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  "title": "नर्सरी की फिजूलखर्ची से बचें, इन 5 पौधों की छोटी सी डंडी से घर में ही उगाएं नई हरियाली",
  "summary": "घर में पौधे उगाने का शौक पूरा करने के लिए बार-बार पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। गुलाब, मनी प्लांट और तुलसी जैसे 5 पौधों को बिना बीज के केवल डंडी की कटिंग से आसानी से नया पौधा बनाया जा सकता है।",
  "content": "घर के आँगन या बालकनी को हरे-भरे पौधों से सजाना बहुत से लोगों का पसंदीदा शौक होता है। लेकिन बार-बार नर्सरी से महंगे पौधे खरीदना, नए गमले लाना या बीज खरीदने का खर्च हर किसी के बजट में फिट नहीं बैठता। अच्छी खबर यह है कि खूबसूरत गार्डन तैयार करने के लिए हमेशा पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती। कई ऐसे लोकप्रिय पौधे हैं जिन्हें बीज के बिना, केवल उनकी छोटी-सी डंडी या कटिंग की मदद से आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए किसी विशेष उपकरण या महंगे गमलों की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि सही देखभाल और सामान्य मिट्टी में ही नया पौधा तैयार हो जाता है।\n\nगुलाब और मनी प्लांट: आसानी से जड़ पकड़ने वाले पौधे\nगुलाब का पौधा अपनी सुंदरता और खुशबू के लिए जाना जाता है, और इसे कटिंग के जरिए उगाना बेहद सरल है। इसके लिए पौधे की किसी स्वस्थ और हल्की मोटी डंडी का चुनाव करें। कटिंग रोपने से पहले उसकी निचली पत्तियों को हटा देना चाहिए ताकि सारा पोषण जड़ें बनाने में लगे। इसे नमी युक्त मिट्टी में लगाएं और इस बात का ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो। इस कटिंग को ऐसी जगह रखना चाहिए जहाँ पर्याप्त रोशनी आए, लेकिन सीधी तेज धूप न पड़ती हो। सही वातावरण मिलने पर कुछ ही हफ्तों में डंडी से नई जड़ें निकलने लगती हैं और ताजी पत्तियां दिखाई देने लगती हैं।\n\nमनी प्लांट को भी कटिंग से तैयार करना बेहद आसान माना जाता है। इसके लिए ऐसी मजबूत डंडी चुनें जिसमें कम से कम एक या दो गांठें यानी नोड मौजूद हों। इस डंडी को साफ पानी से भरे कांच के गिलास या बोतल में डालकर ऐसी जगह रख दें जहाँ हल्की रोशनी आती हो। कुछ ही दिनों के भीतर नोड वाले हिस्से से सफेद जड़ें बाहर आने लगती हैं। जब जड़ें अच्छी तरह विकसित और मजबूत हो जाएं, तब इस कटिंग को मिट्टी से भरे गमले में स्थानांतरित किया जा सकता है। मिट्टी में लगाने के बाद इसे नियमित लेकिन नियंत्रित मात्रा में पानी देना चाहिए।\n\nतुलसी की डंडी से नया पौधा तैयार करने की विधि\nधार्मिक और औषधीय महत्व रखने वाली तुलसी की कई किस्मों को कटिंग के माध्यम से आसानी से बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए पौधे से एक स्वस्थ और मजबूत डंडी काट लें और उसकी निचली पत्तियों को अलग कर दें। तैयार कटिंग को साफ पानी में रखकर या हल्की नम मिट्टी में रोपकर नया पौधा उगाया जा सकता है। शुरुआती दिनों में तुलसी की कटिंग को ऐसे स्थान पर रखें जहाँ अच्छी रोशनी उपलब्ध हो, लेकिन सीधी कड़क धूप से बचाव रहे। मिट्टी में नमी का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि पानी का भराव कटिंग को सड़ा सकता है। अनुकूल परिस्थितियां मिलते ही डंडी से जड़ें फूटने लगती हैं और पौधा नई पत्तियों के साथ पनपने लगता है।