पंचायत चुनावों को लेकर अलवर के रामगढ़ में सख्त नाकाबंदी, पुलिस ने काटे 25 से ज्यादा चालान राजस्थान के अलवर जिले में पंचायत चुनावों की घोषणा के बाद रामगढ़ पुलिस ने रेलवे फाटक के पास सघन चेकिंग अभियान चलाकर 25 से अधिक चालान काटे और संदिग्ध वाहन जब्त किए। राजस्थान के अलवर जिले में पंचायती राज चुनावों का बिगुल बजते ही कानून व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। चुनावी माहौल में असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए रामगढ़ कस्बे में पुलिस बल पूरी तरह सक्रिय नजर आया। शुक्रवार को रेलवे फाटक के समीप सुरक्षाबलों ने कड़ा पहरा बिठाया, जिससे अचानक हुए इस निरीक्षण अभियान के कारण सड़क पर सफर कर रहे वाहन चालकों के बीच हड़कंप मच गया और कई लोग पकड़े जाने के डर से गलियों से रास्ता बदलते दिखाई दिए। तीन घंटे तक चला सघन जांच अभियान यह सघन नाकाबंदी शुक्रवार की शाम 7 बजे शुरू की गई, जो देर रात 10 बजे तक लगातार तीन घंटे तक जारी रही। इस समयावधि में पुलिसकर्मियों ने मुख्य मार्ग से गुजरने वाले हर एक वाहन को रोककर उसकी बारीकी से तलाशी ली। टीम ने विशेष रूप से तेज गति से दौड़ती गाड़ियों और बिना सुरक्षा हेलमेट के सफर कर रहे दोपहिया चालकों को रोककर उनके कागजातों की जांच की। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ मौके पर ही दंडात्मक कार्रवाई की गई। 25 से ज्यादा चालान और संदिग्ध वाहन जब्त इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व रामगढ़ डीएसपी परमेश्वर यादव और थानाधिकारी अजीत सिंह बड़सरा कर रहे थे। अधिकारियों की सीधी निगरानी में पुलिस टीम ने नियमों की अवहेलना करने वाले 25 से अधिक चालकों के तत्काल चालान काटे। जांच के दौरान शराब के नशे में वाहन चलाने वाले लोगों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। इसके अतिरिक्त, जिन वाहनों के दस्तावेज संदिग्ध लगे या जो जांच में संदेहास्पद पाए गए, उन्हें पुलिस ने जब्त कर सीधे थाने भेज दिया। शांति व्यवस्था बनाए रखने की सख्त चेतावनी नाकाबंदी के दौरान मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने चालकों को सख्त हिदायत दी कि वे यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें। प्रशासन की तरफ से स्पष्ट चेतावनी दी गई कि आगामी पंचायत राज चुनावों के दौरान क्षेत्र के अमन और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। डीएसपी परमेश्वर यादव ने स्पष्ट किया कि मुख्य उद्देश्य चुनावों के दौरान शांति कायम रखना और संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाना है। इस अभियान के दौरान एएसआई चंद्रपाल चौधरी, एएसआई समुंदर सिंह मीणा और हेड कांस्टेबल बाबूलाल सहित बड़ी तादाद में पुलिस जवान मौजूद रहे। पुलिस की इस मुस्तैदी से साफ है कि आने वाले दिनों में भी चुनाव को निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में कराने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। इसका आप पर असर अलवर जिले में शुरू हुई इस सख्त पुलिस जांच का सीधा असर आम मुसाफिरों और स्थानीय निवासियों पर पड़ेगा। • अलवर और रामगढ़ में: बिना हेलमेट, जरूरी कागजात या नशे में वाहन चलाने वालों पर भारी जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई तय है। सभी वाहन चालकों को घर से निकलते समय लाइसेंस, प्रदूषण प्रमाणपत्र और गाड़ी के मूल दस्तावेज साथ रखने होंगे। • राजस्थान भर में: पंचायत चुनाव की तिथियां घोषित होते ही अन्य संवेदनशील इलाकों में भी इसी तरह की अचानक नाकाबंदी बढ़ाई जाएगी। किसी भी तरह की कानूनी परेशानी से बचने के लिए यात्रियों को तय गति सीमा और सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। • दैनिक आवागमन पर: शाम के समय प्रमुख चौराहों और रेलवे फाटकों के निकट जांच के चलते यातायात की गति धीमी हो सकती है। जाम से बचने के लिए यात्रियों को अपनी यात्रा तय समय से थोड़ा पहले शुरू करने की सलाह दी जाती है। • चुनावी निगरानी पर: नकदी, शराब या संदिग्ध सामग्री के अवैध परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए चेकिंग आगे भी जारी रहेगी। आम नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ रामगढ़ कस्बे में यह व्यापक नाकाबंदी राजस्थान में पंचायती राज चुनावों के ऐलान के तुरंत बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई। • चुनावी घोषणा का प्रभाव: चुनाव की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू हो जाते हैं। असामाजिक गतिविधियों और अवैध आवाजाही को रोकने के लिए प्रशासन को त्वरित निवारक कदम उठाने पड़ते हैं। • संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी: रेलवे फाटक और मुख्य चौराहे किसी भी कस्बे के प्रमुख प्रवेश द्वार होते हैं। इन स्थानों पर पहरा लगाने से बाहरी संदिग्धों और बिना पंजीकरण वाले वाहनों की आवाजाही पर तुरंत रोक लगती है। • यातायात और अपराध नियंत्रण: चुनावों के दौरान शराब का अवैध वितरण और तेज रफ्तार ड्राइविंग शांति भंग कर सकती है। ड्रंक एंड ड्राइव और तेज रफ्तार पर शिकंजा कसना निवारक पुलिसिंग का एक स्थापित हिस्सा है। सवाल-जवाब 1. रामगढ़ में पुलिस ने यह चेकिंग अभियान क्यों चलाया? पंचायती राज चुनावों की घोषणा के बाद क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह नाकाबंदी की गई। 2. यह नाकाबंदी किस दिन और कितने समय तक चली? यह विशेष चेकिंग अभियान शुक्रवार शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक कुल तीन घंटे तक चला। 3. इस कार्रवाई के दौरान कितने वाहन चालकों के चालान काटे गए? यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 25 से अधिक वाहन चालकों के मौके पर ही चालान काटे गए। 4. चेकिंग अभियान का नेतृत्व किन अधिकारियों ने किया? इस अभियान का नेतृत्व रामगढ़ डीएसपी परमेश्वर यादव और थानाधिकारी अजीत सिंह बड़सरा ने किया। 5. क्या पुलिस ने कोई वाहन भी जब्त किए हैं? हां, जांच के दौरान संदिग्ध पाए गए कई वाहनों को जब्त कर थाने पहुंचाया गया है। https://trendkia.com/rajasthan/panchayat-chunavon-ko-lekar-alwar-ke-ramgarh-me-sakht-nakabandi-police-ne-kate-25-se-jyada-challan-45773 TrendKia — Har trend, sabse pehle.