# नीमकाथाना में बुजुर्ग के अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच गालव गंगा कुंड में डूबा पोता, एक साथ जलीं दो चिताएं

> सीकर के नीमकाथाना में 75 वर्षीय पाबूदान के निधन के कुछ ही देर बाद गणेश्वर तीर्थ धाम के कुंड में फिसलने से 18 वर्षीय पोते महेंद्र की मौत हो गई, जिसके बाद दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/neem-ka-thana-men-bujurga-ke-antima-snskara-ki-taiyari-ke-bicha-galav-ganga-kunda-men-duba-pota-eka-satha-jalin-do-chitaen-42960 · **Language:** Hindi
**Tags:** सीकर, नीमकाथाना, गणेश्वर, गालव गंगा, सड़क और कुंड हादसा, राजस्थान

राजस्थान के सीकर जिले में नीमकाथाना इलाके के आगरी क्षेत्र स्थित ढाणी डूंगरी वाली में एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में 75 वर्षीय बुजुर्ग पाबूदान का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था और परिवारजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों में व्यस्त थे। रिश्तेदार और ग्रामीण शोक जताने घर पहुंच ही रहे थे कि करीब एक घंटे बाद आई एक अन्य मनहूस खबर ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। परिवार के 18 वर्षीय पोते महेंद्र सिंह की गणेश्वर स्थित गालव गंगा तीर्थ धाम के कुंड में डूबने से जान चली गई।

## एक साथ उठीं दादा और पोते की अर्थियां
कुछ ही घंटों के अंतराल पर एक ही छत के नीचे परिवार की दो पीढ़ियों का साया उठ जाने से पूरे इलाके में गहरा शोक फैल गया। दोपहर के समय जब एक साथ 75 वर्षीय दादा पाबूदान और 18 वर्षीय पोते महेंद्र की अंतिम यात्रा निकली, तो वहां मौजूद हर ग्रामीण और रिश्तेदार की आंखें भर आईं। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही स्थान पर एक साथ संपन्न किया गया।

## स्कूल छोड़कर लौटते समय हुआ हादसा
आगरी क्षेत्र की ढाणी डूंगरी वाली निवासी गोकुल सिंह का 18 वर्षीय पुत्र महेंद्र सिंह सुबह करीब 6.30 बजे अपनी मोटरसाइकिल से अपने ताऊ के बेटे को स्कूल छोड़ने के लिए घर से निकला था। बच्चे को स्कूल छोड़ने के बाद वह लौटते समय करीब 8 बजे गणेश्वर स्थित गालव गंगा तीर्थ धाम के कुंड पर रुक गया। वहां वह कुंड की सीढ़ियों पर बैठकर स्नान कर रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समा गया। घटना के वक्त कुंड पर कोई दूसरा व्यक्ति मौजूद नहीं था।

## अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया
सुबह करीब 8.30 बजे जब कुछ स्थानीय युवक कुंड के पास पहुंचे, तो उन्हें पानी की गहराई में महेंद्र दिखाई दिया। युवकों ने तुरंत पानी में उतरकर उसे बाहर निकाला और उसके परिजनों को घटना की सूचना दी। मौके पर निजी डॉक्टरों को बुलाकर युवक को सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की गई, लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे फौरन नीमकाथाना जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के उपरांत महेंद्र को मृत घोषित कर दिया।

## आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था छात्र
महेंद्र सिंह नीमकाथाना से कोचिंग लेकर आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटा हुआ था। उसके पिता गोकुल सिंह खेती-किसानी करते हैं। परिवार को उम्मीद थी कि होनहार बेटा इंजीनियर बनकर घर की जिम्मेदारियां संभालेगा और परिवार का नाम रोशन करेगा। हादसे के बाद मां दातार कंवर और पिता गोकुल सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। कुछ ही पलों में बुजुर्ग दादा और जवान बेटे को खोने का यह दर्दनाक मंजर परिवार के लिए कभी न भूलने वाला सदमा बन गया है।

## गालव कुंड की सुरक्षा पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने गालव गंगा तीर्थ के कुंड की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा आक्रोश जताया है। ग्रामीणों की मांग है कि कुंड की अत्यधिक गहराई को कम किया जाए और वहां जाली या सुरक्षा घेरा बनाकर पुख्ता इंतजाम किए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि बीते करीब 15 वर्षों के दौरान इस कुंड में डूबने से बच्चों, कांवड़ियों, श्रद्धालुओं और बारातियों समेत करीब 26 लोगों की अकाल मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रत्येक हादसे के बाद सिर्फ चर्चाएं होती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।