\n\nगुड़हल और चमेली की कटिंग से खूबसूरत फूल पाएं\nफूलदार पौधों में गुड़हल और चमेली भी ऐसे पौधे हैं जिन्हें सही तरीका अपनाकर कटिंग से तैयार किया जा सकता है। इन पौधों की कटिंग लेने के लिए हमेशा स्वस्थ और पुरानी मजबूत शाखाओं का ही चयन करना चाहिए। डंडी लगाने से पहले नीचे के पत्तों को हटा दें और उसे हल्की नमी वाली मिट्टी में गहराई से लगाएं। मिट्टी में पानी की मात्रा का खास ध्यान रखें, क्योंकि अत्यधिक नमी या पानी का ठहराव कटिंग को नुकसान पहुँचा सकता है। इन्हें हमेशा सीधी तेज धूप से बचाकर ऐसी जगह रखें जहाँ छनकर रोशनी आती हो। इन पौधों में जड़ें बनने और नए पत्ते आने में थोड़ा समय लग सकता है, इसलिए कटिंग लगाने के बाद सब्र रखना बेहद जरूरी होता है।\n\nकटिंग रोपते समय ध्यान रखने योग्य बुनियादी बातें\nघर में मौजूद पौधों से नए पौधे तैयार करके आप बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपने बगीचे का विस्तार कर सकते हैं। इसके लिए सही जल निकासी वाले गमलों और उपजाऊ हल्की मिट्टी का प्रबंध करना चाहिए। कटिंग लगाने के बाद मिट्टी में हमेशा हल्की नमी बनी रहनी चाहिए, लेकिन अत्यधिक पानी देने से बचें ताकि जड़ें सड़ें नहीं। मौसम के बदलाव और पौधे की व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से उनकी देखभाल करना आवश्यक है। यदि सही रोशनी, नमी और तापमान का संयोजन मिले, तो एक छोटी सी डंडी धीरे-धीरे जड़ों का विकास करके एक स्वस्थ और पूर्ण पौधे का रूप ले लेती है।\n\nइसका आप पर असर\nघर पर ही कटिंग के जरिए नए पौधे उगाने से बागवानी के शौकीन लोगों को नर्सरी के महंगे खर्च से राहत मिलती है और कम बजट में हरा-भरा गार्डन तैयार होता है।\n\n• नर्सरी खर्च में बचत: नए पौधे या बीज बार-बार खरीदने की जरूरत खत्म हो जाती है। इससे आप बिना अतिरिक्त पैसा खर्च किए अपने पसंदीदा पौधों की संख्या दोगुनी कर सकते हैं।\n• पुराने बर्तनों का उपयोग: घर में मौजूद पुरानी कांच की बोतलों या खाली गमलों का बेहतर इस्तेमाल संभव होता है। इससे घरेलू कचरा घटता है और गार्डनिंग का शौक आसान होता है।\n• पौधों की बेहतर जीवित दर: अपने घर के वातावरण में ढली कटिंग नर्सरी के पौधों की तुलना में तेजी से पनपती है। इससे पौधों के सूखने या खराब होने का जोखिम काफी कम हो जाता है।\n• सीमित जगह में गार्डनिंग: छोटी कांच की बोतलों या छोटे बर्तनों में शुरुआत करके बालकनी या खिड़की के पास पौधे उगाए जा सकते हैं। कम जगह वाले लोग भी आसानी से इस तरीके से हरियाली बढ़ा सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. क्या गुलाब के पौधे को कटिंग से उगाना आसान है?\nहाँ, स्वस्थ और थोड़ी मोटी डंडी को निचली पत्तियां हटाकर नम मिट्टी में लगाने से कुछ ही हफ्तों में जड़ें निकल आती हैं।\n\n2. मनी प्लांट की कटिंग पानी में रखते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए?\nमनी प्लांट की डंडी में कम से कम एक या दो नोड होना जरूरी है, जिससे पानी में रखने पर जड़ें आसानी से निकल सकें।\n\n3. तुलसी की कटिंग को कैसी जगह रखना चाहिए?\nतुलसी की कटिंग को ऐसी जगह रखें जहाँ पर्याप्त रोशनी मिले, लेकिन सीधी तेज धूप न पड़ती हो ताकि नमी बनी रहे।\n\n4. गुड़हल और चमेली की कटिंग खराब होने का मुख्य कारण क्या है?\nमिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी देने और तेज धूप में रखने से गुड़हल और चमेली की कटिंग सड़कर खराब हो सकती है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-08-29",
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