पावटा में अनियंत्रित होकर गड्ढे में उतरी स्कूल बस, ग्रामीणों ने बचाई मासूमों की जान राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में एक निजी स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार सभी बच्चे सुरक्षित निकाल लिए गए जबकि शराबी चालक मौके से फरार हो गया। राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पावटा क्षेत्र के अंतर्गत सोमवार सुबह एक गंभीर सड़क दुर्घटना होते-होते टल गई। फतेहपुरा खुर्द नदी के समीप विद्यार्थियों को लेकर जा रही एक निजी स्कूल बस बेकाबू होकर मार्ग किनारे स्थित गहरे गड्ढे में जा गिरी। रोजमर्रा की तरह घरों से विद्यालय के लिए रवाना हुए बच्चों के सफर में अचानक यह संकट आ खड़ा हुआ। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी छात्र या स्कूल स्टाफ को गंभीर चोट नहीं पहुंची और सभी सुरक्षित बच गए। इस सुरक्षित बचाव के बाद परिजनों और स्थानीय प्रशासन ने चैन की सांस ली। तेज रफ्तार बनी परेशानी की वजह प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के समय बस की गति बेहद तेज थी। अनियंत्रित वाहन जैसे ही सड़क से उतरकर गड्ढे में धंसा, बस के भीतर अफरा-तफरी मच गई। सहमे हुए मासूम बच्चे घबराहट में जोर-जोर से रोने और मदद की गुहार लगाने लगे। हादसे के बाद मची हलचल और चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों और घरों में मौजूद ग्रामीण तुरंत हरकत में आ गए। ग्रामीणों ने बिना किसी विलंब के मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और बस के अंदर फंसे हर बच्चे को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय निवासियों के तुरंत मौके पर पहुंचने के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। चालक की गैरजिम्मेदारी और परिजनों का रोष इस हादसे के बाद बस चालक के आचरण को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। संकट की घड़ी में बच्चों को सहारा देने के बजाय चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग खड़ा हुआ। बस में मौजूद बड़े छात्रों और ग्रामीणों ने दावा किया कि चालक शराब के नशे में वाहन चला रहा था, जिसके चलते वह मोड़ या गति पर नियंत्रण खो बैठा। मासूमों के जीवन को संकट में पड़ा देखकर अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और लापरवाह चालक के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की मांग करते हुए घटनास्थल पर विरोध शुरू कर दिया। प्रागपुरा पुलिस का हस्तक्षेप और जांच सड़क पर प्रदर्शन और दुर्घटना की सूचना पाकर प्रागपुरा थाना पुलिस का दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने आक्रोशित परिजनों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया और मामले की विस्तृत जानकारी जुटाई। इसके पश्चात एक क्रेन मंगवाकर गड्ढे में फंसी क्षतिग्रस्त बस को बाहर निकलवाया गया और उसे थाने ले जाकर जब्त कर लिया गया। प्रागपुरा पुलिस ने बताया कि फरार चालक के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उसे शीघ्र ही कानून की गिरफ्त में लिया जाएगा। छात्र परिवहन व्यवस्था पर उठे सवाल इस वाकये ने निजी विद्यालयों में संचालित परिवहन साधनों की नियमित निगरानी और बच्चों की यात्रा सुरक्षा पर गहरे प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अभिभावक भारी-भरकम शुल्क चुकाकर बच्चों को स्कूल भेजते हैं, परंतु प्रबंधन द्वारा चालकों की पृष्ठभूमि और आदतों की पड़ताल में ढिलाई बरती जाती है। बच्चों से भरी गाड़ी को नशे की हालत में दौड़ाना बेहद गंभीर मसला है। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्षेत्रीय परिवहन और प्रशासनिक तंत्र द्वारा सभी स्कूल वाहनों का निरीक्षण तथा चालकों की नियमित मेडिकल जांच सुनिश्चित की जानी आवश्यक है। इसका आप पर असर इस घटना से स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें सामने आती हैं। • राजस्थान में: कोटपूतली और आसपास के क्षेत्रों में स्कूल बसों की फिटनेस जांच और निगरानी बढ़ाई जा सकती है। इससे अभिभावक अपने बच्चों के वाहन चालकों के सत्यापन की मांग उठा सकते हैं। • अभिभावकों के लिए: परिजनों को निजी स्कूल परिवहन के चालकों के आचरण और अनुभव की पुष्टि अवश्य करनी चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही दिखने पर तुरंत विद्यालय प्रबंधन या पुलिस को सूचित करें। • स्कूल प्रबंधन पर: निजी शिक्षण संस्थानों को अपने समस्त वाहन चालकों के नियमित स्वास्थ्य और नशा परीक्षण अनिवार्य करने होंगे। मानकों की अनदेखी करने पर स्कूल प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का जोखिम बढ़ जाता है। • स्थानीय प्रशासन के लिए: परिवहन विभाग द्वारा ग्रामीण और कस्बाई मार्गों पर दौड़ने वाली स्कूल बसों की औचक जांच की जा सकती है। इससे अनफिट वाहनों और अयोग्य चालकों पर लगाम लगाने में सहायता मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ यह सड़क दुर्घटना वाहन की अनियंत्रित गति और चालक की कथित लापरवाही के कारण घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और छात्रों ने चालक के शराब के नशे में होने का आरोप लगाया है, जिससे उसका वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा। • सीधा कारण: बस की गति काफी तेज थी और चालक का स्टीयरिंग पर संतुलन नहीं रहा, जिससे गाड़ी सड़क से उतरकर गड्ढे में जा गिरी। • कथित नशा: विद्यार्थियों और ग्रामीणों के अनुसार चालक शराब के प्रभाव में था, जिसने उसकी निर्णय क्षमता और सतर्कता को शून्य कर दिया। • सड़क किनारे का बुनियादी ढांचा: मार्ग के किनारे खुले और गहरे गड्ढे की मौजूदगी के चलते अनियंत्रित होते ही बस सीधे उसमें धंस गई। • जांच की स्थिति: प्रागपुरा पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया है और चालक की गिरफ्तारी के बाद ही आधिकारिक मेडिकल परीक्षण और विस्तृत वजह की पुष्टि हो सकेगी। सवाल-जवाब 1. हादसा किस जगह और कब हुआ? यह दुर्घटना सोमवार सुबह राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पावटा क्षेत्र के फतेहपुरा खुर्द नदी के समीप हुई। 2. क्या किसी बच्चे या स्टाफ को चोट आई है? हादसे में सभी बच्चे और स्कूल स्टाफ पूरी तरह सुरक्षित रहे तथा किसी को गंभीर चोट नहीं आई। 3. दुर्घटना के तुरंत बाद चालक ने क्या किया? चालक बच्चों की मदद करने के बजाय बस छोड़कर घटनास्थल से फरार हो गया। 4. चालक पर क्या गंभीर आरोप लगे हैं? बस में मौजूद बच्चों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चालक शराब के नशे में वाहन चला रहा था। 5. पुलिस ने मामले में क्या कदम उठाया है? प्रागपुरा पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को बाहर निकालकर जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश कर रही है। https://trendkia.com/rajasthan/paota-men-aniyntrita-hokara-gaddhe-men-utari-skula-basa-graminon-ne-bachai-masumon-ki-jana-43079 TrendKia — Har trend, sabse pehle.