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  "type": "article",
  "title": "उत्तर पश्चिम रेलवे ने अचानक रद्द कीं 13 ट्रेनें, जयपुर स्टेशन पर फंसे यात्रियों का फूटा गुस्सा",
  "summary": "उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा 9 और 10 अक्टूबर को 13 रेल सेवाओं को अचानक रद्द किए जाने के बाद जयपुर रेलवे स्टेशन पर भारी अफरा-तफरी मच गई, जिससे महीनों पहले बुकिंग कराने वाले यात्री बेहाल हो गए।",
  "content": "महीनों पहले सफर की योजना बनाकर रिजर्वेशन कराने वाले रेल यात्रियों के सामने उस वक्त भारी संकट खड़ा हो गया, जब स्टेशन पहुंचने पर उन्हें गाड़ियां अचानक निरस्त होने की खबर मिली। जयपुर रेलवे स्टेशन पर 9 अक्टूबर को ऐसे दर्जनों मुसाफिर हैरान-परेशान भटकते देखे गए, जो अपनी मंजिल तक पहुंचने का कोई दूसरा जरिया तलाश रहे थे। कई यात्रियों ने अपनी यात्रा के लिए दो महीने पहले से टिकट ले रखे थे, लेकिन ऐन वक्त पर रेलगाड़ियां रद्द कर दिए जाने से उनका पूरा कार्यक्रम बिगड़ गया। राजधानी दिल्ली और उससे आगे जाने की तैयारी में जुटे लोगों को अब आनन-फानन में सड़क मार्ग और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।\n\nरेलवे की ओर से इन रद्दीकरणों के पीछे परिचालन से जुड़ी वजहों का हवाला दिया गया है। असल में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को सीजेपी का एक विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है, और इसी घटनाक्रम से पहले रेल सेवाओं के संचालन में व्यापक फेरबदल किए गए हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे की इस आकस्मिक घोषणा ने उन सभी यात्रियों के सफर पर पानी फेर दिया है, जिनकी कनेक्टिंग ट्रेनें दिल्ली से जुड़ी थीं या जिन्हें जरूरी काम से दिल्ली एनसीआर के इलाकों में पहुंचना था।\n\nमहीनों पहले रिजर्वेशन कराने वालों की बिगड़ी पूरी प्लानिंग\nजयपुर रेलवे स्टेशन पर अपनी परेशानी बयां करते हुए एक यात्री ने बताया कि उसे उत्तर प्रदेश के बरेली जाना था। इस सफर के लिए उसने करीब दो महीने पहले रिजर्वेशन करवा लिया था और उसका रूट दिल्ली से होकर गुजरने वाला था। ऐन वक्त पर गाड़ी रद्द होने के कारण न सिर्फ उसकी कनेक्टिंग ट्रेन छूटने की नौबत आ गई, बल्कि पूरे सफर का कार्यक्रम तहस-नहस हो गया। यात्री का कहना था कि इतनी लंबी अवधि पहले बुकिंग कराने के बावजूद यदि आखिरी क्षणों में गाड़ियां बंद कर दी जाएं, तो आम जनता के लिए किसी वैकल्पिक व्यवस्था का प्रबंध करना नामुमकिन जैसा हो जाता है।\n\nइसी तरह स्टेशन पर अपने पूरे परिवार के साथ पहुंचे एक अन्य यात्री को भी भारी संकट से जूझना पड़ा। यह परिवार जरूरी काम से दिल्ली जा रहा था, लेकिन प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही पता चला कि उनकी ट्रेन नहीं चलेगी। परिजनों के साथ सामान संभाले खड़े इस यात्री के पास अब टैक्सी या बस से सड़क मार्ग पकड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। अचानक यात्रा का माध्यम बदलने से लोगों को आर्थिक चपत भी लग रही है, क्योंकि निजी गाड़ियों वाले मनमाना किराया मांग रहे हैं।\n\nयात्रियों का आरोप, समय रहते नहीं दी गई निरस्तीकरण की सूचना\nप्लेटफॉर्म और पूछताछ काउंटरों पर परेशान यात्रियों ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। यात्रियों का कहना था कि जिन लोगों ने हफ्तों और महीनों पहले रिजर्वेशन करवा रखा था, उनके मोबाइल फोन पर समय से मैसेज या अलर्ट भेजा जाना चाहिए था। अगर गाड़ियों के निरस्त होने की जानकारी कम से कम 24 घंटे पहले मिल जाती, तो मुसाफिर पहले ही बस या निजी गाड़ी का बंदोबस्त कर सकते थे।\n\nस्टेशन पर मौजूद लोगों ने कहा कि अंतिम पलों में बिना किसी पूर्व सूचना के गाड़ी रोक देना बेहद गैरजिम्मेदाराना रवैया है। कई लोग दफ्तर की छुट्टियों, इंटरव्यू, कोर्ट की तारीखों और पारिवारिक आयोजनों का समय तय करके निकले थे। इस अचानक हुए फैसले से उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो गया, जिससे लोगों में भारी रोष देखा गया।