# नोखा के हिमटसर में सूने घर पर चोरों का धावा, 25 ग्राम सोना, चांदी और नकदी पार

> बीकानेर के हिमटसर गांव में दो दिन से बंद पड़े मकान के ताले तोड़कर अज्ञात चोर लाखों के सोने-चांदी के गहने और 40 हजार रुपये की नकदी समेटकर फरार हो गए.

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/nokha-ke-himatsar-men-sune-ghara-para-choron-ka-dhava-25-grama-sona-chandi-aura-nakadi-para-43473 · **Language:** Hindi
**Tags:** बीकानेर चोरी, नोखा क्राइम, हिमटसर गांव, राजस्थान पुलिस, सांवरलाल शर्मा, जेवरात चोरी, मेघसिंह हिमटसर

बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले हिमटसर गांव में एक सूने मकान में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है. परिवार के बाहर रहने के दौरान अज्ञात बदमाशों ने मकान को निशाना बनाया और ताले तोड़कर भीतर दाखिल हो गए. चोर घर की अलमारियों और बक्सों में रखे सोने और चांदी के आभूषणों के साथ 40 हजार रुपये नकद चुराकर रफूचक्कर हो गए. वारदात की भनक पीड़ित परिवार को तब लगी जब वे करीब दो दिन बाद घर वापस पहुंचे. मुख्य दरवाजे के ताले टूटे देखकर परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने तत्काल स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी.

## दो दिन से बाहर गया हुआ था परिवार
पीड़ित सांवरलाल शर्मा अपने परिजनों के साथ किसी निजी काम के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे. पिछले करीब दो दिनों से उनके मकान पर ताला लगा हुआ था और वहां कोई मौजूद नहीं था. सूनेपन का फायदा उठाते हुए अज्ञात चोरों ने रेकी कर इस वारदात को अंजाम दिया. बदमाशों ने पहले मकान के मुख्य द्वार का ताला तोड़ा और फिर अंदर के कमरों के ताले चटकाते हुए कमरों में प्रवेश कर गए. सोमवार शाम जब सांवरलाल शर्मा सपरिवार अपने गांव लौटे तो घर के प्रवेश द्वार का नजारा देखकर स्तब्ध रह गए. कमरों में अंदर जाने पर सारा सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा मिला और कीमती आभूषण तथा नकदी नदारद थे.

## सोने-चांदी के जेवरात और 40 हजार रुपये नकदी पर किया हाथ साफ
परिजनों द्वारा की गई शुरुआती पड़ताल के अनुसार, चोर अलमारी से करीब 25 ग्राम सोने के जेवर, लगभग 250 ग्राम चांदी के आभूषण और 40 हजार रुपये की नकदी समेट कर ले गए हैं. घर का सामान अस्त-व्यस्त हालत में देखकर परिजनों ने फौरन पुलिस को खबर दी. घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए. ग्रामीणों का मानना है कि चोरों ने पूरी योजना बनाकर बंद मकान को निशाना बनाया और परिवार के वापस लौटने से ठीक पहले वारदात को अंजाम देकर निकल भागे.

## ग्रामीणों में दहशत, पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग
इस सनसनीखेज वारदात के बाद हिमटसर गांव के बाशिंदों में असुरक्षा की भावना पनप गई है. पूर्व सरपंच मेघसिंह हिमटसर ने चोरी की इस घटना पर गहरा रोष और चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से अज्ञात चोरों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण इलाकों में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की नियमित गश्त को तुरंत बढ़ाया जाना बेहद जरूरी है. घटना के बाद ग्रामीणों ने भी आपस में बातचीत कर घरों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का आह्वान किया है.

## सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की पड़ताल में जुटी पुलिस
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और औपचारिक जांच शुरू कर दी है. जांच अधिकारी गांव और आसपास के मुख्य रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि संदिग्ध गतिविधियों और चोरों की आवाजाही का कोई सुराग हाथ लग सके. इसके अलावा इलाके में सक्रिय संदिग्ध तत्वों और पुराने नकबजनों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस का कहना है कि अज्ञात आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द ही हिरासत में लेने का प्रयास किया जा रहा है.

