# नागौर के कुचेरा में चेयरमैन चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और पत्नी लापता, पुलिस जांच शुरू

> राजस्थान के नागौर में कुचेरा नगरपालिका चेयरमैन चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है, जहां वार्ड नंबर 9 के विजयी कांग्रेस पार्षद और उनकी पत्नी के अचानक गायब होने के बाद पुलिस ने सघन जांच शुरू कर दी है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/nagaur-ke-kuchera-men-cheyaramaina-chunava-se-pahale-congress-parshada-limbaram-aura-patni-lapata-pulisa-jancha-shuru-33289 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजस्थान चुनाव, कुचेरा नगरपालिका, नागौर पुलिस, कांग्रेस पार्षद, लिम्बाराम, राजनीति

राजस्थान के नागौर जिले की कुचेरा नगरपालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक पहले सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। नवनिर्वाचित पार्षदों की खरीद-फरोख्त और पाला बदलने की आशंकाओं के बीच यहां एक नया मोड़ सामने आया है। वार्ड नंबर 9 से चुनाव जीतकर आए कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी के अचानक लापता होने की खबर ने पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। इस संबंध में पार्षद के साले ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर दोनों के अपहरण की आशंका व्यक्त की है। इस शिकायत के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और उस होटल के बाहर जा पहुंची, जहां कांग्रेस समर्थित पार्षदों की बाड़ेबंदी की गई थी।

## पार्षद के साले ने दर्ज कराई पुलिस शिकायत, अनहोनी का जताया डर
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी का मोबाइल फोन बंद आने लगा और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसके बाद लिम्बाराम के साले महेंद्र ने स्थानीय पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपनी रिपोर्ट में महेंद्र ने पुलिस से दोनों को जल्द से जल्द सुरक्षित तलाशने की गुहार लगाई है। उन्होंने आशंका जताई है कि आगामी कुचेरा नगरपालिका चेयरमैन चुनाव को लेकर उनके जीजा और बहन पर भारी दबाव बनाया जा रहा है और इस राजनीतिक खींचतान के बीच दोनों का अपहरण भी किया जा सकता है। महेंद्र की इस शिकायत ने पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और नागौर तथा कुचेरा के आसपास के उन सभी होटलों और रिसॉर्ट्स के बारे में खुफिया जानकारी जुटाना शुरू किया, जहां पार्षदों के ठहरने की संभावना थी।

## कांग्रेस पार्षदों की बाड़ेबंदी वाले होटल पहुंची भारी पुलिस टीम
शिकायत मिलते ही मुंडवा के सीओ धर्म पूनिया और कुचेरा थानाधिकारी हबीब के नेतृत्व में एक बड़ी पुलिस टीम हरकत में आई। पुलिस का भारी जाब्ता उस होटल की तरफ रवाना हुआ, जहां चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी के विजयी पार्षदों को एक साथ रखा गया था, जिसे स्थानीय राजनीतिक भाषा में बाड़ेबंदी कहा जाता है। पुलिस टीम होटल के मुख्य द्वार पर पहुंची और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों तथा होटल प्रबंधन को मामले की गंभीरता से अवगत कराया। पुलिस अधिकारियों ने होटल के भीतर मौजूद पार्षद लिम्बाराम से मिलकर उनके बयान दर्ज करने की इच्छा जताई। हालांकि, राजनीतिक तनाव और पार्टी की अंदरूनी सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस टीम को होटल के परिसर के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद पुलिसकर्मी पीछे नहीं हटे और होटल के मुख्य गेट के बाहर ही अपनी गाड़ियों के साथ मुस्तैद रहे। मुंडवा सीओ धर्म पूनिया ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य पार्षद की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनका बयान दर्ज करना है, जिसके लिए वे होटल के बाहर ही इंतजार करते रहे।

## सोशल मीडिया पर वायरल हुआ लिम्बाराम का वीडियो, पुलिस ने साधी चुप्पी
जब होटल के बाहर पुलिस की टीम मुस्तैद थी, उसी दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगा। इस वीडियो में वार्ड नंबर 9 के नवनिर्वाचित पार्षद लिम्बाराम खुद दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह शांत दिख रहे हैं और उन्होंने दावा किया है कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। लिम्बाराम ने वीडियो के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि उन पर किसी तरह का कोई खतरा नहीं है और न ही उनका अपहरण किया गया है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इस वीडियो को लेकर बेहद सतर्कता भरा रुख अपनाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की अभी तक कोई आधिकारिक या तकनीकी पुष्टि नहीं की जा सकी है। मुंडवा सीओ धर्म पूनिया के अनुसार, जब तक पुलिस स्वयं पार्षद लिम्बाराम से आमने-सामने मुलाकात नहीं कर लेती और उनका आधिकारिक बयान लिखित में दर्ज नहीं कर लेती, तब तक इस वीडियो के आधार पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता। पुलिस फिलहाल शिकायतकर्ता महेंद्र की रिपोर्ट को आधार मानकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