## इसका आप पर असर
यह घटना धार्मिक स्थलों के गहरे जलाशयों और कुंडों में स्नान के दौरान सुरक्षा सावधानियों और स्थानीय प्रशासनिक इंतजामों की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।

- **सीकर और नीमकाथाना में:** गणेश्वर स्थित गालव गंगा तीर्थ जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को कुंड की सीढ़ियों पर काई या फिसलन को लेकर बेहद सतर्क रहना होगा। स्थानीय ग्रामीण अब कुंड की गहराई घटाने और चारों तरफ सुरक्षा रेलिंग लगाने की मांग पर सक्रिय हो रहे हैं।
- **तीर्थयात्रियों और आम नागरिकों के लिए:** किसी भी अनजान अथवा गहरे प्राकृतिक कुंड में अकेले स्नान करने से पूरी तरह बचें। सीढ़ियों पर अत्यधिक फिसलन होने की स्थिति में पानी के किनारे बैठने के बजाय सुरक्षित स्थानों का ही चयन करें।
- **आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा:** डूबने के मामलों में तत्काल सीपीआर देने के साथ ही बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल ले जाना जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं और स्थानीय लोगों को प्राथमिक उपचार के बुनियादी तरीकों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है।
- **धार्मिक स्थलों के प्रबंधन के लिए:** तीर्थ स्थलों पर चेतावनी बोर्ड, लाइफ जैकेट और प्रशिक्षित गोताखोरों की मौजूदगी अनिवार्य की जानी चाहिए। इससे त्योहारों और सामान्य दिनों में आने वाले श्रद्धालुओं की जान सुरक्षित रखी जा सकेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह हादसा तीर्थ स्थल के कुंड की सीढ़ियों पर अचानक पैर फिसलने और वहां सुरक्षा घेरा न होने के कारण हुआ। कुंड की अत्यधिक गहराई और उस समय वहां अन्य लोगों की गैरमौजूदगी ने स्थिति को घातक बना दिया।

- **तात्कालिक कारण:** महेंद्र सिंह सुबह कुंड की सीढ़ियों पर बैठकर स्नान कर रहा था, जहां अचानक संतुलन बिगड़ने और पैर फिसलने से वह गहरे पानी में गिर गया। घटना के वक्त वहां कोई अन्य स्नानार्थी मौजूद नहीं था, जिससे तुरंत मदद नहीं मिल सकी।
- **सुरक्षा इंतजामों की कमी:** गालव कुंड में अत्यधिक गहराई होने के बावजूद किनारों पर कोई मजबूत सुरक्षा जाली या बैरिकेडिंग नहीं लगी है। पानी के स्तर और फिसलन भरे पत्थरों के कारण अनजाने में संतुलन खोते ही व्यक्ति सीधे गहरे हिस्से में चला जाता है।
- **पूर्व में हुए हादसे:** ग्रामीणों के अनुसार पिछले 15 वर्षों में इसी कुंड में बच्चों, कांवड़ियों और श्रद्धालुओं सहित लगभग 26 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पूर्व में हुई इन मौतों के बाद भी वहां कोई स्थायी सुरक्षा बंदोबस्त अमल में नहीं लाया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना राजस्थान के किस जिले और स्थान पर हुई?
यह हादसा राजस्थान के सीकर जिले में नीमकाथाना के आगरी क्षेत्र स्थित ढाणी डूंगरी वाली के परिवार के साथ गणेश्वर के गालव गंगा तीर्थ धाम में हुआ।

### 2. मृतक छात्र का नाम क्या था और वह क्या करता था?
मृतक का नाम 18 वर्षीय महेंद्र सिंह था और वह नीमकाथाना में रहकर आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था।

### 3. हादसा किस समय और किन परिस्थितियों में हुआ?
सुबह करीब 8 बजे महेंद्र गालव गंगा कुंड की सीढ़ियों पर स्नान कर रहा था, तभी पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया।

### 4. युवक को कुंड से कब और किसने निकाला?
सुबह करीब 8.30 बजे पहुंचे स्थानीय युवकों ने पानी की गहराई में महेंद्र को देखकर बाहर निकाला और परिजनों को सूचित किया।

### 5. ग्रामीणों ने गालव कुंड को लेकर क्या आंकड़े और मांगें रखी हैं?
ग्रामीणों के अनुसार पिछले 15 वर्षों में इस कुंड में 26 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है, इसलिए वे गहराई कम करने और सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._