## इसका आप पर असर
यह घटना दर्शाती है कि कुछ दिनों के लिए भी घर सूना छोड़ने पर उचित सुरक्षा उपाय और पड़ोसियों को सतर्क करना कितना आवश्यक है.

- **राजस्थान में:** ग्रामीण इलाकों में पुलिस गश्त की मांग जोर पकड़ रही है, जिससे थानों पर गश्त बढ़ाने का प्रशासनिक दबाव रहेगा. लोगों को अपने घरों में ज्यादा नकदी और कीमती आभूषण रखने के बजाय बैंक लॉकरों का उपयोग करने की सलाह दी जाती है.
- **बीकानेर में:** नोखा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बंद पड़े मकानों की निगरानी बढ़ाना स्थानीय नागरिकों और पंचायत के लिए प्राथमिकता बन गया है. यात्रा पर जाने वाले निवासियों को सलाह दी गई है कि वे प्रस्थान से पूर्व पड़ोसियों या स्थानीय पुलिस चौकी को सूचित अवश्य करें.
- **सुरक्षा के नजरिए से:** ताले चटकाने की बढ़ती घटनाओं के बीच मजबूत डिजिटल या इंटरनल लॉकिंग सिस्टम लगाना मददगार हो सकता है. मुख्य रास्तों और दरवाजों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने से संदिग्धों की पहचान में आसानी होती है.
- **वित्तीय सुरक्षा:** घरों में 40 हजार रुपये जैसी नकदी और मूल्यवान धातुएं बिना सुरक्षित लॉकर के रखना बड़ा जोखिम साबित हो सकता है. चोरी की स्थिति में त्वरित पुलिस शिकायत दर्ज कराना कानूनी और बीमा क्लेम की दृष्टि से जरूरी होता है.

## ऐसा क्यों हुआ
यह वारदात तब हुई जब एक परिवार अपने घर को दो दिनों के लिए ताला लगाकर बाहर गया हुआ था, जिसका फायदा अज्ञात चोरों ने उठाया.

- **सूने मकान का फायदा:** परिवार के बाहर जाने से घर पूरी तरह खाली था, जिससे चोरों को बिना किसी विरोध के ताले तोड़ने का मौका मिल गया. किसी भी व्यक्ति के मौजूद न होने के कारण वारदात को अंजाम देना आसान हो गया.
- **संभावित रेकी और योजना:** ग्रामीणों के अनुसार चोरों ने घर के बंद होने की स्थिति पर नजर रखी थी और सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया. उन्होंने परिवार के लौटने से ठीक पहले वारदात की ताकि पकड़ में न आएं.
- **गश्त की कमी:** पूर्व सरपंच के अनुसार गांव में नियमित पुलिस गश्त की कमी के चलते असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हुए हैं. इलाके में निगरानी तंत्र कमजोर होने से अपराधी आसानी से फरार होने में सफल रहे.
- **जांच जारी:** पुलिस अब इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है, हालांकि चोरों की पहचान अभी तक पुष्ट नहीं हो सकी है.

## सवाल-जवाब

### 1. चोरी की यह घटना किस गांव और इलाके में हुई?
यह घटना बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र स्थित हिमटसर गांव में हुई.

### 2. चोरों ने किस घर को निशाना बनाया?
चोरों ने हिमटसर निवासी सांवरलाल शर्मा के बंद पड़े मकान को निशाना बनाया.

### 3. मकान से कुल कितने जेवर और नकदी चोरी हुई?
चोरों ने करीब 25 ग्राम सोने के जेवर, 250 ग्राम चांदी के आभूषण और 40 हजार रुपये नकद चुराए.

### 4. वारदात के समय परिवार कहां था?
परिवार किसी काम के सिलसिले में करीब दो दिनों से बाहर गया हुआ था और मकान पर ताला लगा था.

### 5. पूर्व सरपंच मेघसिंह हिमटसर ने क्या मांग की है?
पूर्व सरपंच ने पुलिस से अज्ञात चोरों को शीघ्र गिरफ्तार करने और गांव में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है.

### 6. पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर संदिग्धों की तलाश कर रही है.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._