नागौर खरीफ सीजन 2026: कृषि विभाग ने तैयार किया 8 लाख हेक्टेयर से अधिक का बुवाई रोडमैप, मूंग की फसल पर रहेगा मुख्य फोकस नागौर जिले में खरीफ सीजन 2026 के लिए कृषि विभाग ने 8.32 लाख हेक्टेयर में बुवाई का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसमें अकेले मूंग की खेती 4.10 लाख हेक्टेयर में की जाएगी। नागौर में खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रणनीति राजस्थान के नागौर जिले में आगामी खरीफ सीजन-2026 के लिए कृषि विभाग ने अपनी कमर कस ली है। विभाग ने इस बार बुवाई के लिए एक बेहद मजबूत और विस्तृत रणनीति तैयार की है, जिसके तहत खेतों को हरा-भरा बनाने का खाका तैयार कर लिया गया है। चूंकि जिले की अधिकांश खेती वर्षा पर निर्भर करती है, इसलिए किसानों के साथ-साथ अधिकारी भी मानसून की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। कृषि विभाग का अनुमान है कि अगर मौसम अनुकूल रहा और बारिश समय पर हुई, तो इस खरीफ सीजन में उत्पादन के सारे पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं। TrendKia द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे सीजन के लिए कुल 8 लाख 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। विभाग के संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) कार्यालय की ओर से इस संबंध में एक आधिकारिक योजना पत्र जारी किया गया है। अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले सभी कृषि पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए हैं कि वे हर हफ्ते की बुवाई प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें। योजना में दलहनी और मोटे अनाज के उत्पादन पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया गया है ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सके। मूंग और दलहन फसलों पर सबसे बड़ा दांव इस साल नागौर में फसलों के पूरे वर्गीकरण में सबसे बड़ा हिस्सा दलहन यानी दालों के खाते में गया है। विभाग ने कुल 4 लाख 44 हजार हेक्टेयर जमीन पर दालों की बुवाई का लक्ष्य रखा है। दिलचस्प बात यह है कि इसमें से 4 लाख 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में केवल मूंग की खेती की जाएगी, जो इस खरीफ सीजन की सबसे प्रमुख फसल बनने जा रही है। मूंग के अलावा किसान 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मोठ और तकरीबन 2 हजार हेक्टेयर में चोला की बुवाई करेंगे। अनाज की श्रेणी में आने वाली फसलों की बात करें तो इसके लिए कुल 1 लाख 87 हजार हेक्टेयर का क्षेत्र आरक्षित किया गया है। इसमें बाजरे की हिस्सेदारी सबसे अधिक है, जिसकी बुवाई 1 लाख 55 हजार हेक्टेयर में करने का लक्ष्य है। वहीं, करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ज्वार की बुवाई का प्रस्ताव है। बाकी बचे हिस्सों में ग्वार और तिलहन जैसी नकदी फसलों को जगह दी जाएगी। मेड़तासिटी और डेगाना उप जिलों का बुवाई रोडमैप नागौर के दो प्रमुख उप जिलों मेड़तासिटी और डेगाना के लिए अलग-अलग बुवाई आंकड़े तय किए गए हैं, जो जिले की पूरी कृषि रणनीति को दर्शाते हैं। मेड़तासिटी उप जिले में कुल 4 लाख 26 हजार हेक्टेयर भूमि पर खरीफ फसलों की बुवाई की योजना है। इस लक्ष्य के अंतर्गत विभिन्न फसलों का रकबा इस प्रकार है: • मूंग: 2 लाख 10 हजार हेक्टेयर • बाजरा: 75 हजार हेक्टेयर • ग्वार: 50 हजार हेक्टेयर • कपास: 47 हजार हेक्टेयर • मूंगफली: 16 हजार हेक्टेयर • मोठ: 15 हजार हेक्टेयर • ज्वार: 10 हजार हेक्टेयर • तिल: 1200 हेक्टेयर • अन्य फसलें: 1700 हेक्टेयर वहीं दूसरी तरफ, डेगाना उप जिले के लिए कृषि विभाग ने कुल 4 लाख 5 हजार 100 हेक्टेयर का बुवाई लक्ष्य निर्धारित किया है। यहाँ फसलों का विभाजन इस प्रकार किया गया है: • मूंग: 2 लाख हेक्टेयर • बाजरा: 80 हजार हेक्टेयर • ग्वार: 60 हजार हेक्टेयर • ज्वार: 22 हजार हेक्टेयर • मोठ: 17 हजार हेक्टेयर • कपास: 15 हजार हेक्टेयर • मूंगफली: 7 हजार हेक्टेयर इसका आप पर असर • भारत भर में: नागौर जैसे बड़े कृषि उत्पादक जिलों में मूंग और बाजरे की बंपर पैदावार होने से देश के अनाज और दाल बाजारों में आपूर्ति सुधरेगी, जिससे कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है। • नागौर और राजस्थान में: स्थानीय स्तर पर कृषि विभाग की इस व्यवस्थित योजना से नागौर के किसानों को समय पर बीज, खाद और सरकारी सलाह मिलने में मदद मिलेगी जिससे उनकी आय में सुधार होगा। सवाल-जवाब 1. नागौर जिले में खरीफ-2026 सीजन के लिए कुल बुवाई का क्या लक्ष्य रखा गया है? कृषि विभाग ने खरीफ-2026 सीजन के लिए नागौर जिले में कुल 8 लाख 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य रखा है। 2. नागौर जिले की इस बार की सबसे बड़ी खरीफ फसल कौन सी होगी? मूंग इस बार नागौर जिले की सबसे बड़ी खरीफ फसल होगी, जिसकी बुवाई अकेले 4 लाख 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में की जाएगी। 3. मेड़तासिटी उप जिले के लिए कुल कितना बुवाई क्षेत्र निर्धारित किया गया है? मेड़तासिटी उप जिले के लिए कुल 4 लाख 26 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। 4. डेगाना उप जिले में बाजरा और ग्वार की बुवाई का क्या लक्ष्य है? डेगाना में बाजरे की बुवाई 80 हजार हेक्टेयर में और ग्वार की खेती 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में करने का लक्ष्य रखा गया है। https://trendkia.com/rajasthan/nagaura-kharipha-sijana-2026-krishi-vibhaga-ne-taiyara-kiya-8-lakha-hekteyara-se-1887 TrendKia — Har trend, sabse pehle.