पाली की बेटी ऋतुराज राठौड़ का जयपुर में बड़ा सम्मान, ग्लैमर जगत में जिले का बढ़ाया मान पाली जिले के इंदरवाड़ा गांव की रहने वाली अभिनेत्री ऋतुराज राठौड़ ने जयपुर में आयोजित ग्लैम ऑफ बॉलीवुड – सीजन 2 में मिस ग्लैम ऑफ बॉलीवुड का ताज अपने नाम किया है। उनकी इस शानदार सफलता से पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। देश के अलग-अलग कोनों से निकलकर युवा प्रतिभाएं अब मनोरंजन और कला की दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रही हैं। इसी क्रम में राजस्थान के पाली जिले से एक बेहद प्रेरणादायक और गर्व से भर देने वाली खबर सामने आई है। पाली के छोटे से इंदरवाड़ा गांव की रहने वाली उभरती हुई अभिनेत्री ऋतुराज राठौड़ ने हाल ही में जयपुर की एक बड़ी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया है। उनकी इस सफलता से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे जिले का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है और हर तरफ उनकी चर्चा हो रही है। जयपुर के प्रतिष्ठित मंच पर मिला यह खास सम्मान राजधानी जयपुर में स्वमित्र कौशल शिक्षा फाउंडेशन और जेकेके के संयुक्त सहयोग से ‘ग्लैम ऑफ बॉलीवुड – सीजन 2’ नामक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस बड़े मंच पर देश भर से आए कई हुनरमंद कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में पाली की बेटी ऋतुराज राठौड़ ने भी हिस्सा लिया और अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। कड़े मुकाबले के बाद उन्हें इस प्रतियोगिता में 'मिस ग्लैम ऑफ बॉलीवुड' के खिताब से नवाजा गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजस्थान की पारंपरिक लोक संस्कृति और ऐतिहासिक वेशभूषा को एक नया मंच देना और उसे बढ़ावा देना था। फिल्म 'बाप बेटी' में निभा चुकी हैं मुख्य भूमिका ऋतुराज राठौड़ केवल एक मॉडल ही नहीं, बल्कि अभिनय की दुनिया में भी अपने कदम मजबूती से रख चुकी हैं। उन्होंने जाने-माने फिल्म निर्माता और निर्देशक गजेंद्र सिंह मंडली के निर्देशन में तैयार हुई हिंदी फिल्म 'बाप बेटी' में मुख्य अभिनेत्री की भूमिका अदा की है। इस फिल्म में उनके काम को काफी सराहा गया था। अब जयपुर में मिला यह नया खिताब उनके अभिनय और कला सफर में एक और बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है। उनकी इस उपलब्धि पर स्थानीय कलाकारों और सिनेमा प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अन्य विजेताओं के नाम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस भव्य आयोजन के दौरान कई अन्य श्रेणियों में भी पुरस्कार बांटे गए। प्रतियोगिता में अभिमन्यु राजपुरोहित ने 'मिस्टर ग्लैम ऑफ बॉलीवुड' का खिताब जीता, जबकि जयपुर की ही रहने वाली जया शर्मा ने 'मिसेज ग्लैम ऑफ बॉलीवुड' की ट्रॉफी अपने नाम की। इस शाम को और भी ज्यादा खास बनाने के लिए प्रसिद्ध मांड गायकों ने अपनी सुरीली आवाज में पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुतियां दीं, जिससे वहां का पूरा माहौल संगीतमय हो गया। इसके अलावा, कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने भी अपनी मनमोहक नृत्य कला और अन्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और खूब तालियां बटोरीं। इसका आप पर असर इस आयोजन से स्थानीय स्तर पर कला और फैशन से जुड़े युवाओं को बड़ा प्रोत्साहन मिला है। • भारत में: देश भर के छोटे शहरों की प्रतिभाओं को बड़े फैशन और कला मंचों तक पहुंचने की प्रेरणा मिलती है। • पाली में: स्थानीय युवाओं और उभरते हुए कलाकारों को मनोरंजन जगत में अपने सपने पूरे करने के लिए एक सकारात्मक माहौल मिलता है। ऐसा क्यों हुआ इस तरह के आयोजन क्षेत्रीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के लिए किए जाते हैं। • सांस्कृतिक मंच: स्वमित्र कौशल शिक्षा फाउंडेशन और जेकेके द्वारा राजस्थान की पारंपरिक वेशभूषा और लोक कला को बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। • प्रतिभा प्रदर्शन: प्रतिभागियों ने अपनी कला और अभिनय कौशल के दम पर जजों और दर्शकों को प्रभावित कर ये खिताब अपने नाम किए। सवाल-जवाब 1. ऋतुराज राठौड़ ने कौन सा खिताब जीता है? उन्होंने जयपुर में आयोजित प्रतियोगिता में 'मिस ग्लैम ऑफ बॉलीवुड' का खिताब अपने नाम किया है। 2. यह कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया गया था? यह भव्य कार्यक्रम जयपुर में स्वमित्र कौशल शिक्षा फाउंडेशन और जेकेके के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ था। 3. ऋतुराज राठौड़ मूल रूप से किस जगह से हैं? वह राजस्थान के पाली जिले के इंदरवाड़ा गांव की रहने वाली हैं। 4. उन्होंने किस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है? उन्होंने निर्माता-निर्देशक गजेंद्र सिंह मंडली की हिंदी फिल्म 'बाप बेटी' में मुख्य अभिनेत्री के रूप में अभिनय किया है। 5. इस प्रतियोगिता में अन्य मुख्य विजेता कौन रहे? अभिमन्यु राजपुरोहित ने 'मिस्टर ग्लैम ऑफ बॉलीवुड' और जया शर्मा ने 'मिसेज ग्लैम ऑफ बॉलीवुड' का खिताब जीता। प्रेरणा और सबक ऋतुराज राठौड़ का यह सफर छोटे गांवों से आने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी सीख देता है। • लगातार प्रयास: छोटे क्षेत्र से ताल्लुक रखने के बावजूद अपनी कला को निखारते रहना सफलता की कुंजी है। • मंच का उपयोग: सही समय पर सही प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से पहचान बनाने के अवसर मिलते हैं। • पारंपरिक जड़ों से जुड़ाव: अपनी संस्कृति और लोक परंपराओं को अपनाकर आगे बढ़ना कलाकारों को विशिष्ट बनाता है। https://trendkia.com/rajasthan/pali-ki-beti-rituraj-rathore-ka-jayapura-men-bara-sammana-glaimara-jagata-men-jile-ka-barhaya-mana-31004 TrendKia — Har trend, sabse pehle.