# निवाई के औद्योगिक क्षेत्र में अवैध खाद स्टॉक पर छापा, 12 गोदाम सीज कर 7000 कट्टे यूरिया-डीएपी बरामद

> राजस्थान के टोंक जिले अंतर्गत निवाई में पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने खाद की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। झिलाय रोड रिको इंडस्ट्रियल एरिया में छापेमारी कर 12 गोदाम सील किए गए और 7 हजार कट्टे अवैध खाद जब्त की गई।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/niwai-ke-audyogika-kshetra-men-avaidha-khada-stoka-para-chhapa-12-godama-sija-kara-7000-katte-yuriya-diepi-baramada-39228 · **Language:** Hindi
**Tags:** टोंक समाचार, निवाई खाद छापा, यूरिया डीएपी जब्त, खाद कालाबाजारी, राजस्थान पुलिस कार्रवाई, कृषि विभाग

राजस्थान के टोंक जिले के निवाई क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने व्यापक छापेमारी की है। जिला विशेष टीम (DST) और कृषि विभाग के अधिकारियों ने झिलाय रोड पर स्थित रिको इंडस्ट्रियल एरिया सहित कई अलग-अलग ठिकानों पर खाद-बीज के गोदामों में औचक दबिश दी। इस दौरान बिना किसी वैध रिकॉर्ड के रखे गए यूरिया और डीएपी खाद का विशाल स्टॉक पकड़ा गया, जिसके बाद कुल 12 गोदामों को सील कर दिया गया है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक इन सीज किए गए गोदामों से लगभग 7 हजार कट्टे अवैध उर्वरक बरामद किए गए हैं।

## रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में मिला भारी अंतर
जिला विशेष टीम के प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी की अगुवाई में संचालित इस व्यापक अभियान के दौरान अधिकारियों ने गोदामों में मौजूद यूरिया और डीएपी की बोरियों, बिक्री से जुड़े कागजात, लाइसेंस और स्टॉक रजिस्टरों की बारीकी से जांच की। जांच प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों को पोश मशीन में दर्ज आंकड़ों और मौके पर मौजूद भौतिक स्टॉक के बीच बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला। कई गोदामों में मशीनी आंकड़ों से कहीं अधिक मात्रा में उर्वरक का भंडारण करके रखा गया था, जो सीधे तौर पर कालाबाजारी की ओर इशारा करता है। इसके अतिरिक्त, कुछ जगहों पर बिना वैध लाइसेंस के ही खाद और बीज बेचने की गैर-कानूनी गतिविधियां भी उजागर हुई हैं।

## कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के बीच तीखी झड़प
दबिश की कार्रवाई के दौरान मौके पर माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस बल और कृषि विभाग के कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी और कृषि विभाग के कर्मचारी रामनिवास जाट के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और बहस देखने को मिली। हालांकि इस कहासुनी के बाद भी जांच प्रक्रिया रुकी नहीं और दोनों टीमों ने मिलकर गोदामों की तलाशी तथा दस्तावेजों के मिलान का काम जारी रखा। पुलिस और कृषि विभाग के कर्मचारियों के बीच हुई इस बहस का मामला पूरे प्रशासनिक हलके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

## गोयल और केके एंटरप्राइजेज में पकड़ा गया बड़ा अवैध स्टॉक
संयुक्त टीम द्वारा की गई सघन जांच के दौरान गोयल इंटरप्राइजेज नामक फर्म के गोदाम से 1,729 कट्टे अवैध यूरिया तथा 155 कट्टे अवैध डीएपी बरामद किए गए। इसी तरह केके एंटरप्राइजेज के परिसर में बने गोदाम की जांच करने पर लगभग एक हजार कट्टे बिना रिकॉर्ड के रखे हुए यूरिया के पाए गए। अन्य गोदामों में भी इसी प्रकार बिना हिसाब-किताब के रखे गए खाद के बड़े-बड़े ढेर मिले। अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध उर्वरक की गिनती की और उसे पोश मशीन में दर्ज प्रविष्टियों से मिलाया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं साबित हुईं।

## व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी
कार्रवाई पूरी होने के बाद कृषि विभाग ने इन सभी गोदामों में मौजूद खाद के भंडारण को पूरी तरह गैर-कानूनी करार दिया है। इसके बाद संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए कुल 12 गोदामों को सीज कर 7 हजार के करीब कट्टों को जब्त कर लिया। अब दोषी खाद कारोबारियों और फर्म मालिकों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों को नियमों के तहत सख्त धाराओं में मामला दर्ज कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

## अधिकारियों और व्यापारियों के बीच सांठगांठ की जांच
इस पूरे मामले ने कृषि विभाग के स्थानीय अधिकारियों और खाद कारोबारियों के बीच कथित मिलीभगत के आरोपों को भी जन्म दे दिया है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि अवैध भंडारण का यह पूरा खेल अधिकारियों की अनदेखी या शह के बिना संभव नहीं था। हालांकि, जांच में जुटे अधिकारियों का कहना है कि इन आरोपों की सच्चाई पूरी तरह से विस्तृत जांच प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही सामने आ पाएगी। फिलहाल पुलिस और कृषि विभाग की अलग-अलग टीमें पोश मशीन के डिजिटल डेटा, विक्रेताओं के लाइसेंस और गोदामों से जब्त कागजातों का गहन विश्लेषण कर रही हैं।

