पाली के बागड़िया गांव में ससुराल आए दो युवकों को चोर समझ ग्रामीणों ने रातभर बांधकर पीटा राजस्थान के पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र में ससुराल आए दो युवकों को चोर समझकर ग्रामीणों ने रस्सी से बांधकर रातभर मारपीट की। पुलिस ने दोनों को छुड़ाया और 14 नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। राजस्थान के पाली जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। रोहट थाना इलाके के बागड़िया गांव में दो बेकसूर युवकों को सिर्फ शक की बुनियाद पर चोर मान लिया गया और पूरी रात उन्हें रस्सी से बांधकर बर्बरता से पीटा गया। हैरानी की बात यह है कि इनमें से एक युवक किसी गलत इरादे से नहीं, बल्कि अपने दोस्त को लेकर अपने ससुराल आया हुआ था। लेकिन गांव वालों की गलतफहमी और गुस्से ने दोनों को मॉब लिंचिंग का शिकार बना दिया। मामला तब खुला जब अगली सुबह इस घटना की जानकारी रोहट थाना पुलिस तक पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। क्या हुआ उस रात जानकारी के मुताबिक, पीड़ित युवक अपने एक करीबी दोस्त के साथ बागड़िया गांव में मौजूद अपने ससुराल आया था। रात के वक्त जब दोनों गांव में निकले, तभी कुछ ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ गई। पिछले कुछ दिनों से बागड़िया और आसपास के इलाकों में लगातार चोरी की वारदातें हो रही थीं, जिसकी वजह से गांव में पहले से ही डर और गुस्से का माहौल बना हुआ था। रात के अंधेरे में दो अनजान चेहरों को देखकर ग्रामीणों ने बिना कुछ पूछे ही उन्हें चोर मान लिया। खिड़की से बांधकर रातभर प्रताड़ना गुस्से में आए ग्रामीणों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया और उनके हाथ-पैर रस्सी से जकड़ दिए। इसके बाद दोनों को एक मकान की खिड़की से बांधकर पूरी रात बंधक बनाए रखा। इस दौरान उनके साथ जमकर मारपीट की गई। दोनों युवक खुद को बेकसूर बताते रहे, चिल्लाते रहे कि वे ससुराल आए हैं, लेकिन चोरी के शक में अंधे हो चुके गांव वालों ने उनकी एक भी बात नहीं सुनी। सुबह होने पर जब गांव के कुछ समझदार लोगों को असलियत का अंदाजा हुआ, तब जाकर इस बर्बरता की खबर पुलिस को दी गई। पुलिस ने 14 लोगों पर दर्ज किया नामजद मुकदमा सूचना मिलते ही रोहट थाना पुलिस ने बागड़िया गांव में दबिश दी और दोनों घायल युवकों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। पीड़ितों का स्थानीय अस्पताल में मेडिकल और प्राथमिक उपचार कराया गया। घटना को लेकर पीड़ित के परिजनों में भारी आक्रोश है। उनकी शिकायत पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए गांव के 14 लोगों के खिलाफ नामजद और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कानून को अपने हाथ में लेने और जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज कर लिया है। इसका आप पर असर • भारत में: शक के आधार पर भीड़ का कानून हाथ में लेना अपराध है, ऐसे मामलों में नामजद लोगों पर जानलेवा हमले तक की धाराएं लग सकती हैं। • पाली में: बागड़िया और आसपास के गांवों के लोग किसी अनजान व्यक्ति पर शक होने पर खुद हाथ उठाने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि कोई बेकसूर प्रताड़ना का शिकार न बने। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां हुई? यह घटना राजस्थान के पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र के बागड़िया गांव में हुई। 2. दोनों युवक गांव में क्यों आए थे? इनमें से एक युवक अपने करीबी दोस्त के साथ बागड़िया गांव में अपने ससुराल आया हुआ था। 3. ग्रामीणों ने उन्हें चोर क्यों समझा? पिछले कुछ दिनों से इलाके में लगातार चोरी की वारदातें हो रही थीं, इसलिए रात में दो अनजान युवकों को देखकर ग्रामीणों ने बिना पूछताछ किए उन्हें चोर मान लिया। 4. युवकों के साथ क्या किया गया? ग्रामीणों ने दोनों के हाथ-पैर रस्सी से बांधकर उन्हें एक मकान की खिड़की से बांध दिया और पूरी रात मारपीट की। 5. मामला कैसे सामने आया? सुबह होने पर गांव के कुछ समझदार लोगों ने स्थिति समझी और पुलिस को इसकी सूचना दी। 6. पुलिस ने क्या कार्रवाई की? रोहट थाना पुलिस ने दोनों युवकों को छुड़ाया, उनका अस्पताल में इलाज कराया और 14 नामजद व कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। 7. आरोपियों पर कौन से आरोप लगे हैं? गांव के लोगों पर कानून को अपने हाथ में लेने और जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज किया गया है। https://trendkia.com/rajasthan/pali-ke-bagdiya-ganva-men-sasurala-ae-do-yuvakon-ko-chora-samajha-graminon-ne-ratabhara-bandhakara-pita-2561 TrendKia — Har trend, sabse pehle.