## कुचेरा नगर पालिका में राजनीतिक जंग, मिर्धा बनाम मिर्धा का विवाद
कुचेरा नगरपालिका में चेयरमैन की कुर्सी हथियाने के लिए राजनीतिक दलों के बीच चल रही जंग अब बेहद व्यक्तिगत और हिंसक आरोपों में तब्दील हो चुकी है। इस लापता पार्षद के मामले से ठीक एक दिन पहले भी यहां भारी बवाल हुआ था। कांग्रेस पार्टी के चेयरमैन पद के प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। तेजपाल मिर्धा का कहना था कि जब वे सभी पार्षद शपथ ग्रहण समारोह के बाद वापस लौट रहे थे, तो कुछ गाड़ियों ने उनके वाहनों का पीछा किया और उन्हें जानबूझकर टक्कर मारने की कोशिश की गई। इस घटना के पीछे उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता रिछपाल मिर्धा का हाथ होने का आरोप लगाया। इस घटना के बाद स्थानीय राजनीति में पहले से ही उबाल था, और अब कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी के लापता होने की शिकायत आने से तनाव दोगुना हो गया है। शिकायतकर्ता का स्पष्ट रूप से मानना है कि चेयरमैन चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के लिए पार्षदों पर नाजायज दबाव बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच कर रहे हैं और तथ्यों के सामने आने के बाद ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

## इसका आप पर असर
इस राजनीतिक घटनाक्रम का सीधा असर स्थानीय शासन और चुनावी पारदर्शिता पर पड़ता है, जिससे आम जनता को प्रशासनिक अस्थिरता का सामना करना पड़ता है।

- **स्थानीय शासन पर असर:** कुचेरा नगरपालिका में अध्यक्ष चुनाव को लेकर मचे इस घमासान से स्थानीय प्रशासनिक काम पूरी तरह से ठप हो सकते हैं। इसके चलते नागौर के नागरिकों को अपने बुनियादी विकास कार्यों और सरकारी दस्तावेजों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
- **चुनावी पारदर्शिता में कमी:** पार्षदों की बाड़ेबंदी और गायब होने की खबरों से जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होता है। इससे मतदाताओं को यह एहसास होता है कि उनके द्वारा चुने गए प्रतिनिधि स्वतंत्र होकर काम नहीं कर पा रहे हैं।
- **सुरक्षा और कानून व्यवस्था:** राजनीतिक खींचतान के बीच अपहरण की आशंका और गाड़ियों का पीछा करने जैसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं। स्थानीय प्रशासन को अब चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना होगा।
- **राजनीतिक जवाबदेही:** ऐसी घटनाओं के बाद मतदाताओं के पास अपने पार्षदों से उनकी स्वतंत्रता और निष्ठा के बारे में सवाल पूछने का मौका होता है। नागरिकों को जागरूक रहकर अपने प्रतिनिधियों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
कुचेरा नगरपालिका में यह तनावपूर्ण स्थिति नगर निकाय अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाने की तीव्र राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण उत्पन्न हुई है।

- **चेयरमैन पद की होड़:** नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में बहुमत साबित करने के लिए प्रत्येक एक-एक पार्षद का वोट निर्णायक साबित हो रहा है। इसी बहुमत को सुरक्षित रखने के लिए दोनों ही प्रमुख दल जोड़-तोड़ और पार्षदों को अपने पक्ष में बनाए रखने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।
- **पारिवारिक और राजनीतिक वर्चस्व:** नागौर क्षेत्र में मिर्धा परिवार और स्थानीय कांग्रेस-भाजपा गुटों के बीच लंबे समय से राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई चली आ रही है। इस वर्चस्व की जंग ने स्थानीय चुनाव को बेहद संवेदनशील और आक्रामक बना दिया है।
- **बाड़ेबंदी की प्रथा:** स्थानीय चुनावों में पार्षदों के पाला बदलने या प्रलोभन में आने से बचाने के लिए पार्टियों द्वारा उन्हें होटलों में सुरक्षित रखा जाता है। इसी बाड़ेबंदी के कारण पार्षद का अपने परिवार से संपर्क टूट गया, जिससे अपहरण की आशंका की शिकायत दर्ज कराई गई।

## सवाल-जवाब

### 1. यह मामला राजस्थान के किस जिले का है?
यह मामला राजस्थान के नागौर जिले के कुचेरा नगरपालिका का है।

### 2. किस पार्षद के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई गई है?
वार्ड नंबर 9 से नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई है।

### 3. पार्षद के अपहरण की आशंका किसने जताई है?
पार्षद लिम्बाराम के साले महेंद्र ने पुलिस में शिकायत देकर उनके अपहरण की आशंका जताई है।

### 4. सोशल मीडिया पर आए वीडियो में पार्षद ने क्या कहा है?
वीडियो में पार्षद लिम्बाराम ने खुद को सुरक्षित बताया है और किसी भी तरह के खतरे से इनकार किया है।

### 5. कांग्रेस प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा ने क्या आरोप लगाए थे?
उन्होंने आरोप लगाया था कि शपथ ग्रहण के बाद उनकी गाड़ियों का पीछा किया गया और उन्हें जानबूझकर टक्कर मारने का प्रयास किया गया।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._