एमओयू जारी रहेगा। https://trendkia.com/rajasthan/mohanlal-sukhadia-university-men-ma-hindu-studies-aura-svatntra-bhasha-kendra-shuru-karane-ko-mili-hari-jhndi-academic-council-ki--30077 TrendKia — Har trend, sabse pehle.