# नीट पीजी 2026 पेपर लीक की खबरों पर पीआईबी का बड़ा खुलासा, जयपुर के छात्रों के लिए हुआ री-एग्जाम का ऐलान

> जयपुर के सीतापुरा परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी के बाद उड़ी नीट पीजी 2026 पेपर लीक की अफवाहों को पीआईबी ने खारिज कर दिया है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज ने 2,445 प्रभावित उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-08-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/pib-debunks-neet-pg-2026-paper-leak-rumors-after-jaipur-center-glitches-re-exam-announced-for-2-445-candidates-25102 · **Language:** Hindi
**Tags:** नीट पीजी 2026, पेपर लीक, पीआईबी फैक्ट चेक, जयपुर परीक्षा केंद्र, एनबीईएमएस, री-एग्जाम

नीट पीजी 2026 की परीक्षा संपन्न होने के तुरंत बाद जयपुर के सीतापुरा स्थित केंद्रों पर ભારે हंगामा देखने को मिला था जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पेपर लीक होने का दावा करने वाली खबरें तेजी से फैलने लगीं। हालांकि इस मामले पर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी फैक्ट चेक ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी अफवाहों को भ्रामक करार दिया है। पीआईबी ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि की है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र बिल्कुल लीक नहीं हुआ था और जयपुर के दो परीक्षा केंद्रों पर पैदा हुई असुविधा पूरी तरह से तकनीकी गड़बड़ी तथा आंतरिक बिजली आपूर्ति में आई बाधा के कारण हुई थी।

## एनबीईएमएस ने लिया दोबारा परीक्षा का बड़ा फैसला
इस पूरे घटनाक्रम से प्रभावित होने वाले उम्मीदवारों को राहत देते हुए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज यानी एनबीईएमएस ने कुल 2,445 अभ्यर्थियों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराने का अहम निर्णय लिया है। यह विशेष री-एग्जाम आगामी 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे जयपुर शहर में ही संपन्न कराया जाएगा। इस परीक्षा के सटीक केंद्र और रिपोर्टिंग समय से जुड़ी तमाम जरूरी जानकारियां संबंधित सभी उम्मीदवारों को अलग से आधिकारिक माध्यमों द्वारा भेज दी जाएंगी ताकि उन्हें किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति का सामना न करना पड़े।

## देशभर में इस तरह आयोजित हुई थी मुख्य परीक्षा
राष्ट्रीय स्तर पर नीट पीजी 2026 की मुख्य परीक्षा का आयोजन 30 अगस्त 2026 को निर्धारित किया गया था। इस राष्ट्रव्यापी परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए देश के कुल 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 339 शहरों में कुल 1,111 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इस प्रकिया के तहत कुल 2,73,096 उम्मीदवारों के लिए परीक्षा तय की गई थी जिनमें से 2,65,980 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया और लगभग 2,63,535 उम्मीदवारों की परीक्षा पूरी तरह सफल रही। हालांकि जयपुर के सीतापुरा क्षेत्र में स्थित दो केंद्र जिनके टेस्ट सेंटर नंबर 41682 और 41683 हैं वहां आंतरिक बिजली आपूर्ति ठप होने और तकनीकी खामियों के कारण परीक्षा समय पर पूरी नहीं हो सकी और इन दोनों केंद्रों के कुल 2,445 परीक्षार्थी प्रभावित हुए।

## जयपुर के केंद्रों के भीतर आखिर क्या परिस्थितियां बनी थीं
परीक्षा केंद्रों पर मौजूद रहे अभ्यर्थियों के बयानों के अनुसार परीक्षा तय समय के अनुसार सुबह 9 बजे शुरू होनी थी लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण कई छात्रों का पेपर समय पर शुरू नहीं हो पाया। कुछ कंप्यूटरों पर तो परीक्षा विंडो खुल गई लेकिन अधिकांश सिस्टम पूरी तरह से अनुत्तरदायी बने रहे। उम्मीदवारों ने शिकायत की कि परीक्षा शुरू होने के बाद भी उनके सिस्टम बार-बार बंद होते रहे। कुछ परीक्षार्थियों ने बताया कि जब उनका सिस्टम रिस्टार्ट हुआ तो स्क्रीन पर केवल कुछ ही सवाल दिखाई दिए और उसके तुरंत बाद कंप्यूटर फिर से बंद हो गया। कुछ अभ्यर्थियों का यह भी दावा था कि करीब दो घंटे की समयावधि के दौरान उनकी परीक्षा में लगभग 10 बार रुकावट आई। किसी सिस्टम पर 3 से 4 तो किसी अन्य सिस्टम पर 5 से 6 सवाल आने के बाद बार-बार कंप्यूटर बंद हो जाने की इस स्थिति ने वहां मौजूद सभी डॉक्टरों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी। पीआईबी और एनबीईएमएस ने भी इस बात की पुष्टि की है कि परीक्षा बाधित होने की मूल वजह केवल आंतरिक बिजली आपूर्ति की समस्या ही थी।

