पाली में पेट्रोल पंपों पर यूपीआई से भुगतान बंद, डीलर्स एसोसिएशन का बड़ा फैसला पाली जिले के करीब 300 पेट्रोल पंपों पर 10 अक्टूबर की सुबह 5 बजे से यूपीआई भुगतान अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। डीलर्स एसोसिएशन ने मर्चेंट डिस्काउंट रेट और निजी कंपनियों के शुल्कों के विरोध में यह कदम उठाया है। पाली में अगर आप वाहन चलाने के शौकीन हैं और सफर पर निकलने से पहले गाड़ी की टंकी फुल कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके बेहद काम की है। अब से रास्ते में ईंधन भरवाते वक्त आपका ऑनलाइन पेमेंट वाला स्मार्टफोन किसी काम नहीं आने वाला है। पाली में फिलहाल पेट्रोल पंपों पर क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान करने का सिलसिला थम चुका है। ईंधन स्टेशनों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लागू किए जाने के विरोध में पाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने मोर्चा खोलते हुए कड़ा कदम उठाया है। अनिश्चितकालीन बंदी और प्रभावित पंप पाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के आधिकारिक ऐलान के मुताबिक, 10 अक्टूबर की सुबह 5 बजे से जिले के तमाम पेट्रोल पंपों पर यूपीआई के जरिए पैसे लेना पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जब तक डीलर्स की तरफ से उठाई गई मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक यह कड़ा फैसला अनिश्चितकाल तक लागू रहेगा। जिले की सीमा के भीतर आने वाले लगभग 300 पेट्रोल पंपों पर यह नया नियम प्रभावी हो चुका है। ऐसे में वाहन चालकों को अब पेट्रोल या डीजल खरीदने के लिए डिजिटल माध्यमों को छोड़कर या तो सीधे नकद भुगतान करना होगा या फिर पंप पर मौजूद अन्य विकल्पों की तलाश करनी होगी। बिना नकदी के अब गाड़ी की टंकी फुल कराना मुश्किल साबित हो सकता है। एमडीआर और वित्तीय बोझ का विरोध पाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कार्तिकेय श्रोत्रिय ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि देश भर में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को आगे बढ़ाने में पेट्रोल पंप संचालक लंबे समय से सरकार का हाथ बंटाते आए हैं। इसके बावजूद डीलर्स पर एमडीआर का भारी-भरकम आर्थिक दबाव लगातार बना हुआ है। सरकार की तरफ से एमडीआर को पूरी तरह से खत्म नहीं किए जाने के कारण पंप मालिकों में भारी नाराजगी है। अध्यक्ष कार्तिकेय श्रोत्रिय ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक सरकार ईंधन विक्रेताओं पर लगने वाले एमडीआर को पूरी तरह से हटाने को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं करती, तब तक एसोसिएशन अपने इस रुख पर कायम रहेगा। निजी कंपनियों के शुल्कों पर सवालिया निशान एसोसिएशन ने सिर्फ सरकारी नीतियों पर ही नहीं, बल्कि निजी भुगतान कंपनियों यानी प्राइवेट पेमेंट गेटवे की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। डीलर्स का आरोप है कि विभिन्न निजी पेमेंट कंपनियों के माध्यम से होने वाले यूपीआई ट्रांजैक्शन में से पैसे काट लिए जाते हैं और इस कटौती की कोई साफ जानकारी भी संचालकों को नहीं दी जाती है। इस मनमानी के चलते डीलर्स को लगातार वित्तीय नुकसान और असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जिसने इस विरोध को और अधिक तेज कर दिया है। इसका आप पर असर पाली में पेट्रोल पंपों पर यूपीआई भुगतान बंद होने से स्थानीय वाहन चालकों और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। • पाली में: जिले के करीब 300 पेट्रोल पंपों पर ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार नहीं किया जा रहा है, जिससे ईंधन खरीदने के लिए लोगों को केवल नकद राशि पर निर्भर रहना पड़ेगा। • वित्तीय प्रबंधन: वाहन चालकों को अपनी यात्रा के दौरान नकदी की कमी से बचने के लिए पर्याप्त कैश साथ रखना जरूरी हो गया है। • लेन-देन का तरीका: डिजिटल भुगतान का विकल्प बंद होने से तुरंत भुगतान के लिए पारंपरिक मुद्रा का उपयोग ही एकमात्र उपाय बचा है। • व्यापारिक असर: स्थानीय स्तर पर ईंधन विक्रेताओं और ग्राहकों के बीच लेनदेन की प्रक्रिया कुछ समय के लिए काफी प्रभावित हुई है। ऐसा क्यों हुआ पाली में पेट्रोल पंपों पर यूपीआई भुगतान रोके जाने के पीछे मर्चेंट डिस्काउंट रेट और निजी गेटवे कंपनियों के वित्तीय शुल्क मुख्य वजह रहे हैं। • एमडीआर का बोझ: सरकार द्वारा मर्चेंट डिस्काउंट रेट को पूरी तरह समाप्त न किए जाने के कारण डीलर्स पर लगातार भारी आर्थिक दबाव बना हुआ था। • निजी कंपनियों की कटौती: विभिन्न निजी पेमेंट गेटवे के माध्यम से होने वाले लेन-देन में से पैसे काटे जाने और उसकी स्पष्ट जानकारी न मिलने से डीलर्स को नुकसान हो रहा था। • एसोसिएशन का निर्णय: पाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने इन समस्याओं के विरोध में एकजुट होकर अनिश्चितकालीन बंदी का कड़ा रुख अपनाया है। सवाल-जवाब 1. पाली में पेट्रोल पंपों पर यूपीआई भुगतान कब से बंद हुआ है? पाली जिले में 10 अक्टूबर की सुबह 5 बजे से यूपीआई भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। 2. यह फैसला किसने लिया है? यह फैसला पाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन द्वारा लिया गया है। 3. पाली जिले में कितने पेट्रोल पंप इस फैसले से प्रभावित हुए हैं? जिले के लगभग 300 पेट्रोल पंपों पर यह नया नियम लागू किया गया है। 4. डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कौन हैं? पाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कार्तिकेय श्रोत्रिय हैं। 5. भुगतान बंद होने का मुख्य कारण क्या है? मुख्य कारण एमडीआर और निजी पेमेंट कंपनियों द्वारा काटे जाने वाले शुल्कों का विरोध है। https://trendkia.com/rajasthan/pali-me-petrol-pumpon-par-upi-se-bhugtan-band-dealers-association-ka-bada-faisla-48482 TrendKia — Har trend, sabse pehle.