## स्थानीय खाद कारोबारियों में हड़कंप का माहौल
निवाई क्षेत्र में हुई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से ही पूरे जिले के खाद और बीज व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विशेष रूप से वे कारोबारी अत्यधिक भयभीत हैं जिनके गोदामों में रखा स्टॉक सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है या जिन्होंने बिना लाइसेंस के स्टॉक जमा कर रखा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन, अवैध भंडारण और कालाबाजारी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। 12 गोदामों को बंद किए जाने और 7 हजार कट्टे जब्त किए जाने के बाद अब एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

## इसका आप पर असर
खाद की कालाबाजारी पर इस प्रशासनिक कार्रवाई से किसानों को उचित दर पर यूरिया और डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

- **भारत भर में:** कृषि मंत्रालय द्वारा खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए डिजिटल पोश आधारित निगरानी सख्त की जा रही है। इससे देश भर के किसानों को एमआरपी पर बिना किसी कमी के समय पर यूरिया और डीएपी मिल सकेगा।
- **टोंक और राजस्थान में:** टोंक जिले में 7 हजार कट्टे खाद जब्त होने से स्थानीय किसानों को बुआई के मौसम में कृत्रिम किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। निवाई और आसपास के किसान अब नजदीकी पंजीकृत केंद्रों से निर्धारित सरकारी दरों पर खाद खरीद सकते हैं।
- **खाद विक्रेताओं के लिए:** सभी कृषि इनपुट डीलरों के लिए पोश मशीन में रोजाना स्टॉक अपडेट करना और लाइसेंस नवीनीकृत रखना अनिवार्य हो गया है। बिना रिकॉर्ड के खाद रखने वाले व्यापारियों को भारी जुर्माना और सीलिंग जैसी कानूनी कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।
- **किसानों के अधिकार:** अब किसानों को हर खरीद की रसीद पोश मशीन से लेना जरूरी है ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके। यदि कोई दुकानदार अधिक दाम मांगे या रसीद न दे, तो किसान तुरंत कृषि विभाग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
टोंक जिले के निवाई क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण की लगातार मिल रही शिकायतों के कारण यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई। व्यापारियों द्वारा पोश मशीन में दर्ज आंकड़ों से अलग गोदामों में बिना रिकॉर्ड का खाद जमा करने से बाजार में कृत्रिम किल्लत पैदा हो रही थी।

- **अवैध भंडारण की वजह:** बुआई के सीजन में खाद की मांग बढ़ते ही व्यापारी मुनाफाखोरी के लिए अवैध स्टॉक जमा कर लेते हैं। बिना रिकॉर्ड के रखी गई इस खाद को किसान को ऊंचे दामों पर कालाबाजारी में बेचा जाता है।
- **डिजिटल रिकॉर्ड में हेरफेर:** पोश मशीन में दिखाए गए स्टॉक और गोदाम में रखी भौतिक खाद की बोरियों में भारी अंतर पाया गया। व्यापारियों ने सरकारी सिस्टम से बचने के लिए बिक्री और आमद का सही डेटा दर्ज नहीं किया था।
- **बिना लाइसेंस व्यापार:** कई केंद्रों पर बिना किसी वैध लाइसेंस या मंजूरी के खाद और बीज का अवैध धंधा चलाया जा रहा था। प्रशासनिक जांच में ऐसे अनधिकृत ठिकानों को चिन्हित कर तुरंत सीज किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. राजस्थान के टोंक जिले में पुलिस और कृषि विभाग ने कहां कार्रवाई की?
टोंक जिले के निवाई में स्थित झिलाय रोड रिको इंडस्ट्रियल एरिया और आसपास के खाद-बीज गोदामों पर छापेमारी की गई।

### 2. इस कार्रवाई के दौरान कुल कितने गोदाम सीज किए गए?
जांच के बाद अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने कुल 12 गोदामों को सीज किया।

### 3. छापेमारी में कितनी मात्रा में यूरिया और डीएपी जब्त किया गया?
अलग-अलग गोदामों से लगभग 7 हजार कट्टे अवैध यूरिया और डीएपी खाद जब्त किया गया है।

### 4. गोयल और केके एंटरप्राइजेज के गोदामों से कितना खाद बरामद हुआ?
गोयल इंटरप्राइजेज से 1,729 यूरिया और 155 डीएपी कट्टे, जबकि केके एंटरप्राइजेज से लगभग 1,000 यूरिया कट्टे अवैध रूप से रखे मिले।

### 5. दोषी व्यापारियों के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं?
कृषि विभाग नियमों के तहत दोषी फर्मों और व्यापारियों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।

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