\n\nजयपुर स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़ और कड़े किए गए सुरक्षा इंतजाम\nलगातार कई गाड़ियां रद्द होने का सीधा असर जयपुर रेलवे स्टेशन के परिसर पर पड़ा। कुछ ही घंटों के भीतर पूछताछ खिड़कियों, रिफंड काउंटरों और मुख्य हॉल में यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग यह जानने के लिए जद्दोजहद करते रहे कि उनके गंतव्य की ओर जाने वाली कोई दूसरी ट्रेन उपलब्ध है या नहीं। इस बढ़ती भीड़ और संभावित हंगामे को देखते हुए स्टेशन प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी।\n\nस्टेशन के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। अंदर आने वाले हर व्यक्ति का टिकट गहनता से जांचा जा रहा है और पूरी तस्दीक के बाद ही स्टेशन परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। सुरक्षा दल लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि अफरा-तफरी के बीच किसी तरह की अव्यवस्था न फैले। वहीं दूसरी तरफ, लाचार यात्री अपना भारी सामान लिए काउंटरों के चक्कर काटते और रिफंड की औपचारिकताएं पूरी करते नजर आए।\n\nउत्तर पश्चिम रेलवे ने दी रद्द गाड़ियों की आधिकारिक सूची\nउत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, परिचालन संबंधी कारणों के चलते 9 और 10 अक्टूबर को कुल 13 रेल सेवाओं को पूरी तरह रद्द किया गया है। इन गाड़ियों में राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के बीच चलने वाली कई प्रमुख एक्सप्रेस और पैसेंजर सेवाएं शामिल हैं।\n\nनिरस्त की गई रेल सेवाओं का पूरा ब्योरा इस प्रकार है\n• गाड़ी संख्या 15308 सिरसा-तिलकब्रिज, जो 10 अक्टूबर को सिरसा से प्रस्थान करने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 12964 उदयपुर सिटी-हजरत निजामुद्दीन, जो 9 अक्टूबर को उदयपुर से चलने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 12963 हजरत निजामुद्दीन-उदयपुर सिटी, जो 10 अक्टूबर को हजरत निजामुद्दीन से चलने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 14727 श्रीगंगानगर-तिलकब्रिज, जो 9 अक्टूबर को श्रीगंगानगर से रवाना होने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 14738 तिलकब्रिज-भिवानी, जो 10 अक्टूबर को तिलकब्रिज से छूटने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 14737 भिवानी-तिलकब्रिज, जो 10 अक्टूबर को भिवानी से चलने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 14728 तिलकब्रिज-श्रीगंगानगर, जो 10 अक्टूबर को तिलकब्रिज से रवाना होने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 74004 रेवाड़ी-दिल्ली, जो 10 अक्टूबर को रेवाड़ी से प्रस्थान करने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 54414 रेवाड़ी-दिल्ली, जो 10 अक्टूबर को रेवाड़ी से चलने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 54421 दिल्ली-रेवाड़ी, जो 10 अक्टूबर को दिल्ली से प्रस्थान करने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 54310 हिसar-दिल्ली, जो 10 अक्टूबर को हिसार से चलने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 54424 हिसार-नई दिल्ली, जो 10 अक्टूबर को हिसार से छूटने वाली थी।\n• गाड़ी संख्या 54423 नई दिल्ली-हिसार, जो 10 अक्टूबर को नई दिल्ली से रवाना होने वाली थी।\n\nमुसाफिरों के सामने सड़क मार्ग ही एकमात्र सहारा, पहले से स्टेटस जांचने की सलाह\nजिन लोगों ने दिल्ली में होटल बुक कर रखे थे या वहां से आगे की हवाई व रेल यात्राएं तय कर रखी थीं, उनके सामने अब कोई सीधा रास्ता नहीं बचा है। कई लोग समूहों में मिलकर टैक्सियां किराए पर ले रहे हैं तो कई सरकारी बसों की कतारों में लग गए हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे स्टेशन के लिए घर से निकलने से पहले अपनी संबंधित ट्रेन का नंबर और उसका वास्तविक परिचालन स्टेटस आधिकारिक हेल्पलाइन या डिजिटल माध्यमों पर जरूर जांच लें, ताकि उन्हें स्टेशन पहुंचकर इस तरह की अप्रत्याशित परेशानी का सामना न करना पड़े।\n\nइसका आप पर असर\nअचानक 13 रेल सेवाओं के रद्द होने से राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली रूट के हजारों मुसाफिरों की यात्रा योजनाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।