पाली के दुदनी में सरकारी स्कूल परिसर पहुंचा पांच फीट लंबा मगरमच्छ, दो घंटे चले ऑपरेशन के बाद जवाई बांध भेजा गया पाली जिले के दुदनी गांव में पास के तालाब का पानी सूखने पर एक मगरमच्छ स्कूल के खेल मैदान में आ धमका, जिसे वन विभाग ने सुरक्षित पकड़कर जवाई बांध में छोड़ दिया। राजस्थान के पाली जिले में बाली उपखंड स्थित दुदनी गांव के एक सरकारी स्कूल में उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह के समय खेल मैदान में एक विशाल मगरमच्छ रेंगता हुआ दिखाई दिया। स्कूल के ठीक पास बने तालाब में पानी का स्तर अत्यधिक कम हो गया था, जिसके चलते जलीय जीव पानी की तलाश में जमीन पर भटकने लगा और सीधा स्कूल के परिसर में जा पहुंचा। इस पांच फीट लंबे मगरमच्छ को खेल के मैदान में देखकर ग्रामीणों और स्कूल प्रशासन के होश उड़ गए, जिससे बच्चों की हिफाजत को लेकर मौके पर दहशत का माहौल बन गया। मैदान में मगरमच्छ को देखकर ग्रामीणों में मची खलबली सुबह जब ग्रामीणों और स्कूल से जुड़े लोगों की नजर खेल मैदान में मौजूद इस पांच फीट लंबे मगरमच्छ पर पड़ी, तो पूरे इलाके में यह खबर तेजी से फैल गई। देखते ही देखते स्कूल परिसर के बाहर बड़ी तादाद में गांव के लोग जमा हो गए। हालांकि किसी अनहोनी से बचने के लिए ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाई और मगरमच्छ से सुरक्षित दूरी बनाए रखी। स्कूल परिसर में विद्यार्थियों की मौजूदगी और सुरक्षा के खतरे को भांपते हुए ग्रामीणों ने फौरन वन विभाग को टेलीफोन पर पूरे वाकये की जानकारी दी, ताकि समय रहते बचाव कार्य शुरू किया जा सके। दो घंटे तक चली कड़ी मशक्कत, सुरक्षित पकड़ा गया सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग के कर्मचारी तत्काल दुदनी गांव के सरकारी स्कूल पहुंचे और मौके की स्थिति का मुआयना किया। स्कूल के मैदान में घूम रहे मगरमच्छ को सुरक्षित काबू में करने के लिए वन विभाग की टीम ने लगभग दो घंटे तक गहन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने बेहद सतर्कता बरतते हुए जाल और आवश्यक उपकरणों की मदद से मगरमच्छ पर नियंत्रण पाया। बचाव अभियान के दौरान मौके पर जुटे स्थानीय ग्रामीणों ने भी वन कर्मियों का पूरा सहयोग किया, जिसके बाद आखिरकार मगरमच्छ को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ लिया गया। जवाई बांध में छोड़ा गया, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस मगरमच्छ को सुरक्षित पिंजरे में लेने के बाद वन विभाग की टीम ने उसे उसके प्राकृतिक पर्यावास में पहुंचाने की कवायद शुरू की। टीम ने मगरमच्छ को पाली के प्रसिद्ध जवाई बांध ले जाकर गहरे पानी में सुरक्षित छोड़ दिया। मगरमच्छ के पकड़े जाने और जलाशय में चले जाने के बाद स्कूल प्रबंधन तथा ग्रामीणों ने चैन की सांस ली। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि स्कूल परिसर में मगरमच्छ के घुसने के बावजूद किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तालाब के सूखने पर वन्यजीवों के आबादी वाले इलाकों में आने के खतरे को देखते हुए स्कूल परिसर के आसपास सुरक्षा व सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया है। इसका आप पर असर स्कूल परिसर में मगरमच्छ के घुस आने से ग्रामीण इलाकों में जलस्रोतों के सूखने और वन्यजीवों की आबादी में आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है। • पाली और आसपास के क्षेत्रों में: ग्रामीण स्कूलों और बस्तियों के नजदीक सूखे तालाबों वाले इलाकों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिसरों की चारदीवारी और निगरानी पर विशेष ध्यान देना होगा। • पूरे देश में: गर्मियों या सूखे के समय जलस्रोतों के खाली होने पर जलीय जीवों के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों को वन्यजीव दिखते ही छेड़ने के बजाय तुरंत वन विभाग के आपातकालीन नंबर पर सूचित करना चाहिए। • छात्रों और अभिभावकों के लिए: विद्यालय परिसरों के आसपास झाड़ियों और जलस्रोतों के निकट जाते समय सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध हलचल की जानकारी तुरंत अध्यापकों या सुरक्षाकर्मियों को दें। • प्रशासनिक स्तर पर: जल निकायों के सूखने पर वन और स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में फेंसिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने चाहिए। समय पर निगरानी रखने से वन्यजीवों और आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना प्राकृतिक जलस्रोत के सूखने और पानी की तलाश में भटके वन्यजीव की मजबूरी के कारण घटी। • सीधा कारण: सरकारी स्कूल के खेल मैदान से सटे तालाब का पानी पूरी तरह सूख गया था। इसके चलते पांच फीट लंबा मगरमच्छ जीवित रहने और पानी की खोज में बाहर निकलकर स्कूल मैदान की तरफ आ गया। • परिस्थितियों की कड़ी: जल स्तर गिरने से जलीय जीवों का प्राकृतिक पर्यावास प्रभावित हुआ और आबादी के पास खुला मैदान होने से मगरमच्छ आसानी से परिसर में दाखिल हो गया। सुबह का समय होने से ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई और बड़ा हादसा टल गया। • आगे क्या हुआ: ग्रामीणों की समय पर दी गई सूचना के बाद वन विभाग ने दो घंटे का ऑपरेशन चलाकर मगरमच्छ को पकड़ा और उसे सुरक्षित रूप से बड़े जलाशय जवाई बांध में छोड़ दिया। सवाल-जवाब 1. मगरमच्छ किस जगह और किस स्कूल में देखा गया था? यह घटना पाली जिले के बाली उपखंड में स्थित दुदनी गांव के एक सरकारी स्कूल के खेल मैदान में हुई। 2. मगरमच्छ की लंबाई कितनी थी? खेल के मैदान में पहुंचा मगरमच्छ करीब पांच फीट लंबा था। 3. मगरमच्छ स्कूल के खेल मैदान तक कैसे और क्यों पहुंचा? स्कूल के पास स्थित तालाब में पानी सूख जाने के कारण वह पानी की तलाश में तालाब से बाहर निकलकर मैदान तक आ गया। 4. रेस्क्यू ऑपरेशन में कितना समय लगा? वन विभाग की टीम को मगरमच्छ को सुरक्षित काबू में करने में करीब दो घंटे का समय लगा। 5. रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को कहां छोड़ा गया? वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़े गए मगरमच्छ को पाली जिले के जवाई बांध में छोड़ दिया। 6. क्या इस घटना में किसी को कोई चोट या नुकसान पहुंचा? नहीं, समय रहते ग्रामीणों और वन विभाग की तत्परता से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। https://trendkia.com/rajasthan/pali-ke-dudni-men-sarakari-skula-parisara-pahuncha-pancha-phita-lnba-magaramachchha-do-ghnte-chale-pareshana-ke-bada-jawai-dam-bhe-43787 TrendKia — Har trend, sabse pehle.