## परीक्षा केंद्र के बाहर हुआ जोरदार विरोध प्रदर्शन
परीक्षा के दौरान बार-बार आ रही तकनीकी बाधाओं से त्रस्त होकर उम्मीदवारों ने परीक्षा केंद्र के बाहर इकट्ठा होकर कड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और नाराज छात्रों से बातचीत करके उन्हें शांत करने का प्रयास किया। उम्मीदवारों ने इस दौरान परीक्षा की निष्पक्षता और इस तरह की तकनीकी खराबी के कारण उनके अंतिम परिणामों पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका तर्क था कि नीट पीजी जैसी बेहद प्रतिस्पर्धी परीक्षा में एक-एक नंबर का बहुत अधिक महत्व होता है और रैंक में मामूली सा अंतर भी भविष्य में मेडिकल स्पेशलिटी और पसंदीदा कॉलेज चुनने के विकल्पों को पूरी तरह बदल सकता है। कुछ अभ्यर्थियों ने यह आरोप भी लगाया कि जब उन्होंने इस तकनीकी लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाई और प्रदर्शन जारी रखा तो उन्हें अधिकारियों द्वारा कानूनी कार्रवाई या एफआईआर दर्ज करने की धमकियां दी गईं।

## सोशल मीडिया पर कैसे फैली पेपर लीक की अफवाहें
परीक्षा के दौरान कंप्यूटर अचानक बंद होने, अलग-अलग समय पर सिस्टम चालू होने और कुछ ही सवाल स्क्रीन पर दिखने जैसी घटनाओं के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने की आशंकाओं का बाजार गर्म हो गया। जयपुर केंद्र पर हुई अव्यवस्था से जुड़ी तमाम तस्वीरें और दावे इंटरनेट पर आग की तरह फैल गए जिनमें सीधे तौर पर नीट पीजी 2026 का प्रश्नपत्र लीक होने की बात कही जाने लगी। जब यह मामला काफी तूल पकड़ गया तब पीआईबी फैक्ट चेक ने तुरंत हरकत में आते हुए इन सभी दावों की गहन जांच-पड़ताल की और सोशल मीडिया पर चलाई जा रही पेपर लीक से जुड़ी खबरों को पूरी तरह भ्रामक और असत्य करार दिया।

## पीआईबी और एनबीईएमएस का आधिकारिक रुख
पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे तमाम दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि नीट पीजी परीक्षा का प्रश्नपत्र किसी भी स्तर पर लीक नहीं हुआ है। पीआईबी के अनुसार जयपुर के सीतापुरा केंद्रों पर जो तकनीकी संकट पैदा हुआ था, वह पूरी तरह से आंतरिक बिजली आपूर्ति में आई तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम था। इसके साथ ही अधिकारियों ने सभी उम्मीदवारों को यह सख्त सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी प्रकार की अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर बिल्कुल भरोसा न करें तथा परीक्षा से जुड़ी हर सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही पूरी तरह से निर्भर रहें। एनबीईएमएस ने भी इस अप्रत्याशित तकनीकी बाधा के कारण प्रभावित उम्मीदवारों को हुई भारी मानसिक परेशानी पर गहरा खेद व्यक्त किया है।

## इसका आप पर असर
जयपुर केंद्रों की तकनीकी खराबी और री-एग्जाम के फैसले का सीधा असर परीक्षा देने वाले डॉक्टरों और उनके परिवारों पर पड़ा है।

- **भारत में:** देश भर के मेडिकल उम्मीदवारों के लिए यह घटना ऑनलाइन और कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के बुनियादी ढांचे पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। परीक्षा प्रणाली से जुड़ी एजेंसियों को भविष्य में ऐसी तकनीकी खामियों से बचने के लिए सुरक्षा और सर्वर क्षमता को मजबूत करना होगा।
- **जयपुर में:** सीतापुरा के दोनों प्रभावित केंद्रों के 2,445 उम्मीदवारों को अब 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे दोबारा परीक्षा में शामिल होना होगा। इन छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए अतिरिक्त मानसिक तनाव और यात्रा की नई व्यवस्था का सामना करना पड़ेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. नीट पीजी 2026 की परीक्षा किस तारीख को आयोजित की गई थी?
नीट पीजी 2026 की मुख्य परीक्षा देशभर में 30 अगस्त 2026 को आयोजित की गई थी।

### 2. जयपुर में किन परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या आई थी?
जयपुर के सीतापुरा स्थित दो केंद्रों पर तकनीकी समस्या आई थी जिनके टेस्ट सेंटर नंबर 41682 और 41683 हैं।

### 3. कितने उम्मीदवार इस तकनीकी गड़बड़ी से प्रभावित हुए थे?
जयपुर के दोनों केंद्रों पर तकनीकी खराबी के कारण कुल 2,445 उम्मीदवार प्रभावित हुए थे।

### 4. पेपर लीक की खबरों पर किस एजेंसी ने स्पष्टीकरण दिया है?
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी फैक्ट चेक ने पेपर लीक की खबरों को खारिज करते हुए उन्हें भ्रामक बताया है।

### 5. प्रभावित उम्मीदवारों की दोबारा परीक्षा कब और कहां होगी?
प्रभावित 2,445 उम्मीदवारों की दोबारा परीक्षा 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे जयपुर में आयोजित की जाएगी।

### 6. परीक्षा बाधित होने का असली कारण क्या बताया गया है?
अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा बाधित होने का मुख्य कारण परीक्षा केंद्रों की आंतरिक बिजली आपूर्ति में आई गड़बड़ी थी।

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