\n\n• भारत में: दिल्ली आने-जाने वाले दूसरे राज्यों के कनेक्टिंग मुसाफिरों को अपनी आगे की ट्रेन और फ्लाइट पकड़ने के लिए महंगे सड़क साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। इसके चलते लोगों को अतिरिक्त खर्च के साथ-साथ गंभीर समय की बर्बादी झेलनी पड़ रही है।\n• राजस्थान में: जयपुर, उदयपुर और श्रीगंगानगर से दिल्ली रूट पर यात्रा करने वाले दैनिक और आरक्षित यात्रियों को तुरंत राज्य परिवहन की बसों या निजी टैक्सियों की ओर रुख करना होगा। यात्रियों को स्टेशन निकलने से पहले रेलवे पूछताछ या आधिकारिक पोर्टल पर अपनी गाड़ी का लाइव स्टेटस जांचना जरूरी है।\n• टिकट रिफंड: रद्द की गई ट्रेनों के वैध आरक्षित टिकट धारक रेलवे काउंटरों या आईआरसीटीसी पोर्टल के माध्यम से अपना पूरा किराया वापस ले सकते हैं। नियम के अनुसार ट्रेन निरस्त होने की स्थिति में बिना किसी क्लर्क चार्ज के पूरा रिफंड मिलता है।\n• सड़क मार्ग का दबाव: नेशनल हाईवे और अंतरराज्यीय बस अड्डों पर अचानक यात्रियों का दबाव बढ़ेगा, जिससे बस टिकटों और कैब के किराए में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। दिल्ली जाने वाले लोगों को सामान्य समय से दो से तीन घंटे पहले निकलने की तैयारी रखनी होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nउत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा 9 और 10 अक्टूबर को 13 प्रमुख रेल सेवाओं को परिचालन संबंधी कारणों और दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में निरस्त किया गया है।\n\n• परिचालन संबंधी कारण: उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, इन सभी 13 रेल सेवाओं को परिचालन कारणों से 9 और 10 अक्टूबर को रद्द करने का फैसला लिया गया है। इस कदम से हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच चलने वाली पैसेंजर और एक्सप्रेस सेवाएं सीधे प्रभावित हुई हैं।\n• सीजेपी का विरोध प्रदर्शन: राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को सीजेपी का एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित होना तय है। इस प्रदर्शन से पहले राजधानी और उसके आसपास के रेलवे नेटवर्क पर सुरक्षा व परिचालन व्यवस्था को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से इन सेवाओं में बदलाव किए गए हैं।\n• आगे की स्थिति: रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी गाड़ी का परिचालन स्टेटस सत्यापित करने को कहा है ताकि अचानक होने वाले व्यवधान से बचा जा सके। स्थिति सामान्य होने और विरोध प्रदर्शन बीतने के बाद इन सेवाओं की बहाली को लेकर आधिकारिक अपडेट जारी किए जाएंगे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. उत्तर पश्चिम रेलवे ने कुल कितनी ट्रेनें रद्द की हैं?\nउत्तर पश्चिम रेलवे ने परिचालन संबंधी कारणों से 9 और 10 अक्टूबर को कुल 13 रेल सेवाएं रद्द की हैं।\n\n2. ट्रेनों को अचानक रद्द करने के पीछे क्या कारण बताया गया है?\nरेलवे ने परिचालन संबंधी कारणों का हवाला दिया है, साथ ही यह फैसला 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से पहले लिया गया है।\n\n3. यह जानकारी रेलवे के किस अधिकारी द्वारा दी गई है?\nयह आधिकारिक जानकारी उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन द्वारा दी गई है।\n\n4. जयपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को क्या परेशानी झेलनी पड़ी?\nयात्रियों को स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन रद्द होने की जानकारी मिली, जिससे महीनों पहले बुकिंग कराने वालों को भी सड़क मार्ग से जाने का विकल्प तलाशना पड़ा।\n\n5. भीड़ बढ़ने पर जयपुर स्टेशन पर क्या सुरक्षा कदम उठाए गए?\nस्टेशन पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं और टिकट जांच के बाद ही यात्रियों को अंदर प्रवेश दिया जा रहा है।\n\n6. उदयपुर और हजरत निजामुद्दीन के बीच कौन सी गाड़ियां रद्द हुई हैं?\nगाड़ी संख्या 12964 उदयपुर सिटी-हजरत निजामुद्दीन 9 अक्टूबर को और गाड़ी संख्या 12963 हजरत निजामुद्दीन-उदयपुर सिटी 10 अक्टूबर को रद्द की गई हैं।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-09",
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