पाकिस्तानी इंफ्लुएंसर की एआई फोटो पोस्ट करने पर घिरे कॉमेडियन अनिल-ओमला, चूरू में इंफ्लुएंसर्स का हंगामा पाकिस्तानी इंफ्लुएंसर की एआई फोटो शेयर करने पर कॉमेडियन अनिल और ओमला के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध तेज हो गया है। राजस्थान के डिजिटल क्रिएटर्स ने चूरू एसपी ऑफिस पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने की मांग की। राजस्थान के चूरू जिले में दो प्रसिद्ध सोशल मीडिया कॉमेडियन के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में प्रदेश का डिजिटल क्रिएटर समुदाय सड़कों पर उतर आया है। एआई-जनरेटेड तस्वीर से उपजे विवाद में कॉमेडियन अनिल और ओमला (अनिल-ओमला) की गिरफ्तारी के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस कार्रवाई को एकतरफा और अन्यायपूर्ण बताते हुए राजस्थान इंफ्लुएंसर कम्युनिटी के प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को चूरू पुलिस अधीक्षक दफ्तर में जोरदार प्रदर्शन किया तथा मामले की निष्पक्ष पड़ताल हेतु प्रशासनिक अधिकारियों को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कार्रवाई के खिलाफ एकजुट हुए डिजिटल क्रिएटर्स खारिया गांव निवासी अनिल और ओमला के समर्थन में राज्य भर से कई जाने-माने सोशल मीडिया चेहरे चूरू में एकत्र हुए। इंफ्लुएंसर दल में हास्य कलाकार बनवारीलाल उर्फ बन्नू, मुस्कान, विकास महला, डॉ. कुलदीप चहल भोलू के साथ-साथ खुद अनिल और ओम भी शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम से मुलाकात की और पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा असंतोष जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब कॉमेडियन पहले ही अपनी गलती स्वीकार कर चुके थे और संबंधित सामग्री हटा चुके थे, तब भी उन पर शांतिभंग की धाराओं में कानूनी शिकंजा कसना पूरी तरह अनुचित है। विवाद की शुरुआत से गिरफ्तारी तक का घटनाक्रम प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में समूचे घटनाक्रम की समयरेखा सिलसिलेवार ढंग से प्रस्तुत की गई है। ज्ञापन के अनुसार, 23 अगस्त को अनिल और ओमला ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तान के इंफ्लुएंसर अदनान से संबंधित एक एआई जनरेटेड फोटो पोस्ट की थी। अगले ही दिन, 24 अगस्त को जैसे ही पुलिस प्रशासन की ओर से निर्देश प्राप्त हुए, उन्होंने तुरंत उस पोस्ट को डिलीट कर दिया। इसके अतिरिक्त, दोनों कॉमेडियन ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से माफीनामा पोस्ट किया और एक स्पष्टीकरण वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। सामुदायिक प्रतिनिधियों का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के बावजूद 25 अगस्त को पुलिस अनिल के घर खारिया पहुंची और उन्हें थाने ले आई, जिसके बाद ओम को भी बुलावा भेजकर थाने तलब किया गया। थाने पहुंचने पर दोनों कलाकारों को शांतिभंग के आरोप में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में उन्हें उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) के समक्ष पेश करके पाबंद करवा दिया गया। मानसिक उत्पीड़न और धमकियों के गंभीर आरोप ज्ञापन के माध्यम से इंफ्लुएंसर कम्युनिटी ने स्थानीय थाना पुलिस की भूमिका पर अत्यंत गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप लगाया गया है कि 25 अगस्त की सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक, यानी लगभग आठ घंटे तक, दोनों कॉमेडियन को थाने में बैठाकर रखा गया और उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया। इतना ही नहीं, उन्हें उनके आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों को बंद करवाने तथा अन्य संगीन आपराधिक मुकदमों में फंसाने की खुली धमकियां भी दी गईं। इस कथित प्रशासनिक दुर्भावना की सच्चाई सामने लाने के लिए ज्ञापन में मांग की गई है कि संबंधित थाने के सीसीटीवी फुटेज, अधिकारियों के कॉल रिकॉर्ड और दैनिक रोजनामचे को तत्काल सुरक्षित कर एक स्वतंत्र जांच टीम से इसकी जांच कराई जाए। एसपी का पारदर्शी जांच का भरोसा और कड़ी चेतावनी पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने और ज्ञापन स्वीकार करने के पश्चात चूरू के पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाएगी। