# पाली की हनुमान कॉलोनी में गहराया जल संकट, दस दिन से ठप जलापूर्ति के चलते टैंकरों के सहारे जिंदगी

> पाली के नया हाउसिंग बोर्ड स्थित हनुमान कॉलोनी में पिछले दस दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है, जिससे करीब बीस परिवार बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। गरीब मजदूर परिवारों को अपनी गाढ़ी कमाई पानी के टैंकर मंगवाने में खर्च करनी पड़ रही है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/pali-ki-hanumana-koloni-men-gaharaya-jala-snkata-dasa-dina-se-thapa-jalapurti-ke-chalate-tainkaron-ke-sahare-jindagi-39014 · **Language:** Hindi
**Tags:** पाली समाचार, जल संकट, हनुमान कॉलोनी पाली, पीएचईडी लापरवाही, पेयजल समस्या

पाली शहर में जल जीवन के दावों की जमीनी हकीकत इन दिनों नया हाउसिंग बोर्ड इलाके की हनुमान कॉलोनी में साफ देखी जा सकती है। यहां के बाशिंदे पिछले दस दिनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए बुरी तरह मोहताज हैं। विज्ञापनों और सरकारी दीवारों पर लिखे जाने वाले नारे कि जल ही जीवन है, इस कॉलोनी के परिवारों के लिए मात्र एक उपहास बनकर रह गए हैं। घरों के नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग यानी पीएचईडी के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर स्थिति से पूरी तरह अनजान बने हुए हैं।

## दस दिनों से ठप जलापूर्ति और महंगे टैंकरों की मजबूरी
हनुमान कॉलोनी के इन बीस घरों में बीते दस दिनों से जलापूर्ति का एक बूंद पानी भी नहीं पहुंचा है। सुबह की शुरुआत से लेकर रात ढलने तक, रोजमर्रा के कामों और पीने के पानी के लिए लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं। इस इलाके में ज्यादातर लोग मजदूरी और कड़ी मेहनत करके अपना जीवन बसर करते हैं। इन परिवारों की खून-पसीने की कमाई अब महंगे दामों पर पानी के टैंकर मंगवाने में खर्च हो रही है। इस चिलचिलाती गर्मी के मौसम में पानी का संकट स्थानीय निवासियों के लिए जी का जंजाल बन गया है।

## आखिर क्यों सिर्फ इसी इलाके के घरों तक नहीं पहुंचता पानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह जल संकट कोई अचानक पैदा हुई स्थिति नहीं है, बल्कि यह उनकी पुरानी और लगातार बनी हुई समस्या है। जब भी मुख्य पाइपलाइन से जलापूर्ति शुरू की जाती है, तो आसपास के तमाम इलाकों में पानी सुचारू रूप से पहुंच जाता है, लेकिन हनुमान कॉलोनी के इन बीस से पच्चीस घरों की नलों की टोंटियां बिल्कुल सूखी रहती हैं। जलापूर्ति का प्रेशर बहुत कम होने या फिर पाइपलाइन में किसी तकनीकी खराबी के चलते हर बार यही चुनिंदा परिवार पानी से वंचित रह जाते हैं। इस बारे में कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।

## मजदूर परिवारों पर दोहरी मार और प्रशासन की चुप्पी
इस कॉलोनी में निवास करने वाले अधिकांश लोग श्रमिक वर्ग से ताल्लुक रखते हैं, जो दिनभर मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। पानी की इस भीषण किल्लत ने इन गरीबों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। उनके सामने हर रोज यह धर्मसंकट खड़ा होता है कि वे अपनी मजदूरी करने जाएं या फिर घर के लिए पानी का इंतजाम करें। जब स्थानीय प्रशासन और जलदाय विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी, तो मजबूर होकर इन बेबस लोगों ने कैमरे के सामने हाथ जोड़कर प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द उनके इलाके में पानी की सप्लाई बहाल की जाए।

## प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल
बार-बार की शिकायतों और भीषण हाहाकार के बाद भी जलदाय विभाग की तरफ से दिखाई जा रही यह उदासीनता कई बड़े सवाल खड़े करती है। आखिर क्या वजह है कि शहर के बाकी हिस्सों में पानी पहुंच रहा है और सिर्फ इन्हीं बीस-पच्चीस घरों के हिस्से में सूखा है? स्थानीय लोग अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर प्रशासन कब गहरी नींद से जागेगा और इन गरीब परिवारों को इस विकट जल संकट से राहत दिलाएगा। अधिकारी कब तक इन लोगों की समस्याओं से मुंह फेरे बैठे रहेंगे, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

## इसका आप पर असर
पाली की इस घटना का स्थानीय नागरिकों पर सीधा और गहरा असर पड़ रहा है, जहां गरीब परिवारों को अपनी रोजमर्रा की कमाई का बड़ा हिस्सा पानी खरीदने में गंवाना पड़ रहा है।

- **भारत में:** गर्मियों के मौसम में शहरी इलाकों में पेयजल प्रबंधन की पोल खुलने से आम नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
- **पाली में:** हनुमान कॉलोनी के निवासियों को पिछले दस दिनों से टैंकरों पर निर्भर रहने के कारण भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

## ऐसा क्यों हुआ
हनुमान कॉलोनी में जल संकट मुख्य रूप से मुख्य पाइपलाइन में कम दबाव और तकनीकी खामियों के कारण पैदा हुआ है, जिसे जलदाय विभाग द्वारा समय पर ठीक नहीं किया गया।

- **तकनीकी विफलता:** मुख्य लाइन से जलापूर्ति होने के दौरान पानी का प्रेशर बेहद कम होना इन बीस घरों तक पानी न पहुंचने की मुख्य वजह है।
- **प्रशासनिक उदासीनता:** स्थानीय लोगों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद जलदाय विभाग के अधिकारियों ने इस तकनीकी खामी को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
- **वितरण असंतुलन:** पाइपलाइन नेटवर्क के दोषपूर्ण डिजाइन या मिसमैनेजमेंट के कारण आसपास के इलाकों में पानी पहुंच जाता है जबकि यह विशिष्ट कॉलोनी हर बार वंचित रह जाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. पाली की किस कॉलोनी में पानी की समस्या है?
पाली के नया हाउसिंग बोर्ड स्थित हनुमान कॉलोनी में पानी की गंभीर समस्या है।

### 2. कितने दिनों से पानी की सप्लाई ठप है?
हनुमान कॉलोनी के करीब बीस घरों में पिछले दस दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है।

### 3. इस कॉलोनी के लोग पानी के लिए किस पर निर्भर हैं?
नलों में पानी न आने के कारण लोग महंगे दामों में पानी के टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं।

### 4. इस समस्या के लिए कौन सा विभाग जिम्मेदार है?
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग यानी पीएचईडी इस इलाके में जलापूर्ति के लिए जिम्मेदार है।

### 5. स्थानीय लोगों का क्या कहना है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य लाइन से सप्लाई होने पर भी प्रेशर कम होने के कारण उनके घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता है।

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