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर सक्रिय सभी कंटेंट क्रिएटर्स को कानून और सामाजिक मर्यादा का पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने सख्त लहजे में हिदायत देते हुए कहा, “सोशल मीडिया पर कोई भी पोस्ट साझा करने से पहले सौ बार सोचना चाहिए कि उसका समाज, सौहार्द और कानून-व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा। जिम्मेदारी से रहित कंटेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” इसका आप पर असर यह मामला सोशल मीडिया यूज़र्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के लिए ऑनलाइन कंटेंट शेयरिंग और कानूनी जवाबदेही से जुड़ा बड़ा अलर्ट है। • भारत में: देश भर के सोशल मीडिया यूज़र्स को किसी भी एआई-जनरेटेड या संवेदनशील फोटो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जांचनी होगी। भले ही आप विवादित पोस्ट डिलीट कर दें या माफी मांग लें, कानून-व्यवस्था प्रभावित होने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है। • राजस्थान में: राज्य के डिजिटल क्रिएटर्स और इंफ्लुएंसर्स को पुलिस की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना होगा। किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट पर स्थानीय पुलिस तुरंत शांतिभंग की धाराओं के तहत कार्रवाई कर सकती है। • डिजिटल क्रिएटर्स के लिए: फोटो एडिट करने या एआई टूल का उपयोग करते समय अंतरराष्ट्रीय या संवेदनशील हस्तियों के नाम का प्रयोग करने से बचें। पोस्ट पर विवाद होने पर तुरंत साक्ष्य के साथ लिखित स्पष्टीकरण संभाल कर रखें। • आम नागरिकों के लिए: सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक या एआई कंटेंट को बिना सोचे-समझे रीट्वीट या फॉरवर्ड न करें। गैर-जिम्मेदाराना पोस्ट शेयर करने पर आईडी ब्लॉक होने या कानूनी पचड़े में फंसने का जोखिम रहता है। सवाल-जवाब 1. चूरू में इंफ्लुएंसर्स ने एसपी दफ्तर पर प्रदर्शन क्यों किया? कॉमेडियन अनिल और ओमला के खिलाफ एआई फोटो मामले में हुई पुलिस कार्रवाई, कथित मानसिक दबाव और धमकियों के विरोध में इंफ्लुएंसर्स ने प्रदर्शन किया। 2. अनिल और ओमला पर क्या आरोप हैं और विवाद कैसे शुरू हुआ? दोनों कॉमेडियन ने 23 अगस्त को पाकिस्तानी इंफ्लुएंसर अदनान से जुड़ी एआई फोटो पोस्ट की थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर एसडीएम के समक्ष पाबंद कराया। 3. कॉमेडियन कम्युनिटी ने पुलिस कार्रवाई पर क्या सवाल उठाए? कम्युनिटी का कहना है कि 24 अगस्त को पोस्ट डिलीट करने और सार्वजनिक माफी मांगने के बाद भी 25 अगस्त को 8 घंटे तक थाने में बैठाकर मानसिक दबाव बनाया गया और चैनल बंद कराने की धमकी दी गई। 4. मामले में इंफ्लुएंसर्स ने प्रशासन से क्या मांगें रखी हैं? प्रदर्शनकारियों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और थाने के सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड तथा रोजनामचा सुरक्षित करने की मांग की है। 5. चूरू एसपी निश्चय प्रसाद एम ने मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी? एसपी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, साथ ही चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी रहित कंटेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शेयर करने से पहले समाज पर असर सोचना चाहिए। https://trendkia.com/rajasthan/pakistani-influencer-ki-ai-photo-posta-karane-para-ghire-komediyana-anil-omla-churu-men-influencers-ka-hngama-23095 TrendKia — Har trend, sabse pehle.